अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में बंद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कुख्यात शूटर हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर को वतन वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि केंद्रीय जांच ब्यूरो के लिए उसे भारत लाना एक जटिल और लंबी कानूनी लड़ाई साबित होने वाली है। अमेरिका में प्रत्यर्पण से जुड़े नियम बेहद कड़े और समय लेने वाले होते हैं, जिसके चलते इस पूरी कार्रवाई में महीनों का वक्त लग सकता है।
इमिग्रेशन उल्लंघन के तहत कार्रवाई और अदालती प्रक्रिया
अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल इस अपराधी को किसी भारतीय आपराधिक मुकदमे के आधार पर नहीं बल्कि वीजा या इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आरोप में दबोचा है। अमेरिका की इमिग्रेशन अदालत में सबसे पहले इसी मामले की सुनवाई पूरी होगी, जिसके बाद ही भारतीय पक्ष की तरफ से प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। अमेरिकी कानूनों के तहत आरोपी को अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने और फैसलों के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील करने का पूरा अधिकार मिलता है। यदि वह शरण या अन्य कानूनी पैंतरेबाजी का सहारा लेता है, तो वापसी की यह समयसीमा और भी लंबी खिंच सकती है।
मजबूत डोजियर तैयार करने की बड़ी चुनौती
भारत की तरफ से अमेरिकी प्रशासन के सामने एक पुख्ता प्रत्यर्पण डोजियर पेश करना अनिवार्य होगा। इस फाइल में राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और मुंबई जैसे कई राज्यों में दर्ज एफआईआर, चार्जशीट, अदालत में पेश किए गए दस्तावेज और अन्य ठोस सुबूतों को शामिल किया जाना है। इसमें आरोपी की आवाज के नमूने और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट भी जोड़ी जाएंगी ताकि उसका गुनाह साबित किया जा सके। चूंकि ये मुकदमे देश के अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने दर्ज किए हैं, इसलिए तमाम ब्योरों को जुटाकर एक समन्वित और पुख्ता फाइल तैयार करना सीबीआई के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच जैसी प्रमुख एजेंसियां इस सिलसिले में अपने पास मौजूद सभी दस्तावेज और जानकारियां केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप रही हैं। जब तक अमेरिकी अदालत से इस प्रत्यर्पण को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक आरोपी को भारत की जमीन पर लाना संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए हिरासत में होने के बावजूद उसकी वापसी तत्काल होने की कोई उम्मीद नहीं है।
कई राज्यों में फैले हैं गंभीर अपराध के मामले
हरिचंद जाट के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में हत्या, जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली जैसी गंभीर धाराओं में तमाम मुकदमे दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह समुद्र पार अमेरिका में बैठकर इस सिंडिकेट की गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था और गिरोह के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उस पर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी लेने का भी आरोप है। इस सनसनीखेज हमले के बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म जगत से जुड़े लोगों को निशाना बनाते हुए धमकियां भी दी थीं।



















