भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है। इस आगामी सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जिसमें पहला मुकाबला रविवार को तिरुवनंतपुरम के मैदान पर खेला जाएगा। इस बीच एक ऐसा खिलाड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसने अपने शुरुआती छह वनडे मैचों में ही दो बार शतकीय पारी खेली है, लेकिन इसके बावजूद उसे शुरुआती एकादश से बाहर बैठना पड़ सकता है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल हैं, जिनकी टीम की अंतिम ग्यारह में जगह बनती नजर नहीं आ रही है।
छोटे करियर में दो शतक
यशस्वी जायसवाल ने इसी साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के साथ अपना वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद से लेकर अब तक लगभग डेढ़ साल के लंबे अंतराल में उन्हें केवल छह वनडे मुकाबले खेलने का ही अवसर मिला है। इस छोटे से अंतराल में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 285 रन बनाए हैं, जिसमें दो शानदार शतक भी शामिल हैं। हालांकि इतने बेहतरीन आंकड़ों और शानदार फॉर्म के बावजूद उनकी जगह रविवार को होने वाले वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मुकाबले के लिए शुरुआती ग्यारह में बनती हुई दिखाई नहीं दे रही है। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उनका पत्ता कटता नजर आ रहा है।
शीर्ष क्रम के खिलाड़ियों की स्थिति
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इस श्रृंखला के लिए रोहित शर्मा को भी टीम में चुना गया है। इसके चलते ऐसी पूरी संभावना है कि कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करने के लिए मैदान पर उतरेंगे। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आने की उम्मीद है। वहीं मध्य क्रम में चौथे स्थान पर रुतुराज गायकवाड को मौका मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इन स्थापित खिलाड़ियों की उपस्थिति के कारण यशस्वी जायसवाल के लिए टॉप ऑर्डर में कोई भी खाली जगह नजर नहीं आ रही है।
यशस्वी जायसवाल और रुतुराज गायकवाड के बीच मुकाबला
यशस्वी जायसवाल एक विशुद्ध ओपनर हैं और उन्होंने चाहे टेस्ट क्रिकेट हो या फिर टी20 प्रारूप, हर जगह हमेशा पारी का आगाज ही किया है। टीम का शीर्ष क्रम चार नंबर तक पूरी तरह से सेट दिखाई दे रहा है, ऐसे में उन्हें निचले क्रम यानी पांचवें नंबर पर उतारने का कोई औचित्य नहीं बनता है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है, तो फिर रुतुराज गायकवाड को बाहर बैठना पड़ेगा क्योंकि शुरुआती तीन स्थान पहले से ही भरे हुए हैं। यह बिल्कुल तय माना जा रहा है कि इन दोनों खिलाड़ियों में से केवल किसी एक को ही अंतिम ग्यारह में मौका मिल पाएगा, जबकि रुतुराज गायकवाड भी मुख्य रूप से एक ओपनर ही हैं लेकिन जगह न होने के कारण उन्हें चौथे स्थान पर आना पड़ रहा है।
छोटे फॉर्मेट में लगातार संघर्ष
भारतीय टीम के लिए यशस्वी जायसवाल टेस्ट क्रिकेट तो लगातार खेल रहे हैं और वहां उनकी जगह पक्की है, लेकिन वनडे और टी20 इंटरनेशनल जैसे सीमित ओवरों के प्रारूपों में अभी तक उनकी स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो पाई है। जहां वे टेस्ट में 31 मुकाबले खेल चुके हैं, वहीं छोटे प्रारूप यानी टी20 इंटरनेशनल में उन्हें अब तक केवल 23 मैच खेलने का ही मौका मिल पाया है। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी भारतीय टीम के भीतर ओपनिंग को लेकर भारी मारामारी और जबरदस्त जंग चल रही है, जिसमें भी वे कई बार पीछे छूटते हुए दिखाई देते हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या इस पूरी श्रृंखला के तीन मैचों में से एक में भी यशस्वी जायसवाल को अंतिम एकादश का हिस्सा बनने का मौका मिलता है या फिर उन्हें पूरी सीरीज के दौरान बेंच पर ही समय बिताना पड़ेगा।

















