प्रयागराज में रेल डिरेल करने की नापाक हरकत, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर मिली लोहे की रेलिंगकम पूंजी में शुरू करें स्टेशनरी का बिजनेस, कोडरमा के दुकानदार विक्की केसरी ने बताई कमाई और लागत की पूरी गणितअशोक सिंहल की जन्मशताब्दी: राष्ट्र और समाज सेवा को समर्पित एक असाधारण जीवनगेट 2027 के आवेदन की मियाद बढ़ी, अब 5 अक्टूबर तक बिना लेट फीस करें अप्लाईबिशन सिंह बेदी की पुस्तक विमोचन में शामिल नहीं हो पाए शशि थरूरफेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति और पश्चिम एशिया तनाव के बीच चांदी 62 डॉलर के करीब फिसलीहिमाचल प्रदेश में विदाई से पहले मौसम ने पकड़ी रफ्तार, किन्नौर में बर्फबारी से थमी रफ्तार तो रोहड़ू में चट्टानें खिसकींकोटा में कार के नीचे मिला साढ़े चार फीट लंबा मगरमच्छ, सड़क पर दौड़ा तो मच गई अफरा-तफरीपॉलीएंड्रोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम को पहचानें: पियरलेस हॉस्पिटल गुवाहाटी की महिलाओं से अपीलसुल्तानपुर के एक्सपर्ट की इस खास विधि से घर पर बनाएं ढाबा स्टाइल फिश करी, भूल जाएंगे होटल का स्वाद
दिल्ली और एनसीआर में दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेते हुए दिए जांच के निर्देशअपराध
28 सित॰ 2026, 11:56 am (19 मिनट पहले)· 0

दिल्ली और एनसीआर में दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेते हुए दिए जांच के निर्देश

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा कदम उठाया है। पार्क में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना और चलती बस में एक नाबालिग से हुई बर्बरता जैसी गंभीर वारदातों का स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने इस पूरे मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था की नाकामी पर तीखी टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने की निर्भया कांड से तुलना

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हालात साल 2012 के बहुचर्चित निर्भया मामले की दर्दनाक यादों को ताजा कर रहे हैं। पीठ ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध यह दर्शाते हैं कि जमीन पर सुरक्षा तंत्र किस हद तक कमजोर हो चुका है। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से यह साफ होता है कि कानून व्यवस्था को और अधिक मुस्तैद करने की सख्त जरूरत है ताकि अपराधियों के मन में डर पैदा हो सके।

ये भी पढ़ें

प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवाल

न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। इस दिशा में प्रशासन और पुलिस महकमे की जवाबदेही तय करना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। अधिकारियों की तरफ से बरती जा रही ढिलाई के कारण ही अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और लगातार ऐसी वीभत्स घटनाएं सामने आ रही हैं। अदालत ने इस मामले में जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने किस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे यौन अपराधों और दुष्कर्म की वारदातों पर स्वतः संज्ञान लिया है।
इस मामले की सुनवाई किस पीठ ने की है?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ द्वारा की गई है।
अदालत ने किस पुरानी घटना का जिक्र किया है?
अदालत ने सुनवाई के दौरान साल 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की दर्दनाक यादों का जिक्र किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को क्या निर्देश दिए हैं?
अदालत ने इस मामले में जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश देते हुए पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp