जीवन की राहें कई बार इंसान को ऐसी दिशा में मोड़ देती हैं जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होती है। एक सामान्य इंसान जब अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है और हर तरफ से उसे निराशा मिलती है, तब कई बार उसका धैर्य जवाब दे जाता है। ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसमें एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति अपनी विफलताओं के कारण अपराध की दुनिया में उतर गया। अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने की जद्दोजहद में वह कर्ज के बोझ तले इस तरह दबा कि उसने चोरी का रास्ता चुन लिया। मुंबई पुलिस ने इस व्यक्ति को एक ज्वेलरी शोरूम से सोने की चेन चुराने के मामले में आखिरकार दबोच लिया है।
बिहार से दिल्ली तक का सफर और सिविल सेवा का लक्ष्य
इस पूरे मामले के केंद्र में सतीश कुमार कृष्णप्रसाद केसरी नाम का 42 वर्षीय व्यक्ति है। मूल रूप से बिहार का रहने वाला यह शख्स कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुका है। बेहतर भविष्य की तलाश में वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आया था। यहां आकर उसने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यानी सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और प्रशासनिक सेवा में जाने का ख्वाब देखा। अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए वह साथ-साथ छोटे-मोटे काम भी करता रहा। हालांकि, तमाम कोशिशों और कड़ी मेहनत के बावजूद उसे सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपनी किस्मत आजमाने के लिए लोकप्रिय टेलीविजन क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का रुख किया, जहां महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट तक पहुंचने की उसकी हसरत अधूरी रह गई और वह शुरुआती चरण से ही बाहर हो गया।
कारोबार में भारी घाटा और बढ़ता कर्ज का बोझ
टेलीविजन शो में नाकामी मिलने के बाद इस शख्स ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर टूर एंड ट्रैवल का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। इस काम को आगे बढ़ाने के लिए उसने कर्ज लेकर चार से पांच नई गाड़ियां खरीदीं। इन वाहनों को ओला और उबर जैसे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ दिया गया ताकि नियमित आमदनी हो सके। दुर्भाग्य से यह बिजनेस भी मुनाफे की बजाय घाटे में चला गया। आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और उस पर कर्ज का पहाड़ खड़ा हो गया। जब चारों तरफ से रास्ते बंद नजर आए और देनदारियों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया, तब उसने शॉर्टकट अपनाते हुए अपराध की दुनिया का रुख कर लिया और कीमती सामान चुराने की योजना बनाई।
ज्वेलरी शोरूम में ग्राहक बनकर की वारदात
योजना के तहत वह आभूषण की दुकानों पर एक साधारण ग्राहक के रूप में जाता था और दुकान के कर्मचारियों को गहने दिखाने के लिए कहता था। मौका मिलते ही वह आभूषण लेकर वहां से रफूचक्कर हो जाता था। इसी रणनीति के तहत उसने 15 नवंबर 2025 को मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में स्थित पद्मावती ज्वेलर्स को निशाना बनाया। वह दुकान के अंदर गया और कर्मचारियों से सोने की चेन दिखाने की मांग की। जैसे ही कर्मचारियों ने उसे गहने दिखाए, वह 43.2 ग्राम वजन की सोने की चेन लेकर वहां से भाग निकला। इस चुराई गई चेन की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई थी।
फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और पुलिस की तकनीकी जांच
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कानून की पकड़ से बचने के लिए शातिर तरीके अपनाए। मुंबई में ठहरने के लिए उसने जिस हॉस्टल का इस्तेमाल किया था, वहां अपनी पहचान छिपाने के वास्ते कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड जमा कराया। इसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर लिया ताकि सुरक्षा एजेंसियां उसकी लोकेशन ट्रैक न कर सकें। लेकिन कांदिवली पुलिस ने हार नहीं मानी और दुकान के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने एक नए सक्रिय मोबाइल नंबर का सुराग लगाया। इसी डिजिटल सुराग के सहारे मुंबई पुलिस दिल्ली के उत्तम नगर इलाके तक जा पहुंची और 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में अन्य वारदातों का भी हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कांदिवली की दुकान में चोरी करने की बात कबूल कर ली। इसके अलावा उसने मुंबई के ही दिंडोशी क्षेत्र में इसी तरह की एक अन्य चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता का भी पर्दाफाश किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई वह सोने की चेन भी बरामद कर ली है जिसे उसने ज्वेलरी शोरूम से उड़ाया था। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और अधिकारी इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि उसने इसी मॉड्यूल का इस्तेमाल करके शहर की अन्य दुकानों को भी तो निशाना नहीं बनाया था।



















