महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के नजदीक स्थित एक धार्मिक स्थल को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया ने इस संबंध में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी एमएमआरडीए ने इस संरचना को हटाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई की मूल सांस्कृतिक पहचान को सुनियोजित तरीके से बदलने का प्रयास किया जा रहा है और इस प्रकार के अवैध निर्माण उसी साज़िश का हिस्सा हैं।
एक बातचीत के दौरान किरीट सोमैया ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि महानगर में सुनियोजित साजिश के तहत डेमोग्राफी बदलने की कोशिश चल रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पहले बांद्रा रेलवे टर्मिनस के आसपास भी अवैध रूप से घुसपैठिए आकर बस गए थे और अब एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के बेहद करीब एक अवैध मस्जिद खड़ी कर दी गई है। उनके मुताबिक इस ढांचे के भीतर आधुनिक सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया है, जिसमें 12 एयर कंडीशनर और 30 पानी के नल तक लगाए गए हैं, जो इसकी भव्यता और बड़े पैमाने पर हुए निर्माण को दर्शाते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर आवाज उठाने की बात कहते हुए उन्होंने बताया कि उनकी आपत्ति के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक्शन लिया गया है। महाराष्ट्र सरकार के अंतर्गत आने वाले मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को इस संबंध में चेतावनी जारी कर दी है। प्राधिकरण ने अपनी जांच में इस धार्मिक स्थल को पूरी तरह अवैध करार दिया है और स्पष्ट किया है कि इसके निर्माण के लिए किसी भी तरह की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते इसे तुरंत प्रभाव से हटाने का फरमान जारी किया गया है।
मामले की गंभीरता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पत्र साझा करते हुए किरीट सोमैया ने अपनी बात को और मजबूती से रखा। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने संबंधित प्रशासनिक निकायों से इस अवैध ढांचे के निर्माण में संलिप्त ट्रस्टियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज करने की औपचारिक मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की जमीनों पर कब्जे की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भाजपा नेता ने इस पूरी गतिविधि को एक बड़े खतरे से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की अवैध मजारों, कब्रों या मस्जिदों के नाम पर संवेदनशील इलाकों में सुनियोजित तरीके से ज़मीन कब्जाने का खेल खेला जा रहा है, जिसे वे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से पुलिस जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
इस पूरे विवाद के बीच उन्होंने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोलने से परहेज नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ और सिर्फ कुछ वोटों के खातिर देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता को भी ताक पर रखने से विपक्षी दल बाज नहीं आते हैं। उनका यह बयान आने वाले दिनों में राज्य के राजनीतिक गलियारों में और अधिक हलचल पैदा कर सकता है, क्योंकि प्रशासनिक आदेश के बाद अब देखना यह होगा कि इस अवैध ढांचे को गिराने की कार्रवाई को जमीन पर कब और कैसे अमलीजामा पहनाया जाता है।



















