तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से वन्यजीवों के अवैध शिकार से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां पुलिस और विशेष अभियान दल ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार को स्थानीय पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन्स टीम (SOT) ने रायकल टोल प्लाजा के पास घेराबंदी करके 8 संदिग्ध शिकारियों को रंगे हाथों धर दबोचा। अधिकारियों ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 13 किलोग्राम हिरण का मांस, एक एयर गन और दो वाहन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस अवैध गतिविधि में किया जा रहा था। इस मामले के सामने आने के बाद से इलाके में वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और जांच एजेंसियां इस अवैध नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
टोल प्लाजा पर गाड़ियों की चेकिंग के दौरान पकड़े गए संदिग्ध
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक गुप्त सूचना के आधार पर हुई थी, जो स्पेशल ऑपरेशन्स टीम को मिली थी। सूचना में यह बताया गया था कि प्रतिबंधित वन्यजीव का मांस अवैध तरीके से वाहनों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। इस इनपुट को पुख्ता मानते हुए पुलिस दल और एसओटी की संयुक्त टीम ने तुरंत रायकल टोल प्लाजा के पास अपना जाल बिछाया और संदिग्ध वाहनों की गहन जांच शुरू कर दी। चेकिंग अभियान के दौरान जब पुलिस ने शक के आधार पर कुछ वाहनों को रुकवाकर उनकी तलाशी ली, तो उनके अंदर से 13 किलो हिरण का मांस और एक हथियार बरामद हुआ।
कोथुर पुलिस स्टेशन में वन विभाग की संयुक्त पूछताछ
तलाशी के दौरान प्रतिबंधित मांस और हथियार मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें तुरंत कोथुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनसे इस मामले में गहन पूछताछ शुरू की गई। घटना की गंभीरता और वन्यजीव से जुड़ा मामला होने के कारण स्थानीय पुलिस ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की एक विशेष टीम भी कोथुर थाने पहुंच गई और उन्होंने थाने पहुंचकर जब्त की गई सामग्री को अपने कब्जे में लेते हुए अपनी विभागीय जांच की औपचारिकताएं शुरू कर दीं।
अवैध शिकार के नेटवर्क और हथियारों की हो रही जांच
फिलहाल पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मिलकर हिरासत में लिए गए सभी आठों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं। इस पूछताछ का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह ने हिरण का शिकार किस सटीक जगह पर किया था और इस प्रतिबंधित मांस को कहां सप्लाई किया जाना था। इसके अलावा अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह मांस और हथियार कब से इस नेटवर्क के जरिए ले जाए जा रहे थे। शिकार के लिए इस्तेमाल की गई एयर गन और आरोपियों से जब्त की गई दोनों गाड़ियों के दस्तावेजों और नंबरों की भी तकनीकी और फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि इस अवैध शिकार के पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी
इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि सभी आठों संदिग्धों को पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में पेश करने के दौरान पुलिस की तरफ से रिमांड की मांग किए जाने की संभावना है, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि अदालत आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज देगी ताकि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार साथियों के बारे में भी पुख्ता जानकारियां जुटाई जा सकें।


















