इसमें कोई दोराय नहीं है कि केला सेहत के लिए बहुत गुणकारी होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फल खाने के बाद बचा हुआ छिलका भी बालों की देखभाल में बेहद काम आ सकता है? आमतौर पर लोग केले के छिलके को कचरा समझकर बाहर फेंक देते हैं। हालांकि, इसकी मदद से घर पर ही एक आसान हेयर रिंस या टॉनिक तैयार किया जा सकता है। इस घरेलू नुस्खे को आजमाने के लिए आपको अपनी जेब पर ज्यादा जोर डालने की आवश्यकता नहीं है और न ही किसी महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट को खरीदने की जरूरत है। यदि आपके बाल भी रूखे और बेजान हो चुके हैं, तो आप इसे अपने नियमित हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।
केले के छिलके से हेयर टॉनिक बनाने की पूरी विधि
इस असरदार हेयर टॉनिक को तैयार करना बेहद आसान है। सबसे पहले आपको दो ताजे केले के छिलके लेने होंगे और उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धोना होगा ताकि किसी भी तरह की धूल या गंदगी निकल जाए। इसके बाद इन छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब एक पैन में लगभग 2 कप पानी डालें और उसमें कटे हुए केले के छिलके मिला दें। इस मिश्रण को धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। जब पानी में छिलकों के पोषक तत्व आ जाएं, तो गैस बंद कर दें और इस पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इस पानी को छानकर किसी साफ स्प्रे बोतल में भर लें। यदि आप चाहें तो इसमें अच्छी खुशबू के लिए गुलाब जल की कुछ बूंदें भी मिला सकती हैं।
बालों पर टॉनिक लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां
इस तैयार किए गए टॉनिक को शैंपू करने के बाद बालों की लंबाई पर थोड़ी मात्रा में लगाना चाहिए। इसे लगाने के कुछ मिनट बाद साफ पानी से बालों को धो लें। हालांकि, यदि आपकी स्कैल्प संवेदनशील है, तो इस घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। यदि आपको किसी भी तरह की खुजली, जलन या लालिमा महसूस हो, तो इस टॉनिक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसके अलावा, इस पानी को एलोवेरा जेल या दही से बने हेयर मास्क में भी थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को बालों की लंबाई पर लगाएं और कुछ देर बाद बालों को अच्छी तरह धो लें।
स्टोर करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
चूंकि इस नेचुरल टॉनिक में किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए इसकी शेल्फ लाइफ बहुत कम होती है। इसे हमेशा किसी साफ बोतल में भरकर फ्रिज के अंदर ही रखना चाहिए। इस हेयर टॉनिक का इस्तेमाल आपको 24 से 48 घंटे के भीतर ही कर लेना चाहिए। यदि इस पानी में से किसी तरह की बदबू आने लगे, इसका रंग बदल जाए या इसमें फफूंदी दिखाई देने लगे, तो बिना देरी किए इसे तुरंत फेंक देना समझदारी होगी।

















