राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ उपखंड क्षेत्र में स्थित केलवाड़ा थाना अंतर्गत माचड़ा गांव में देर रात हथियारबंद बदमाशों ने एक घर पर धावा बोलकर भीषण डकैती को अंजाम दिया। अज्ञात हमलावरों ने सबसे पहले दरवाजा खटखटाकर पीने के लिए पानी मांगा, लेकिन गृहस्वामी द्वारा दरवाजा खोलने में हिचकिचाहट दिखाने पर वे जबरन दरवाजा तोड़ते हुए भीतर घुस गए। मकान के भीतर दाखिल होते ही हमलावरों ने असलहे निकालकर सभी सदस्यों को जान से मारने का खौफ दिखाया और उन्हें एक कमरे में बंद कर घर का सारा कीमती सामान समेट लिया। वारदात के आठ दिन से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है, जिससे समूचे ग्रामीण इलाके में गहरा रोष फैल गया है।
पानी मांगने का नाटक कर जबरन घर में घुसे बदमाश
यह सनसनीखेज वाकया देर रात उस वक्त पेश आया जब माचड़ा गांव का यह परिवार अपने घर में सोने की तैयारी में था। उसी दौरान मुख्य दरवाजे पर दस्तक हुई और बाहर खड़े अज्ञात लोगों ने आवाज लगाकर पीने का पानी मांगा। देर रात अनजान लोगों की आवाज सुनकर परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने दरवाजा खोलने से साफ मना कर दिया। परिवार का यह इनकार सुनते ही बाहर खड़े तीन से चार बदमाशों के तेवर बदल गए। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए दरवाजे पर जोरदार धक्का मारा और कुंडी तोड़कर सीधे घर के भीतरी हिस्से में आ धमके। अचानक घर के आंगन में कई अजनबियों को खड़ा देखकर परिवार के सभी लोग हक्के-बक्के रह गए।
पिस्तौल और धारदार हथियारों के दम पर बनाया बंधक
मकान की चौखट पार करते ही इन बदमाशों ने अपनी जेबों और कमर से पिस्तौल तथा नुकीले धारदार हथियार निकाल लिए। उन्होंने परिवार के तमाम सदस्यों की तरफ हथियार तानते हुए सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी ने जरा सी भी चीख-पुकार मचाई या शोर करने का प्रयास किया, तो उसे फौरन गोली मार दी जाएगी। इस खौफनाक धमकी से डरे-सहमे परिजनों को हमलावरों ने पूरी तरह अपने काबू में कर लिया। इसके बाद बदमाशों ने सभी को एक कमरे में धकेल दिया और बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें बंधक बना दिया, ताकि कोई भी बाहर निकलकर पड़ोसियों को आगाह न कर सके।
अलमारियों के ताले तोड़े, नकदी और जेवरात लेकर चंपत
घर के सदस्यों को कमरे में कैद करने के उपरांत बदमाशों ने इत्मीनान से पूरे मकान की तलाशी ली। उन्होंने कमरों में रखी अलमारियों और लोहे की तिजोरियों के ताले एक-एक कर तोड़ डाले। इन तिजोरियों में रखी मोटी नकदी के अलावा परिवार द्वारा सहेज कर रखे गए लाखों रुपये मूल्य के सोने और चांदी के तमाम आभूषण बदमाशों ने अपने थैलों में भर लिए। लूट को अंजाम देने के बाद उन्होंने परिजनों के सभी महंगे मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, जिससे कि तुरंत किसी पुलिस अधिकारी या सगे-संबंधियों को सूचना न दी जा सके। सारा कीमती सामान लूटने के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। काफी मशक्कत के बाद जब पीड़ितों ने खुद को कमरे से बाहर निकाला, तब जाकर पड़ोसियों और पुलिस को इस बड़ी वारदात की जानकारी दी जा सकी।
आठ दिन बीतने पर भी केलवाड़ा पुलिस की गिरफ्त से दूर आरोपी
इस पूरे मामले में ग्रामीणों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह पुलिस का सुस्त रवैया है। डकैती की इस भीषण घटना को बीते आठ दिन से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन केलवाड़ा थाना पुलिस अब तक किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जांच एजेंसियों के पास बदमाशों का कोई ठोस सुराग नहीं है और न ही किसी संदिग्ध की धरपकड़ हो सकी है। अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीण खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
राजसमंद में अपराधों की बढ़ती रफ्तार से ग्रामीणों में रोष
राजसमंद के ग्रामीण अंचलों में हाल के दिनों में चोरी, सेंधमारी और डकैती की घटनाओं में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है। लगातार घट रही आपराधिक वारदातों के कारण लोगों में भय का वातावरण गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस की रात्रि गश्त कमजोर होने के कारण ही बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे रिहायशी बस्तियों में घुसकर बेखौफ लूटपाट कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग को तुरंत तेज किया जाए और माचड़ा गांव में डकैती डालने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर लूटा गया माल बरामद किया जाए।



















