महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंतर्गत आने वाले कळवण तालुका के पिंपळे खुर्द गांव से अंधविश्वास और ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तथाकथित आध्यात्मिक गुरु और उसके सहयोगियों ने लोगों को रातोंरात अमीर बनाने का लालच दिया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। जालसाजों ने मुंबई के कुछ परिवारों को अपना निशाना बनाया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि गुप्त पूजा के जरिए उनके निवेश को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।
इस धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी हिराचंद बर्डे और उसके छह साथियों ने मिलकर पीड़ितों के सामने 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बरसाने का प्रस्ताव रखा था। इस खेल की शुरुआत बेहद छोटे स्तर पर की गई थी, जहां शुरुआत में प्रत्येक व्यक्ति से एक हजार रुपये लिए गए और उन्हें दो लाख रुपये मिलने का झांसा दिया गया। इस तरह का लालच देकर आरोपियों ने अलग-अलग पांच लोगों से कुल दस लाख पचपन हजार रुपये की रकम वसूल ली।
चमत्कार के नाम पर नारियल में धमाका और नकली नोटों की बोरियां
लोगों को अपने जाल में पूरी तरह फंसाने के लिए आरोपियों ने तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा का नाटक रचा। इस अनुष्ठान के दौरान उन्होंने एक नारियल के अंदर विस्फोट कर दिखाया और इसे किसी दैवीय चमत्कार के रूप में पेश किया। इसके बाद पीड़ितों का विश्वास पूरी तरह जीत लिया गया और उन्हें यह कहकर शांत कर दिया गया कि अब उनके घर में तीन करोड़ रुपये बरसने वाले हैं। ठगी की अगली कड़ी में इन लोगों को एक बोरी थमाई गई जिसमें नकली नोट भरे हुए थे और सख्त हिदायत दी गई कि इस बोरी को पूरे सात दिनों तक किसी भी हालत में खोला नहीं जाए।
जब पीड़ित परिवार ने तयशुदा सात दिन बीत जाने के बाद उस बोरी को खोला, तो उनके होश उड़ गए। ऊपरी सतह पर कुछ असली नोट रखे गए थे ताकि किसी को तुरंत शक न हो, लेकिन जैसे ही बंडल की परतों को खोला गया तो अंदर के सारे नोट पूरी तरह नकली निकले। जब ठगी का यह सच सामने आया और पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने के लिए इन जालसाजों से संपर्क किया, तो उन्हें जान से मारने और गायब करने की धमकियां दी जाने लगीं।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की मदद से पुलिस की कार्रवाई
अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद पीड़ित लोग मदद की गुहार लगाने के लिए महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के पास पहुंचे। इस संस्था के सक्रिय सहयोग से अभोणा पुलिस थाने में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हिराचंद बर्डे समेत उसके छह अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ जादूटोना विरोधी कानून के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत गंभीर मामले दर्ज किए हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने संयुक्त रूप से ऐसे अन्य लोगों से भी आगे आने की अपील की है जो इसी प्रकार के झांसों या ठगी का शिकार हुए हैं, ताकि वे सीधे अभोणा पुलिस स्टेशन या संगठन के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर सकें।



















