कर्नाटक के हावेरी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 70,000 रुपये के कर्ज पर समय से ब्याज न चुका पाने के कारण एक युवक को चार दिनों तक बंधक बनाकर भयंकर यातनाएं दी गईं। आरोपियों ने प्रताड़ना की सभी हदें पार करते हुए पीड़ित के साथ अमानवीय हरकतें कीं। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के चंगुल से किसी तरह छूटकर आए पीड़ित ने थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बेकरी में काम करने वाले युवक को बनाया गया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रताड़ना का शिकार होने वाले युवक की पहचान मणिकंठ हलवल्ली के रूप में हुई है, जो इलाके की एक बेकरी में नौकरी करता था। यह पूरी वीभत्स घटना हावेरी जिले के शिगगांव तालुक के अंतर्गत आने वाले बंकापुर कस्बे की है। मणिकंठ ने अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ लोगों से 70,000 रुपये उधार लिए थे, जिसके एवज में वह लगातार हर महीने 1,500 से 2,000 रुपये तक का ब्याज चुका रहा था। इसके अलावा तय शर्तों के मुताबिक उसे साप्ताहिक आधार पर भी ब्याज की रकम चुकानी पड़ती थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से आर्थिक तंगी या किसी अन्य वजह से वह यह रकम अदा नहीं कर पा रहा था।
अपहरण कर चार दिनों तक दी गई अमानवीय यातनाएं
पुलिस ने दर्ज की गई प्राथमिकी के हवाले से बताया कि यह घटना 16 अक्टूबर की है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से मणिकंठ को एक सुनसान जगह पर दबोच लिया और उसका अपहरण कर लिया। उसे एक अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके हाथ-पैर कसकर बांध दिए गए थे। आरोपियों ने उसे लगातार चार दिनों तक कैद में रखकर बेरहमी से पीटा। पिटाई के लिए लकड़ी के भारी लट्ठों और प्लास्टिक के पाइपों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही उसे सिगरेट से दागकर जलाया गया और उसके साथ ऐसी अमानवीय हरकतें की गईं, जिन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। जांच में यह भी सामने आया है कि इस दौरान उसके मुंह में पेशाब तक डाला गया।
चंगुल से भागकर थाने पहुंचा पीड़ित और पुलिस कार्रवाई
लगातार चार दिनों तक नरक जैसी यातनाएं सहने के बाद आखिरकार 20 अक्टूबर को मणिकंठ आरोपियों की पकड़ से भाग निकलने में कामयाब हो गया। वहां से सीधे पुलिस के पास पहुंचकर उसने अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि आरोपियों के साथ उसकी कोई पुरानी या व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, बल्कि यह पूरा विवाद सिर्फ और सिर्फ कर्ज और बकाया ब्याज की रकम को लेकर था।
चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, अस्पताल में इलाज जारी
इस गंभीर मामले में पुलिस ने मंजुनाथ कट्टी, नवीन हनगल, गणेश स्वाधि और सुनील कट्टी को नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस की टीमें अब सभी आरोपियों की संलिप्तता, उनकी व्यक्तिगत भूमिका और अपहरण तथा मारपीट से जुड़ी तमाम परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही हैं। दूसरी ओर, गंभीर रूप से घायल और मानसिक सदमे में पहुंचे मणिकंठ को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी खुलासे होने की उम्मीद है।


















