त्योहार के इस उल्लासपूर्ण माहौल के बीच ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को एक विशेष निगरानी अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम का मुख्य लक्ष्य शहरभर में अवैध रूप से बाइक रेसिंग करने वालों तथा खतरनाक स्टंट दिखाने वाले हुड़दंगियों पर लगाम कसना है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर या जोखिम भरे करतब दिखाकर आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में तैनात की गईं विशेष टीमें
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए पुलिस ने शहर की तमाम प्रमुख सड़कों, मुख्य मार्गों और उन इलाकों में विशेष टुकड़ियां तैनात की हैं जहां अक्सर युवाओं के जुटने की आशंका बनी रहती है। इन सभी चुनिंदा स्थानों पर पूरे दिन कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि यातायात नियमों को तोड़ने वालों की तुरंत पहचान की जा सके और उन पर समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा के लिए 18 हजार कर्मियों का कड़ा पहरा
यह विशेष अभियान त्योहारी सीजन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों का एक अहम हिस्सा है। इस दौरान शहर में अमन-चैन बनाए रखने, ट्रैफिक को नियंत्रित करने और नागरिकों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए करीब 18 हजार पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है। ग्रेटर चेन्नई के पुलिस आयुक्त ए. अमलराज ने तमाम संबंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सड़क हादसों को रोकने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियंत्रण रखने और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।
बाजारों और वाणिज्यिक केंद्रों पर बढ़ाई गई चौकसी
इस वृहद सुरक्षा तंत्र में शहर पुलिस की विभिन्न शाखाओं के साथ-साथ आर्म्ड रिजर्व, तमिलनाडु स्पेशल पुलिस और होमगार्ड के जवान भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खासकर प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। टी. नगर और पुरसाईवलकम जैसे अत्यधिक व्यस्त इलाकों में त्योहारी खरीदारी के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
यातात नियंत्रण और अग्निशमन विभाग का समन्वय
पुलिस की विशेष टीमें शहर के तमाम मुख्य चौराहों और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक की आवाजाही पर लगातार नजर रखे हुए हैं ताकि वाहनों का संचालन निर्बाध रूप से चलता रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके। इसके अलावा, सुरक्षा प्रबंधों को और पुख्ता करने के लिए पुलिस प्रशासन ने पटाखों की दुकानों और अन्य संवेदनशील स्थलों के संबंध में तमिलनाडु अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग के साथ मिलकर आपसी समन्वय स्थापित किया है।
पटाखों के लिए तय समय सीमा का पालन जरूरी
आम जनता को उच्चतम न्यायालय के आदेशों और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। निर्धारित नियमों के मुताबिक, दीपावली के दिन केवल सुबह छह से सात बजे और शाम को सात से आठ बजे के बीच ही पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। पुलिस की तरफ से नागरिकों से लगातार यह अपील की जा रही है कि वे तय समय के दायरे से बाहर जाकर पटाखे न जलाएं और किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आग लगने की घटना से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें।
युवाओं के लिए विशेष चेतावनी
प्रशासन की ओर से युवाओं को खासतौर पर यह सलाह दी गई है कि वे बाइक रेसिंग, अत्यधिक रफ्तार और जोखिम भरे स्टंटबाजी से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्व के इन दिनों में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती का यह दौर लगातार जारी रहेगा ताकि शहरवासी पूरी शांति और सुरक्षित माहौल में अपने परिवार के साथ दीपावली का आनंद ले सकें।



















