बाबर आजम बने पाकिस्तानी क्रिकेट की सबसे बड़ी उलझन, चार साल से नहीं आया शतकब्रिटिश पाउंड में मजबूती, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी निवेशकों की निगाहेंदूध को उबालकर फ्रिज में रखने के बाद भी क्यों हो जाता है खराब, जानिए सही तरीकारेडियम में तेज उछाल के साथ ट्रेंड रिवर्सल के संकेत, टोकन बायबैक और नेटवर्क ग्रोथ से कीमतों को मिला सहाराविष्णुदेव साय कैबिनेट का बड़ा कदम: सरकारी कर्मचारियों के लिए आयु सीमा बढ़ी, छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 33 उद्यमिता केंद्रसीकर और बीकानेर के युवाओं ने छेड़ी जंग, मिलावट के खिलाफ 700 किमी पैदल चलकर दिल्ली पहुंचेगी यात्राबालों के काले, भूरे और सुनहरे होने के पीछे क्या है विज्ञान? जानिए क्यों दुनिया में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं काले बालक्या एसी का वेस्ट पानी पौधों में डालना सही है? जानिए इसके फायदे और नुकसानलाल और सफेद ड्रैगन फ्रूट में क्या है अंतर, सेहत के लिए कौन सा है सबसे ज्यादा फायदेमंदघर पर ऐसे तैयार करें हलवाई जैसी दानेदार मिल्क केक, जानें सही रेसिपी
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई धमाके के दोषी अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की याचिका खारिजअपराध
10 सित॰ 2026, 11:08 am (1 घंटे पहले)· 3

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मुंबई धमाके के दोषी अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद उसका जेल से बाहर आने का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी ठहराए गए कुख्यात गैंगस्टर अबू सलेम को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उसकी समय से पहले रिहाई की मांग वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसके चलते उसके फिलहाल जेल से बाहर आने की सभी उम्मीदें खत्म हो गई हैं। अबू सलेम ने अपनी 25 साल की सजा पूरी होने का दावा करते हुए जल्दी रिहाई की गुहार लगाई थी, जिसे देश की शीर्ष अदालत ने नामंजूर कर दिया है।

अदालत में क्या रहा कानूनी संघर्ष

गैंगस्टर अबू सलेम ने अपनी सजा की अवधि पूरी होने का हवाला देते हुए समय से पहले रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उसकी उम्रकैद की सजा में छूट और जल्दी रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके अलावा, निचली अदालत और टाडा कोर्ट के तर्कों को भी आधार बनाया गया था जिसके तहत जुर्माना भरने या कानूनी शर्तों को पूरा करने की बात सामने आई थी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और महाराष्ट्र सरकार ने लगातार उसकी रिहाई का कड़ा विरोध किया था।

ये भी पढ़ें

सरकार और जांच एजेंसियों का पक्ष

सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार और जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि अबू सलेम एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का अपराधी है और उसके खिलाफ बेहद गंभीर मामले दर्ज हैं। सरकार ने यह भी आशंका जताई थी कि यदि उसे पेरोल या रिहाई मिलती है, तो वह दोबारा फरार हो सकता है या कानून की गिरफ्त से दूर भागने की कोशिश कर सकता है। प्रशासन ने टाडा कोर्ट के हवाले से यह भी स्पष्ट किया था कि तय जुर्माना राशि भरे बिना उसकी रिहाई कानूनी रूप से संभव नहीं है।

1993 के मुंबई धमाकों का मामला

अबू सलेम 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं और आरोपियों में शामिल है। इन धमाकों ने देश की आर्थिक राजधानी को दहला कर रख दिया था जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी और भारी तबाही हुई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया, प्रत्यर्पण और मुकदमों के बाद उसे अदालत ने दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी। समय-समय पर उसने अपनी सजा में छूट या पैरोल के लिए याचिकाएं दाखिल की हैं, लेकिन अदालतों ने हर बार उसकी गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए राहत देने से इनकार किया है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम की किस याचिका को खारिज किया है?
सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम की समय से पहले रिहाई और सजा में छूट की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
अबू सलेम किस मामले में सजा काट रहा है?
अबू सलेम 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
अबू सलेम ने रिहाई के लिए क्या तर्क दिया था?
उसने अपनी 25 साल की सजा पूरी होने का दावा करते हुए समय से पहले रिहाई की मांग की थी।
किस अदालत ने इससे पहले उसकी याचिका ठुकराई थी?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इससे पहले अबू सलेम की उम्रकैद की सजा में छूट और जल्दी रिहाई की अर्जी खारिज कर दी थी।
सरकार और एजेंसियों ने उसकी रिहाई का विरोध क्यों किया?
सरकार और जांच एजेंसियों ने उसके अंतरराष्ट्रीय अपराधी होने और बाहर आने पर दोबारा फरार होने की आशंका जताई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR