गुवाहाटी में अधिकारियों ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान के तहत नागालैंड और बिहार के बीच हथियारों की अवैध तस्करी से जुड़े मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को दबोच लिया है। यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं।
सारण जिले से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए शख्स की पहचान करमुल्लाह के रूप में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, उसे शनिवार को बिहार के सारण जिले से पकड़ा गया। जांच एजेंसियों को लंबे समय से उसकी तलाश थी क्योंकि वह इस मामले में नाम आने के बाद से ही लगातार छुपता फिर रहा था और जांच से बच रहा था।
क्या था हथियारों की तस्करी का पूरा षड्यंत्र
जांच एजेंसी के अनुसार, करमुल्लाह ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी। इस साजिश के तहत नागालैंड से अत्याधुनिक और प्रतिबंधित बोर के हथियार तस्करी करके बिहार लाए जा रहे थे। इस गैरकानूनी गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को खतरे में डालना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा करना था।
मुजफ्फरपुर से शुरू हुआ था पूरा मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब बिहार पुलिस ने इस संबंध में 7 मई 2024 को फकुली पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने मुजफ्फरपुर में मुर्घाटिया पुल के पास से लेंस लगी एक एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस शुरुआती बरामदगी के बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था।
एनआईए ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई। केंद्रीय एजेंसी ने इस नेटवर्क के हर एक कोने की पड़ताल शुरू की। जांच आगे बढ़ने के बाद एजेंसी ने पिछले साल 8 मई को चार आरोपियों—विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी—के खिलाफ अपनी पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद एजेंसी ने इस साल 20 फरवरी को मंजूर खान के खिलाफ दूसरी पूरक चार्जशीट अदालत में पेश की।
लगातार हो रही हैं गिरफ्तारियां और खुलासे
जांच के दायरे को बढ़ाते हुए एजेंसी ने 15 अप्रैल को एक अन्य आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ तीसरी पूरक चार्जशीट दायर की। इसके अलावा, मामले से जुड़े एक अन्य वांछित आरोपी भैरव त्रिपाठी को भी एजेंसी ने मुजफ्फरपुर से 19 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। अब करमुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जांच और तेज कर दी गई है।



















