उत्तराखंड के रुड़की में धार्मिक यात्रा पर आए एक परिवार की छह वर्ष की बच्ची के साथ रैन बसेरे में दुष्कर्म किए जाने की स्तब्ध कर देने वाली घटना घटी है। वारदात मंगलवार रात की है, जब पीड़िता के माता-पिता कुछ देर के लिए भोजन करने बाहर गए हुए थे। पुलिस ने इस जघन्य अपराध को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन कर दिया है।
रैन बसेरे में घटी वारदात, भोजन करने गए थे परिजन
पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और तीर्थयात्रा के सिलसिले में रुड़की पहुंचा हुआ था। रात बिताने के लिए परिवार ने स्थानीय नाइट शेल्टर में शरण ली थी। देर रात बच्ची के माता-पिता पास ही स्थित सामुदायिक रसोई में खाना खाने गए थे। बच्ची को अकेला पाकर अज्ञात शख्स ने इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया। जब माता-पिता भोजन करके वापस लौटे, तो रोती-बिलखती बच्ची ने अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी।
परिजनों ने बिना किसी देरी के तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्राथमिक पड़ताल शुरू की। बच्ची की हालत को देखते हुए उसे तत्काल चिकित्सीय परीक्षण और प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है।
सर्किल ऑफिसर के नेतृत्व में कई टीमों का गठन
मामले की जानकारी देते हुए सर्किल ऑफिसर देवव्रत जोशी ने स्पष्ट किया कि आरोपी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उसकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पुलिस दल रैन बसेरे के परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रहा है।
इसके साथ ही इलाके के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुराग जुटाकर जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भी तीन साल की बच्ची से दरिंदगी
नाबालिग बच्चियों के खिलाफ यौन अपराध की ऐसी ही एक अन्य घटना हाल ही में पश्चिम बंगाल के आसनसोल से भी सामने आई थी। दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर में पड़ोस में खेलने गई तीन वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था। बच्ची जब खेल के बाद अपने घर लौटी, तो उसके पेट में अत्यधिक तेज दर्द होने लगा। उसने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए और थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी शंकर मंडल को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि आरोपी के परिजनों ने लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए साजिश के तहत फंसाए जाने की बात कही है।
शिकायत वापस लेने का दबाव और अवैध कब्जे के आरोप
आसनसोल के इस मामले में गिरफ्तारी के बाद तनाव और अधिक बढ़ गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि संजय विश्वकर्मा और गुड्डू रजक नाम के दो व्यक्ति उन पर पुलिस में दर्ज केस वापस लेने के लिए लगातार अनुचित दबाव बना रहे हैं। इसके साथ ही पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी शंकर मंडल क्षेत्र में दबंगई करता है और उसने कई मकानों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। कानून के प्रावधानों के तहत बच्ची की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है और पुलिस दोनों मामलों में सघन कानूनी जांच आगे बढ़ा रही है।



















