राजस्थान के चिकित्सा महकमे की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। बीकानेर के प्रतिष्ठित पीबीएम अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद एक प्रसूता की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज के दौरान भारी लापरवाही बरतने का सीधा और गंभीर इल्जाम लगाया है। परिवार वालों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया चूरू जिले के सरदारशहर इलाके से जुड़ा हुआ है। वहां के रहने वाले आनंद मीणा ने अपनी पत्नी अनुपमा मीणा को प्रसव पीड़ा के बाद 11 अगस्त के रोज बीकानेर के इस बड़े अस्पताल में दाखिल कराया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा अनुपमा को प्रसूति विभाग की जानी-मानी सीनियर डॉक्टर कमलेश यादव की यूनिट के अंतर्गत एडमिट किया गया था। परिजनों के बताए मुताबिक, अस्पताल में उपचार के दौरान अनुपमा ने एक पूरी तरह स्वस्थ शिशु को सामान्य यानी नॉर्मल डिलीवरी के माध्यम से जन्म दिया था। शुरुआती दौर में सब कुछ बिल्कुल ठीक और सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन बच्चे के जन्म के कुछ ही देर बाद अचानक से जच्चा की तबीयत काफी तेजी से बिगड़ने लगी।
सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति और अनदेखी के आरोप
इस पूरी त्रासदी के बाद मृतका के पति आनंद मीणा ने अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ पर बेहद गंभीर इल्जाम लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उनकी पत्नी की हालत अचानक बिगड़ने लगी, तो उन्होंने तुरंत वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों को इस बात की सूचना दी। इसके बावजूद मौके पर मौजूद रेजीडेंट डॉक्टरों तथा सीनियर चिकित्सकों ने मरीज की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और पूरी तरह से उदासीनता बरती। परिजनों का यह भी कहना है कि जब स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी, तब भी समय पर उचित इलाज मुहैया नहीं कराया गया। समय पर चिकित्सीय सहायता न मिलने और सीनियर डॉक्टरों की भारी लापरवाही के कारण अनुपमा की सेहत लगातार गिरती चली गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुई मौत के बाद से अस्पताल परिसर के भीतर तनाव का माहौल बन गया और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज
इस हृदयविदारक घटना के फौरन बाद मृतका के पति आनंद मीणा ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर पूरा मामला दर्ज कराया। उन्होंने अस्पताल के प्रशासन के साथ-साथ संबंधित चिकित्सा यूनिट के डॉक्टरों के खिलाफ एक लिखित शिकायत सौंपी है। पुलिस को दी गई इस तहरीर में साफ तौर पर यह मांग की गई है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने इस लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपनी शुरुआती जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के तमाम मेडिकल रिकॉर्ड्स को खंगालने के बाद ही आगे की ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















