वैवाहिक जीवन की एक अनूठी और उलझी हुई दास्तान सामने आई है जहां तकनीक ने एक तरफ तो बेवफाई का पर्दाफाश किया तो दूसरी तरफ उसी तकनीक के इस्तेमाल ने पीड़ित पति को ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। महामारी के दौरान एक जोड़े ने सात फेरे लिए थे और उनका जीवन सामान्य ढंग से आगे बढ़ रहा था। इस दंपत्ति के पास एक अलग हॉलिडे होम भी था जहां वे अकसर सुकून के पल बिताने जाया करते थे। किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी कि इसी हॉलिडे होम के भीतर एक ऐसा वाकया घटित होने वाला है जो कानून और तकनीक की बहस का बड़ा विषय बन जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से हुई लेकिन इसका अंत बेहद चौंकाने वाला रहा।
टूथब्रश और कार पार्किंग से मिला पहला सुराग
यह पूरा वाकया साल 2021 से जुड़ा हुआ है जब इस जोड़े ने विवाह किया था। आम दिनों में यह दंपत्ति अपने परिवार के साथ ही निवास करता था और केवल अवकाश के दिनों में ही अपने उस निजी हॉलिडे होम का रुख करता था। सितंबर 2023 के दौरान जब पति उस हॉलिडे होम पर पहुंचा तो उसकी नजर वहां रखे एक इस्तेमालशुदा टूथब्रश पर पड़ी। उस मामूली सी वस्तु को देखते ही उसके मन में संदेह के बादल मंडराने लगे। उसे लगा कि उसकी अनुपस्थिति में घर के भीतर किसी अन्य व्यक्ति का आना-जाना हुआ है। अपने इस शक की पुष्टि करने के लिए उसने इमारत की कार पार्किंग गैरेज के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का फैसला किया। जैसे ही उसने कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। फुटेज में साफ नजर आ रहा था कि एक अनजान शख्स उसकी पत्नी को कार से छोड़कर गया है। इस ठोस सुराग के मिलने के बाद पति का शक पूरी तरह यकीन में बदल गया और उसने अपनी जीवनसंगिनी पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी।
स्मार्ट रोबोट बना जासूस और कैमरे में कैद हुआ सच
टूथब्रश मिलने के लगभग तीन महीने बाद दिसंबर 2023 में पति ने एक बड़ा कदम उठाया। एक दिन जब वह घर पर मौजूद नहीं था तो उसने अपने स्मार्टफोन में मौजूद एक एप्लीकेशन के जरिए घर के भीतर रखे स्मार्ट रोबोट वैक्यूम क्लीनर को सक्रिय कर दिया। शुरुआत में उसका इरादा केवल रोबोट के भीतर दिए गए ऑडियो फीचर की मदद से अपनी पत्नी से संवाद स्थापित करने का था। हालांकि जैसे ही उसने अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर रोबोट के लाइव कैमरे का दृश्य ऑन किया, उसके सामने ऐसा दृश्य आ गया जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। लाइव फीड पर उसकी पत्नी किसी अन्य पुरुष के साथ बेहद करीब नजर आ रही थी। पति ने बिना एक पल गंवाए सबूत इकट्ठा करने की गरज से रोबोट के कैमरे से ही उस पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। उस वीडियो में उसकी पत्नी कपड़े बदलते हुए और अपने प्रेमी के साथ अंतरंग पलों में दिखाई दे रही थी, जबकि उसका साथी सोफे पर आराम फरमा रहा था। पति ने इस पूरी रिकॉर्डिंग को अपने फोन में सुरक्षित रख लिया ताकि अदालत में इसे बतौर सबूत पेश किया जा सके।
अदालत में मिली कानूनी जीत और भारी मुआवजा
हाथ में पुख्ता वीडियो सबूत होने के बाद उस व्यक्ति ने सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उसने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के विरुद्ध वैवाहिक अधिकारों के हनन का हवाला देते हुए एक सिविल मुकदमा दायर किया। अपनी अर्जी में उसने मांग की कि उसकी गृहस्थी को उजाड़ने के एवज में दोनों से भारी भरकम मुआवजा वसूला जाए, जिसकी भारतीय मुद्रा में राशि लगभग 52 लाख रुपए बनती थी। जब अदालत की कार्रवाई शुरू हुई और रोबोट वैक्यूम क्लीनर द्वारा बनाई गई वह वीडियो रिकॉर्डिंग जज के सामने पेश की गई, तो स्थिति एकदम शीशे की तरह साफ हो गई। अदालत ने यह स्वीकार किया कि दोनों के बीच के संबंध सामान्य सामाजिक मेलजोल की सीमा को पार कर चुके थे। सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि पत्नी और उसका प्रेमी मिलकर पति को मुआवजे के तौर पर भारतीय मुद्रा में लगभग 13 लाख रुपए अदा करें। पीड़ित पक्ष के लिए यह एक बड़ी कानूनी कामयाबी थी क्योंकि उसे अदालत में न्याय मिल चुका था।
बदला हुआ पासा और पति के खिलाफ प्राइवेसी का केस
सिविल अदालत में हार का सामना करने के तुरंत बाद उस महिला ने एक नया कानूनी दांव चल दिया। उसने अपने ही पति के खिलाफ आपराधिक न्यायालय में एक काउंटर केस दर्ज करवा दिया। महिला का आरोप था कि उसके पति ने उसकी सहमति या जानकारी के बिना उसके निजी कमरों की वीडियो रिकॉर्डिंग गुप्त रूप से की है, जो सीधे तौर पर उसकी निजता के अधिकार का हनन है। जब पति से इस बारे में जवाब मांगा गया तो उसने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए दलील दी कि इसी वीडियो को पहले सिविल कोर्ट ने एक वैध सबूत के रूप में स्वीकार किया था। उसका कहना था कि अपनी पत्नी के अवैध संबंधों का सच सामने लाने के लिए उसने जो रास्ता अपनाया, वह नैतिक और व्यावहारिक रूप से गलत नहीं था। लेकिन आपराधिक अदालत ने उसकी इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। जज ने स्पष्ट शब्दों में फैसला सुनाया कि भले ही दो लोग वैवाहिक बंधन में बंधे हों, लेकिन शादी का कोई भी नियम किसी इंसान के मूल निजता के अधिकार से बड़ा नहीं हो सकता है। अदालत ने माना कि पति ने अपनी पत्नी की जानकारी के बिना जानबूझकर और चुपके से वीडियो शूट किया था, जिसके चलते वह कानून की नजर में दोषी पाया गया। परिणामस्वरूप अदालत ने उसे पांच महीने की जेल की सजा सुना दी और साथ ही लगभग 3.9 लाख भारतीय रुपए का जुर्माना भी लगा दिया। ताइवान के कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति की निजी गतिविधियों या अंतरंग पलों को बिना उसकी मर्जी के रिकॉर्ड करना या प्रसारित करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।



















