भवानीगढ़ इलाके में एक ही घर के तीन नन्हे बच्चों की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। रक्षाबंधन के मौके पर सामने आए इस दुखद वाकये को शुरुआत में खानपान में खराबी या फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था। जब मामले की तहकीकात आगे बढ़ी, तो यह हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश साबित हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की सगी मां ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बने अपने कथित साथी के साथ मिलकर इन मासूमों को रास्ते से हटाने के लिए मिठाई में विषैला पदार्थ मिला दिया था।
हादसा या हत्या: जांच एजेंसियों को कैसे हुआ संदेह
बीती 26 अगस्त को सामने आई इस दर्दनाक घटना में ढाई वर्ष के एक मासूम बेटे, छह वर्ष के बालक और पांच साल की एक नन्ही बच्ची की जान चली गई थी। परिवार और आसपास के लोगों को पहले लगा कि बाजार से मंगाई गई मिठाई दूषित थी, जिसके सेवन से बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ा और अस्पताल में उनकी सांसें थम गईं। शुरुआती सूचना के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मौत या दूषित भोजन की संभावना को ध्यान में रखकर पड़ताल शुरू की थी।
जांच दल के सामने जल्द ही कई ऐसे अनुत्तरित सवाल खड़े हो गए, जिन्होंने मामले की दिशा पूरी तरह बदल दी। सबसे बड़ा संशय यह था कि यदि हलवाई की दुकान से आई वह मिठाई वास्तव में विषाक्त थी, तो उसका असर केवल उसी परिवार के इन तीन छोटे बच्चों पर ही क्यों पड़ा। उस दुकान से वही पकवान कई अन्य ग्राहकों ने भी खरीदा था, लेकिन इलाके में किसी अन्य व्यक्ति के बीमार पड़ने या प्रभावित होने की कोई सूचना नहीं मिली। इसके अलावा घर के अन्य बड़े सदस्यों को भी कोई तकलीफ नहीं हुई। इन्हीं विसंगतियों ने पुलिस को आपराधिक षड्यंत्र के कोण से गहन छानबीन करने पर मजबूर किया।
सोशल मीडिया पर संपर्क और साजिश का ताना-बाना
जांच में यह बात सामने आई कि महिला का संपर्क इंस्टाग्राम पर एक शख्स से हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और कथित तौर पर प्रेम संबंध स्थापित हो गए। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों अपने रास्ते में बच्चों को बाधा मान रहे थे और उन्हें हमेशा के लिए दूर करने की योजना तैयार की गई।
आरोप है कि रक्षाबंधन के त्यौहार पर घर आई पारंपरिक मिठाइयों में जानबूझकर घातक जहरीला केमिकल मिलाया गया। इसके बाद वह विषाक्त मिठाई मासूमों को खाने के लिए दे दी गई। मिठाई खाते ही तीनों बच्चों की हालत अत्यंत गंभीर हो गई और कुछ ही समय के भीतर तीनों की मृत्यु हो गई। बच्चों के पिता की शिकायत और दर्ज करवाए गए औपचारिक बयानों के आधार पर पुलिस ने फौरन हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस की कार्रवाई और मुख्य आरोपियों की स्थिति
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रवजोत ग्रेवाल ने इस पूरे प्रकरण का आधिकारिक विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक दृष्टि में मामला दूषित भोजन का प्रतीत हो रहा था, लेकिन एक ही छत के नीचे तीन बच्चों के दम तोड़ने के तथ्य ने पुलिस को हर बारीक पहलू खंगालने पर विवश किया।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गहन पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान मां के बाहरी व्यक्ति से कथित संबंधों और बच्चों की जान लेने की पूर्व नियोजित साजिश के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद त्वरित कदम उठाते हुए पुलिस ने आरोपी मां को सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले में नामजद उसके कथित साथी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और अधिकारियों का कहना है कि उसे भी जल्द ही कानून की गिरफ्त में ले लिया जाएगा।
जिले में नाबालिग से जुड़े एक अन्य अपराध का मामला
इसी जिले के एक अन्य हिस्से से भी एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई है, जहां आठ वर्ष की एक बालिका के साथ उसके ही ताऊ द्वारा दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार, उन्होंने अपनी मासूम बेटी की देखभाल के लिए उसे उसकी दादी के पास छोड़ा हुआ था। उसी परिसर में उनका बड़ा भाई भी रहता था। आरोप है कि जब भी घर के अन्य परिजन किसी काम से बाहर जाते और मकान सूना होता, आरोपी इस घिनौने कृत्य को अंजाम देता था। पुलिस ने इस मामले में भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।



















