तमिलनाडु के चेन्नई के नजदीक गुडुवांचरी इलाके से एक ऐसा खौफनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवता दोनों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्यारों ने एक महिला को मौत के घाट उतारने के बाद उसके शव के कई टुकड़े किए और साक्ष्य मिटाने के लिए कुछ हिस्सों को बिरयानी बनाने वाले एक बड़े बर्तन में सब्जियों व मैदे के साथ पका दिया। इसके अलावा, शव के अन्य टुकड़ों को एक सूटकेस में भरकर ट्रेन के जरिए दूसरी जगह भेज दिया गया। उत्तर प्रदेश के आगरा रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिले इसी सूटकेस से इस वीभत्स हत्याकांड की परतें खुलीं, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने फरार चल रहे पति-पत्नी को देश के दूरदराज हिस्से मणिपुर से दबोच लिया है।
ट्रेन के लावारिस सूटकेस से मिला कत्ल का सुराग
यह पूरा मामला तब सामने आया जब तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा रेलवे स्टेशन पर पहुंची और वहां एक संदिग्ध सूटकेस लावारिस हालत में बरामद हुआ। रेलवे स्टेशन पर तैनात अधिकारियों ने जब उस सूटकेस को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए, क्योंकि उसके भीतर एक महिला के शव के कटे हुए अंग रखे हुए थे। घटना की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय पुलिस ने फौरन मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी। जांच के शुरुआती दौर में पुलिस के हाथ एक प्लास्टिक कवर लगा, जिस पर चेन्नई की एक प्रसिद्ध टेक्सटाइल कंपनी का नाम अंकित था। यही छोटा सा निशान इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ और जांच की सुई आगरा से सीधे चेन्नई की तरफ घूम गई।
साढ़े तीन सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की ली गई मदद
चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में पहुंचने के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया और कुल 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से छानबीन की। कई घंटों की लंबी मशक्कत और फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को एक दंपती की गतिविधियां अत्यधिक संदिग्ध नजर आईं। तकनीकी विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यही वह जोड़ा था जो गुडुवांचरी जाने से पहले ट्रेन के डिब्बे में वह सूटकेस रख आया था और फिर वहां से फरार हो गया था। इसी अहम तकनीकी सुराग के आधार पर पुलिस दल सीधे गुडुवांचरी में उस किराए के मकान तक जा पहुंचा, जहां आरोपी दंपती निवास कर रहा था।
किराए के मकान से बरामद हुए शव के बाकी अवशेष
पुलिस ने जब आरोपियों के उस किराए के मकान की तलाशी ली, तो वहां से महिला के शरीर के बचे हुए अन्य हिस्से भी बरामद हो गए। पुलिस की तफ्तीश में यह सनसनीखेज तथ्य उजागर हुआ कि कत्ल को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और अपराध के तमाम सबूतों को नष्ट करने के मकसद से शव को ठिकाने लगाने का कुचक्र रचा था। इसी आपराधिक साजिश के तहत शव के कुछ टुकड़ों को पतीले में पकाकर नष्ट करने का प्रयास किया गया, जबकि बाकी हिस्सों को सूटकेस में ठूंसकर ट्रेन के माध्यम से शहर से बाहर भेज दिया गया ताकि किसी को शक न हो।
मृतका की पहचान और त्रिकोणीय रिश्तों का पर्दाफाश
इस वीभत्स घटना में मारी गई महिला की पहचान हैथुल निशा के रूप में हुई है, जो तांबरम के पास स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच में यह बात सामने आई कि हैथुल निशा की मुलाकात आरोपी माणिक लस्कर से कार्यस्थल पर ही हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की जान-पहचान बढ़ी और पुलिस के अनुसार दोनों के बीच कथित तौर पर अवैध संबंध स्थापित हो गए थे। जब माणिक लस्कर की पत्नी भागमती माझी को इन दोनों के बीच चल रहे इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके चलते घर में आए दिन कलह और विवाद बढ़ने लगा।
आपसी विवाद और अनबन बढ़ने के बाद माणिक और उसकी पत्नी भागमती ने मिलकर हैथुल निशा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। इस पूरी योजना को अमलीजामा पहनाने के बाद दोनों ने सबूतों को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की, लेकिन आगरा रेलवे स्टेशन पर मिले उस लावारिस सूटकेस और उस पर लिखे चेन्नई के नाम ने उनकी सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया। कत्ल को अंजाम देने के बाद आरोपी जोड़ा चेन्नई छोड़कर भागने में कामयाब हो गया था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और जमीनी सूझबूझ का परिचय देते हुए उनकी तलाश जारी रखी।
मणिपुर से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस की विशेष टीमों द्वारा की गई लगातार छानबीन से यह पता चला कि हत्या के बाद ये दोनों आरोपी भागकर मणिपुर में छिपे हुए हैं। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सबसे पहले ओडिशा के मूल निवासी 22 वर्षीय माणिक लस्कर को मणिपुर से धर दबोचा। इसके तुरंत बाद उसकी पत्नी भागमती माझी को भी पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि हत्या की असली वजह क्या थी, इस खौफनाक वारदात में दोनों की व्यक्तिगत भूमिका कितनी थी और शव को इस तरह ठिकाने लगाने की पूरी योजना किसने और कैसे तैयार की थी।



















