कर्नाटक की आर्थिक राजधानी बेंगलुरु से एक बड़ी और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां आसमान में उड़ान भर रहे एक यात्री विमान में सुरक्षा को लेकर भारी अफरातफरी मच गई। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक सेवा को बीच रास्ते से ही वापस मोड़ना पड़ा और आनन-फानन में उसकी सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। विमान के भीतर एक धमकी भरा नोट मिलने के बाद चालक दल और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे।
यह पूरी घटना शनिवार 7 नवंबर 2026 की है, जब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विमान ने बेंगलुरु के टर्मिनल-1 से उड़ान भरी थी। उड़ान संख्या 6E-451 अभी हवा में ही थी कि विमान के भीतर मौजूद केबिन क्रू का ध्यान एक संदिग्ध वस्तु पर गया। टॉयलेट के अंदर हाथ से लिखा हुआ एक कागज का टुकड़ा बरामद हुआ, जिसमें विमान को अपहृत किए जाने की चेतावनी दर्ज थी। इस हस्तलिखित नोट में अंग्रेजी या स्थानीय शैली में एक गंभीर अल्टीमेटम दिया गया था, जिससे विमान के भीतर तुरंत हड़कंप मच गया।
नोट मिलने की भनक लगते ही क्रू सदस्यों ने बिना किसी देरी के विमान के कैप्टन को इस बात की सूचना दी। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क साधा और विमान को वापस बेंगलुरु के हवाई अड्डे पर उतारने की अनुमति मांगी। सुरक्षा मानकों और यात्रियों की जान की हिफाजत को प्राथमिकता देते हुए हवाई अड्डा प्राधिकरण ने तुरंत पूर्ण आपातकाल घोषित कर दिया, जिससे कि विमान को प्राथमिकता के आधार पर जमीन पर वापस लाया जा सके।
जैसे ही विमान सुरक्षित रूप से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, उसे तुरंत एक आइसोलेटेड बे यानी अलग-थलग जगह पर ले जाया गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के जवानों ने फौरन पूरे विमान को अपने घेरे में ले लिया। सभी यात्रियों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनके सामान की भी बारीकी से जांच शुरू की गई। सुरक्षा बलों ने डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल टीम की मदद से विमान के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली।
फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि यह आपत्तिजनक नोट विमान के टॉयलेट तक आखिर कैसे पहुंचा और इसे किसने लिखा था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों की सूची खंगाली जा रही है। इस घटना के बाद से विमानन सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा से निपटा जा सके।


















