बिहार की राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी थाना क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ 6 महीने की गर्भवती 22 वर्षीय विवाहिता मुंदरी देवी की उनके ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद अपराध के साक्ष्यों को पूरी तरह मिटाने की नीयत से शव को घर के पीछे से बहती दरधा नदी के सुनसान किनारे पर ले जाकर चोरी-छिपे जला दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही देर रात मौके पर पहुंची मसौढ़ी थाना पुलिस ने नदी किनारे जल रही चिता को बुझाया और वहां से मृतका के शरीर के 6 जले हुए अवशेष बरामद किए। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद ससुराल पक्ष के तमाम लोग मकान के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़कर मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस ने बरामद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
मामले का पूरा विवरण और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतका की पहचान धनरूआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ओरियारा गांव के रहने वाले स्वर्गीय सीताराम रविदास की 22 वर्षीय बेटी मुंदरी देवी के रूप में की गई है। मुंदरी देवी की शादी 8 जून 2026 को मसौढ़ी थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी योगेंद्र रविदास के 24 वर्षीय बेटे सत्येंद्र दास के साथ संपन्न हुई थी। शादी के बाद से ही मुंदरी देवी अपने ससुराल दरियापुर में रह रही थीं। उनके पति सत्येंद्र दास गुजरात राज्य के दामन शहर में एक निजी संस्थान में मजदूरी का काम करते हैं। शादी के कुछ ही समय बाद मुंदरी देवी गर्भवती हुईं और घटना के समय वह 6 माह के गर्भ से थीं।
रक्षाबंधन पर घर वापसी और उत्पीड़न की शुरुआत
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर सत्येंद्र दास गुजरात के दामन से अपने घर दरियापुर वापस आया था। वह अपनी पत्नी मुंदरी देवी को भी मायके से वापस अपने साथ ससुराल लेकर आया था। मृतका के भाई अजय कुमार ने बताया कि जब रक्षाबंधन के समय उनकी बहन ससुराल पहुंची थी, तब शुरुआती कुछ दिनों तक ससुराल पक्ष के लोगों ने दोनों का काफी मान-सम्मान किया और अच्छे से रखा। हालांकि, यह अपनापन और मान-सम्मान बहुत दिनों तक नहीं टिक सका। जल्द ही ससुराल वालों का रवैया बदलने लगा और मुंदरी देवी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
भाई का गंभीर आरोप: 4 लाख रुपये दहेज के लिए हुई हत्या
मृतका के भाई अजय कुमार ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए उनकी बहन की जान लेने का सीधा आरोप लगाया है। अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात को उनके पास ससुराल पक्ष या किसी माध्यम से यह सूचना भेजी गई कि उनकी बहन मुंदरी देवी की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। बहन की अस्वस्थता की खबर मिलते ही अजय कुमार और उनके परिवार के लोग घबरा गए और देर रात ही तुरंत ओरियारा से रवाना होकर अपनी बहन के ससुराल दरियापुर पहुंचे।
जब अजय कुमार और उनके रिश्तेदार दरियापुर स्थित ससुराल के घर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। घर के मुख्य दरवाजे पर बड़ा ताला लटक रहा था और अंदर कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। आसपास के पड़ोसियों और स्थानीय ग्रामीणों से जब पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि मुंदरी देवी की हत्या कर दी गई है और उसके शव को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से घर के ठीक पीछे स्थित दरधा नदी के पास ले जाकर जलाया जा रहा है।
दरधा नदी के किनारे जलती चिता और पुलिस की कार्रवाई
यह सनसनीखेज जानकारी मिलते ही अजय कुमार और उनके परिजन बदहवास हालत में दौड़ते हुए घर के पीछे दरधा नदी के तट पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि नदी किनारे एकांत जगह पर मुंदरी देवी के शव की चिता धधक रही थी। अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि जिस जगह पर शव को जलाया जा रहा था, वह कोई सार्वजनिक श्मशान या पारंपरिक शवदाह स्थल नहीं था। ससुराल वालों ने पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से और चोरी-छिपे अपराध को छिपाने के लिए नदी के सुनसान किनारे को चुना था ताकि किसी को हत्या का पता न चल सके।
घटना की सूचना मसौढ़ी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और सबसे पहले जलती हुई चिता की आग को बुझाया। इसके बाद पुलिस ने सावधानीपूर्वक चिता की राख और अधजले हिस्सों से शरीर के लगभग 6 अवशेष सुरक्षित बरामद किए। पुलिस ने इन सभी 6 जले हुए अवशेषों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और फोरेंसिक जांच हेतु पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
दहेज प्रताड़ना और साक्ष्य मिटाने का संगीन आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि मुंदरी देवी 6 महीने की गर्भवती थीं, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों के दिल में जरा भी दया नहीं आई। अजय कुमार का आरोप है कि सास, ससुर योगेंद्र रविदास, देवर और परिवार के अन्य सदस्यों ने एक राय होकर योजनाबद्ध तरीके से पहले मुंदरी देवी की हत्या की। हत्या के बाद कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच से बचने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव को नदी किनारे जला दिया गया ताकि हत्या से जुड़े तमाम भौतिक साक्ष्य हमेशा के लिए नष्ट हो जाएं।
परिजनों का यह भी कहना है कि शादी के तुरंत बाद से ही पति सत्येंद्र दास, ससुर योगेंद्र रविदास, सास और देवर द्वारा लगातार 4 लाख रुपये नकद दहेज की मांग की जा रही थी। मायके वालों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे 4 लाख रुपये की इस भारी-भरकम रकम को पूरा कर पाते। मांग पूरी न होने के कारण मुंदरी देवी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और आखिरकार इसी 4 लाख रुपये के दहेज के चक्कर में उनकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।
फरार आरोपियों की तलाश और पुलिस अधिकारी का बयान
वारदात को अंजाम देने और साक्ष्य मिटाने के प्रयास के बाद से ही मृतका के पति सत्येंद्र दास, ससुर योगेंद्र रविदास, सास और देवर समेत ससुराल पक्ष के सभी लोग घर बंद करके गांव से फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने गांव में छापेमारी की, लेकिन मकान पर ताला लगा हुआ पाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मसौढ़ी पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीपीओ) राघव दयाल ने स्थिति की जानकारी दी। एसडीपीओ राघव दयाल ने बताया कि विवाहिता के चिता से बरामद 6 अधजले अवशेषों को जब्त कर पोस्टमार्टम जांच के लिए भेजा गया है। मृतका के मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत दहेज हत्या (डाउरी डेथ) का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के सटीक कारणों और हत्या के तरीके का पूरा ब्यौरा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस की अलग-अलग टीमें घटनास्थल का बारीक मुआयना कर रही हैं, आसपास के ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।



















