उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों के एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। महाराष्ट्र की मीरा रोड पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर प्रयागराज के ग्रामीण इलाके में खेतों के बीच बने एक अस्थाई शेड पर सीधे छापेमारी की। इस लाइव ऑपरेशन के दौरान मौके से एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की एक पूरी तरह सक्रिय फैक्ट्री पकड़ी गई। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान लगभग 130 करोड़ रुपये मूल्य की भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ जब्त किया है।
तीन राज्यों तक फैला अंतरराज्यीय नेटवर्क
जांच अधिकारियों के अनुसार यह अवैध धंधा किसी एक इलाके तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका ताना-बाना कई राज्यों में फैला हुआ था। इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने अब तक गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से कुल 21 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवाओं के इस अवैध कारोबार की मुख्य जड़ें खंगालने के लिए पकड़े गए सभी आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है।
खेतों के सन्नाटे में चल रहा था ड्रग्स निर्माण
जिस स्थान पर यह फैक्ट्री चलाई जा रही थी, वह प्रयागराज के खेतों के बीच बेहद सुनसान इलाके में स्थित एक शेड था। आरोपियों ने पुलिस की निगरानी और स्थानीय लोगों की नजरों से बचने के लिए इस जगह को चुना था ताकि किसी को रासायनिक बदबू या संदिग्ध गतिविधियों का संदेह न हो। हालांकि, महाराष्ट्र पुलिस ने सटीक इनपुट मिलने के बाद अचानक धावा बोल दिया और इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।
नेटवर्क के मुख्य आकाओं की तलाश जारी
बरामद की गई 130 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह सिंडिकेट बड़े पैमाने पर बाजार में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। मीरा रोड पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस कारखाने में तैयार माल को किन-किन शहरों में भेजा जाना था और इसका मुख्य सरगना कौन है। पुलिस की विशेष टीमें गिरफ्तार किए गए 21 लोगों के बयानों के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।



















