महाराष्ट्र के पालघर जिले में कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण कराने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने की एक गंभीर घटना सामने आई है। यह मामला पालघर के मोखाडा तहसील स्थित वाकडपाड़ा गांव का है, जहां 21 अगस्त की दोपहर को एक समूह द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इस घटना को लेकर 18 वर्षीय एक स्थानीय छात्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 22 महिलाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
मोखाडा पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी अजित साबले ने बताया कि कानून के तहत उचित कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299, जो जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है, और धारा 3(5), जो साझा मंशा को दर्शाती है, के तहत मामला दर्ज किया है। इस प्राथमिकी में कुल 22 महिलाओं को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में दो मुख्य संदिग्ध महिलाओं की पहचान की गई है। इनमें से एक मुख्य आरोपी 46 वर्षीय सत्यवती बालकृष्ण कुंचे है, जो ठाणे जिले के उल्हासनगर की रहने वाली है। वहीं दूसरी मुख्य आरोपी कुसुम शिवराम कांबडी है, जो वाकडपाड़ा क्षेत्र की ही स्थानीय निवासी बताई जा रही है।
मुफ्त धार्मिक पुस्तकें देने और प्रलोभन देने का आरोप
पीड़ित 18 वर्षीय छात्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शुक्रवार की दोपहर आरोपी महिलाओं की एक टोली उसके घर पहुंची थी। मुख्य आरोपी सत्यवती बालकृष्ण कुंचे ने छात्र को 'न्यू टेस्टामेंट' सहित कुछ धार्मिक पुस्तकें मुफ्त में देने की पेशकश की। इसके साथ ही दावा किया गया कि इन धार्मिक पुस्तकों का नियमित पाठ करने से सभी प्रकार की शारीरिक बीमारियां ठीक हो जाएंगी और व्यक्ति हमेशा रोगों से सुरक्षित रहेगा। जब शिकायतकर्ता छात्र ने उन धार्मिक पुस्तकों को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो आरोपी महिला ने कथित तौर पर हिंदू देवी देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना शुरू कर दिया। आरोपी महिलाओं ने छात्र पर अपने पारंपरिक देवी देवताओं की पूजा बंद करने और ईसाई धर्म अपनाने का लगातार दबाव बनाया। उन्होंने पीड़ित परिवार से कहा कि यदि वे अपना मूल धर्म छोड़कर नया धर्म अपना लेंगे तो उनकी जीवन की सभी परेशानियां और दुख तुरंत समाप्त हो जाएंगे।
स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और हैदराबाद से जुड़े तार
छात्र द्वारा इस दबाव का विरोध करने के बाद, उसने तुरंत इस घटना की सूचना गांव के अन्य लोगों को दी। शिकायतकर्ता ने स्थानीय ग्रामीण मिलिंद जोले और अन्य ग्रामीणों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई और उन्होंने धर्म परिवर्तन का प्रयास कर रही महिलाओं के समूह को मौके पर ही रोक लिया और पुलिस को सूचित किया। मोखाडा पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक अजित साबले ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश से पता चला है कि ये महिलाएं स्थानीय आरोपी कुसुम शिवराम कांबडी के संपर्कों के माध्यम से हैदराबाद शहर से बुलाई गई थीं। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत और गहन जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।



















