कर्नाटक के बेंगलुरु में पारिवारिक कलह के चलते हत्या की एक खौफनाक वारदात सामने आई है। शहर के संपिगेहल्ली इलाके में एक खाली पड़े भूखंड की सफाई के दौरान सड़ी-गली हालत में महिला का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाया। मामले की गहराई से पड़ताल करने पर पता चला कि महिला की जान किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति ने ही ली थी। नगर निगम की ओर से खाली जमीन को साफ रखने और लापरवाही पर जुर्माने के नए नियम के तहत जब जमीन मालिक ने लेबर लगाकर सफाई शुरू करवाई, तब झाड़ियों और कचरे के बीच दबा यह शव अचानक सामने आ गया।
खाली जमीन पर सफाई के दौरान खुला राज
संपिगेहल्ली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले MS नगर के अग्रहारा लेआउट में मौजूद एक खाली प्लॉट के मालिक ने सफाई का काम शुरू करवाया था। जब मजदूर कचरा हटा रहे थे, तो उन्हें वहां क्षत-विक्षत हालत में एक अनजान महिला का शव दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना तुरंत जमीन के मालिक ने संपिगेहल्ली पुलिस को दी। सूचना पाते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच का दायरा बढ़ाया। उस समय तक शव की पहचान कर पाना लगभग नामुमकिन था, क्योंकि हत्या के 20 दिन बाद बरामद होने के कारण आवारा कुत्तों ने शव को बुरी तरह नोच डाला था और उसे इधर-उधर घसीट दिया था। पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने खुद ही शव के अंतिम संस्कार का प्रबंध किया।
ओडिशा से भागकर बेंगलुरु आए थे दोनों
जांच में सामने आया कि ओडिशा का रहने वाला सागर चंद अपनी पत्नी अनुसूया के साथ काम की तलाश में बेंगलुरु आया हुआ था। दोनों ने लगभग 2 साल पहले प्रेम विवाह किया था। यह शादी अनुसूया के परिवार वालों की मर्जी के खिलाफ हुई थी और परिजनों की नाराजगी तथा विरोध से बचने के लिए दोनों किसी को बिना कुछ बताए शहर छोड़कर सीधे बेंगलुरु आ गए थे। अनुसूया के मायके वालों को दोनों की शादी की कोई भनक तक नहीं थी और उन्हें इस वैवाहिक रिश्ते की जानकारी तब हुई, जब पुलिस ने युवती की मौत की खबर उन तक पहुंचाई। बेंगलुरु में दोनों अलग-अलग होटलों में काम करके अपना गुजारा चला रहे थे। पति सागर चंद एक होटल में किचन सुपरवाइजर के पद पर तैनात था।
वेतन को लेकर झगड़ा और खौफनाक कदम
वैवाहिक जीवन में पिछले कुछ समय से पैसों की तंगी और आमदनी को लेकर लगातार तनाव बना रहता था। अनुसूया अक्सर अपने पति के काम करने वाले होटल में पहुंच जाती थी और उसके वेतन को लेकर विवाद खड़ा करती थी। 11 अगस्त को भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर जोरदार तकरार हुई, जिसके बाद वे अपने कमरे पर लौटे। घर पहुंचने पर यह झगड़ा शांत होने के बजाय और ज्यादा उग्र हो गया। तीखी नोकझोंक के बीच गुस्से में आकर सागर चंद ने अपनी पत्नी का गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही उसकी सांसें थम गईं।
तीन दिन तक शव के पास रहा, फिर ठिकाने लगाया
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी के सिर पर कोई पछतावा नहीं दिखा। वह लगातार तीन दिनों तक अपनी मृत पत्नी की लाश के साथ उसी कमरे में सामान्य रूप से रहता रहा। तीन दिन बीत जाने के बाद, जब बदबू फैलने लगी, तो उसने शव को बिस्तर की चादरों में लपेटा और पास ही स्थित एक खाली पड़े प्लॉट में ले जाकर फेंक दिया। इसके बाद भी वह शहर छोड़कर नहीं भागा। वह चार-पांच दिनों तक लगातार उस सुनसान इलाके के आसपास चक्कर काटता रहा ताकि यह देख सके कि कोई उस लावारिस जगह की तरफ तो नहीं जा रहा है या किसी को शव के बारे में पता तो नहीं चला। आरोपी इसके बाद भी अपने होटल में रोजाना की तरह सामान्य रूप से ड्यूटी करता रहा।
कपड़े के टैग से कातिल तक पहुंची पुलिस
पुलिस को मौके से मिले शव पर एक शॉपिंग मॉल के कपड़ों का टैग बरामद हुआ। जांच अधिकारियों ने उस टैग के जरिए संबंधित मॉल में जाकर पड़ताल की, जहां से अनुसूया के संपर्क सूत्र और पहचान से जुड़ी अहम जानकारी हाथ लगी। इसके बाद पुलिस ने उसके पति के कार्यस्थल यानी होटल में जाकर कर्मचारियों से बातचीत की, जिससे दोनों के बीच वेतन को लेकर होने वाले रोज-रोज के झगड़ों की पुष्टि हुई। संपिगेहल्ली पुलिस ने तत्काल सागर चंद को हिरासत में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे पत्नी की हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।


















