पंजाब पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से सुरक्षित देश वापस बुला लिया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मिशन को अंजाम दिया है, जिसके चलते पिछले दस महीनों से फरार चल रहा यह वांटेड आखिरकार शिकंजे में आ गया है। दिल्ली के हवाई अड्डे पर विमान से उतरते ही उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया और अब उसे सड़क मार्ग से राज्य के अन्य ठिकाने पर ले जाया जा रहा है।
कौन है गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी और क्या है उसका आपराधिक रिकॉर्ड
यह कुख्यात शख्सियत डोनी बल और प्रभ दासूवाल गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर कुल पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था और उसके ऊपर तीस से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। लंबे अरसे से कानून की पकड़ से दूर रहने वाला यह शख्स देश से बाहर बैठकर ही अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार साल 2025 में लखनऊ से एक फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाकर वह भारत की सीमाओं से भाग निकला था और सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात जा पहुंचा था।
दस महीने लंबा अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग अभियान
इस वांटेड को पकड़ने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो की सहायता ली गई और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवाया गया था। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती हुई सुगबुगाहट और लगातार निगरानी के कारण आरोपी ने अपनी लोकेशन बार-बार बदली। वह अप्रैल 2026 में कीनिया पहुंच गया और उसके बाद नवंबर के महीने में इथियोपिया शिफ्ट हो गया। अंततः अफ्रीकी धरती पर उसकी सटीक मौजूदगी का पता चल गया और स्थानीय सहयोग से उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफ्रीकी देश से पंजाब पुलिस द्वारा किसी वांटेड को वापस लाने का यह पहला सफल प्रयास है।
राज्य में गिरोहों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध की दुनिया से जुड़ने वाले तत्वों को यह चेतावनी है कि वे कानून के हाथ से बच नहीं सकते, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं। उन्होंने युवा पीढ़ी से भी आग्रह किया है कि वे हथियार और अपराध संस्कृति का रास्ता तुरंत त्याग दें। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक कुल तेरह आरोपियों को विदेश से वापस लाया जा चुका है और विभिन्न अपराधियों के खिलाफ पच्चीस रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
हजारों गिरफ्तारियां और हथियारों का जखीरा बरामद
अप्रैल 2022 के बाद से राज्यभर में आपराधिक गिरोहों के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने के लिए बड़े पैमाने पर धरपकड़ की गई है। इस अवधि के दौरान पुलिस ने तीन हजार तीन सौ से अधिक गिरफ्तारियां की हैं और लगभग एक हजार दो सौ से ज्यादा गिरोहों के मॉड्यूल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कानून प्रवर्तन दलों ने ढाई हजार से अधिक हथियार और सात सौ से ज्यादा वाहन भी जब्त किए हैं। प्रशासन का दावा है कि संगठित अपराध का पूरी तरह सफाया करने के लिए यह निगरानी अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।



















