उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में लगातार आठ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। श्रीनगर थाना क्षेत्र के सिजहरी गांव में तेज बरसात की वजह से एक कच्चा मकान अचानक जमींदोज हो गया। इस भयावह दुर्घटना में मकान के मलबे के नीचे दबने से एक बुजुर्ग पति-पत्नी की मौत हो गई। वहीं, घटना के वक्त घर में मौजूद तीन मासूम बच्चों और एक महिला को ग्रामीणों ने समय रहते बाहर निकालकर सुरक्षित बचा लिया है।
आठ घंटे की बारिश के बाद ढहा कच्चा मकान
सिजहरी गांव के रहने वाले 80 वर्षीय चतुरा कुशवाहा उर्फ चतुर्भुज अपनी 75 वर्षीया पत्नी बुदिया और अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ एक कच्चे मकान में निवास कर रहे थे। क्षेत्र में बुधवार को करीब आठ घंटे तक बिना रुके जोरदार बारिश होती रही। मूसलाधार पानी गिरने के कारण मकान की मोरंग मिट्टी से बनी दीवारें धीरे-धीरे नमी सोखकर कमजोर होती चली गईं। आखिरकार दोपहर में पूरा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा और पल भर में पूरा आशियाना मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
ग्रामीणों ने की त्वरित कार्रवाई, चार लोगों को बचाया
मकान ढहने की तेज आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जब पड़ोसियों को पता चला कि परिवार के कई सदस्य मलबे में दब चुके हैं, तो उन्होंने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत करके मलबे को हटाया और तीन बच्चों तथा एक महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि, बुजुर्ग दंपत्ति मलबे के नीचे काफी गहराई में फंसे रह गए थे, जिस वजह से उन्हें बाहर निकालने में काफी अधिक समय लग गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
दुर्घटना की सूचना पाकर पुलिस बल और एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने राहत कार्य जारी रखा और काफी प्रयासों के बाद चतुरा कुशवाहा और उनकी पत्नी बुदिया को मलबे से बाहर निकाला गया। दोनों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बुजुर्गों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम की लहर दौड़ गई।
मानसून में कच्चे मकानों पर मंडराता खतरा
ग्रामीण अंचलों में लगातार होने वाली बारिश के कारण मिट्टी और मोरंग से बने कमजोर कच्चे मकानों के गिरने का जोखिम अत्यधिक बढ़ जाता है। महोबा की यह घटना एक बार फिर ऐसे जर्जर निर्माणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के चलते ऐसे हादसे देखने को मिले थे। अमरोहा जिले में छत का लिंटर गिरने से महिला और बच्चे समेत तीन लोगों की जान चली गई थी और छह अन्य घायल हो गए थे। इसके अलावा मुजफ्फरनगर जिले में बारिश के कारण कच्चा मकान ढह जाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी।





















