राजस्थान के जोधपुर शहर में सक्रिय अंतरराज्यीय सिकलीगर गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए माता का थान थाना पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया गिरोह चोरी की गाड़ियों का इस्तेमाल कर रिहाइशी इलाकों में बंद मकानों की रेकी करता था और फिर नकबजनी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों से दो मोटरसाइकिल चुराने और चार मकानों के ताले तोड़कर सामान पार करने का जुर्म कबूल किया है।
भदवासिया में हुई बाइक चोरी से खुला पूरा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत 24 अगस्त को हुई थी, जब भदवासिया इलाके के रहने वाले अनिल मौर्य ने माता का थान थाने में अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। अनिल मौर्य के अनुसार, सुबह करीब 5:38 बजे उनके घर के बाहर खड़ी बाइक का ताला तोड़कर तीन अज्ञात युवक उसे चुरा ले गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास की दुकानों व रिहाइशी इमारतों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। CCTV कैमरों की जांच में पुलिस को तीन संदिग्ध युवक बाइक चुराते हुए साफ दिखाई दिए।
होटलों और धर्मशालाओं में चेकिंग के बाद हत्थे चढ़े आरोपी
कैमरों से मिली फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपियों के हुलिए की पहचान की और उनकी तलाश तेज कर दी। पुलिस टीमों ने जोधपुर शहर के प्रमुख होटलों, सरायों और धर्मशालाओं में विशेष जांच अभियान चलाया। इस सघन तलाशी के दौरान पुलिस को मध्य प्रदेश के धार जिले से आए तीन संदिग्ध युवकों की मौजूदगी का सुराग मिला। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लिया और थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की। पकड़े गए बदमाशों की पहचान 28 वर्षीय रोमी सिकलीगर, 30 वर्षीय बादलसिंह और 26 वर्षीय विनोदसिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के धार जिले के निवासी हैं।
रेकी करने के लिए अपनाते थे अनोखा तरीका
पुलिस पूछताछ में सिकलीगर गैंग के काम करने के तरीके का हैरान करने वाला खुलासा हुआ। आरोपी किसी भी नए शहर में पहुंचकर सबसे पहले किसी सुनसान जगह से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। इसके बाद उसी चोरी की बाइक पर सवार होकर वे शहर के शांत और एकांत रिहाइशी इलाकों में घूमते थे तथा उन मकानों को चिन्हित करते थे जहां ताले लटके होते थे। मौका मिलते ही बदमाश मकान का ताला तोड़कर कीमती सामान और नकदी समेट लेते थे। चोरी के बाद पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपी उस बाइक को किसी सुनसान जगह पर लावारिस छोड़ देते थे और तुरंत किसी दूसरे शहर के लिए रवाना हो जाते थे, जिससे पुलिस उन तक न पहुंच सके।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है पुलिस
सिकलीगर गैंग के इन तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद माता का थान थाना पुलिस अब इनसे शहर में हाल के दिनों में हुई वाहन चोरी और नकबजनी की अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य साथियों और कई पुरानी अनसुलझी चोरियों का खुलासा हो सकता है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और राजस्थान व मध्य प्रदेश में फैले उनके नेटवर्क की भी गहनता से जांच कर रही है।



















