मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में चिमनगंज मंडी पुलिस थाना क्षेत्र के कनीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे के पास बुधवार देर रात करणी सेना के दो पक्षों के बीच पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। संगठन के भीतर पदों और वर्चस्व की खींचतान को लेकर शुरू हुई यह बहस देखते ही देखते जानलेवा हमले का रूप ले चुकी थी। इस सनसनीखेज वारदात में राहुल सिंह और उनके साथी जितेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पप्पू जाट और श्रवण कुमार राव नाम के दो अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में नामजद केस दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है और कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
समझौते की मेज से शुरू हुई बहस ने लिया हिंसक रूप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों गुटों के बीच विवाद की मुख्य वजह करणी सेना के पदों को लेकर चल रही पुरानी रंजिश थी। घटना वाली रात दोनों पक्षों के लोग कनीपुरा क्षेत्र के लक्की दरबार ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे थे। इस भोजन के दौरान दोनों पक्षों का इरादा पिछले दो दिनों से चले आ रहे आपसी मतभेदों को सुलझाना और समझौता करना था। भोजन के दौरान माहौल शांत रहा, लेकिन जैसे ही खाना खत्म हुआ, पुराने विवाद की बातें दोबारा छिड़ गईं। बहस इतनी बढ़ गई कि बातचीत समझौते की जगह तीखी कहासुनी और फिर सीधे हिंसक हमले तक पहुंच गई।
फोन पर मिली चेतावनी के बाद परिवार पहुंचा मौके पर
घटनाक्रम के दौरान आरोपी शक्ति सिंह ने रात लगभग 11 बजे मृतक राहुल सिंह के भाई के मोबाइल फोन पर कॉल किया। शक्ति सिंह ने फोन पर धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर अपने भाई को बचा सकते हो तो बचा लो। इस कॉल की जानकारी मिलते ही राहुल के भाई ने तुरंत अपने मामा हेमंत सिंह चौहान को पूरी बात बताई। परिवार के लोग खतरे की आशंका जताते हुए बिना कोई वक्त गंवाए राहुल को बचाने के लिए ढाबे की ओर भागे। हालांकि जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, हमलावर वारदात को अंजाम देकर वहां से फरार हो चुके थे।
चाकू और तलवारों से हमला, भू-माफिया पर लगे गंभीर आरोप
घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने राहुल सिंह और उनके मित्र जितेंद्र सिंह को खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ पाया। दोनों के शरीरों पर चाकू और तलवारों के गहरे घाव थे। उनके साथ मौजूद पप्पू जाट और श्रवण कुमार राव भी लहूलुहान अवस्था में दर्द से तड़प रहे थे। मृतक के मामा हेमंत सिंह चौहान का आरोप है कि हमलावरों की संख्या 10 से 15 के बीच थी, जो घातक हथियारों से लैस होकर आए थे। उन्होंने यह गंभीर दावा भी किया कि हमले में शामिल सोनू बंजारा एक भू-माफिया है, जो स्थानीय भाजपा विधायक से जुड़ा हुआ है और अपनी गाड़ी पर विधायक लिखकर घूमता है। इस हमले को शक्ति सिंह, सोनू बंजारा, अन्ना, अर्पित और रमेश ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर धोखे से अंजाम दिया।
घायल के बयान पर केस दर्ज, पुलिस की सख्त कार्रवाई
चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोडिया के अनुसार, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि दोनों पक्ष बैठकर खाना खाते हुए पुराना विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फिर से झगड़ा भड़क गया। हमलावरों ने अचानक हथियार निकालकर राहुल और उनके साथियों पर धावा बोल दिया। पुलिस ने घायल श्रवण कुमार राव के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इस एफआईआर में शक्ति सिंह, सोनू बंजारा, अन्ना, अर्पित और रमेश सहित पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और कई लोगों को राउंडअप करके पूछताछ की जा रही है ताकि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।



















