ओडिशा के मयूरभंज जिले में चल रही एक जांच के दौरान जांच अधिकारियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार को एक घर की तलाशी ली, जहां से भारी मात्रा में अवैध सामान और वन्यजीवों के अवशेष बरामद किए गए। इस कार्रवाई के बाद हरकत में आए वन विभाग ने तुरंत कदम उठाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई वित्तीय मामलों से जुड़ी गड़बड़ियों की छानबीन का हिस्सा थी।
अधिकारियों की लंबी तलाशी और बरामदगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी तलाशी कार्रवाई करीब 17 घंटे तक लगातार चली। छापेमारी के दौरान टीम ने आरोपी के आवास से हाथी के दांत और हिरण के सींग जैसे प्रतिबंधित वन्यजीव अवशेष बरामद किए। इसके अलावा तलाशी के दौरान जमीन से जुड़े कई अहम दस्तावेज, कीमती जेवर और बैंक पासबुक भी हाथ लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन वन विभाग के अमले को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने सभी संदिग्ध वन्यजीव वस्तुओं को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए तमाम सामान को आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के लिए रेंज कार्यालय भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अब अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
122 करोड़ रुपये का वित्तीय घोटाला
यह पूरी कार्रवाई कथित तौर पर 122 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी है। इस सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कुल 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। पूछताछ और शुरुआती दस्तावेजों के आधार पर यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी ओडिशा में एक वित्तीय सेवा संस्थान का प्रमुख व्यक्ति है। आरोप है कि इस कंपनी ने विभिन्न निवेशकों को भारी और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर बड़ी रकम जमा कराई थी। फिलहाल जांच एजेंसियां जब्त किए गए कागजातों और बैंक खातों के जरिए वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल में जुटी हुई हैं, जबकि वन्यजीवों के अवैध सामान मिलने के बाद वन विभाग ने अपना शिकंजा कस दिया है।



















