अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड ऑयल वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमतों में गुरुवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। ओवरनाइट ट्रेडिंग के दौरान $79.30 से $79.25 के दायरे में दो हफ्ते के निचले स्तर को छूने के बाद कीमतों में थोड़ा सुधार हुआ था, लेकिन यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन के पहले हिस्से में WTI क्रूड $81.00 के स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है। दिन के दौरान इसमें 0.50% से कम की गिरावट देखी गई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के संभावित मार्ग को फिर से खोले जाने और भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदों ने क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव बनाने का काम किया है।
भू-राजनीतिक कारक और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में सप्लाई का गणित
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते तथा रणनीतिक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से शुरू करने को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने कच्चे तेल के बाजार में बिकवाली का माहौल बनाया है। हालांकि, बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम का प्रीमियम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने मंगलवार को यह स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका जून में हस्ताक्षरित अंतरिम शांति समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा। इस बयान ने तेल की कीमतों में तेज गिरावट को रोकने के लिए एक सपोर्ट की तरह काम किया है।
WTI क्रूड का टेक्निकल आउटलुक और अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल्स
तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि हालिया निचले स्तरों से आए सुधार के बावजूद ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 50.0% रिट्रेसमेंट स्तर पर $80.47 के पास देखा जा रहा है। यदि बिकवाली का दबाव दोबारा बढ़ता है, तो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर पर $78.83 के आसपास स्थित है। दूसरी ओर, तेजी का रुख रखने वाले ट्रेडर्स को नई खरीदारी करने से पहले $82.10 से $82.15 के संगम रेजिस्टेंस क्षेत्र से ऊपर टिकाऊ मजबूती का इंतजार करना होगा। इसके बाद ही अगला प्रासंगिक अवरोध 23.6% रिट्रेसमेंट पर $84.13 और मुख्य स्ट्रक्चरल एंकर $87.40 के पास देखने को मिल सकता है।
WTI क्रूड ऑयल की बुनियादी बातें और कुशिंग वितरण केंद्र
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वैश्विक बाजारों में बेचे जाने वाले कच्चे तेल का एक प्रमुख प्रकार है। यह वैश्विक तेल बाजार के तीन सबसे बड़े बेंचमार्क में शामिल है, जिनमें ब्रेंट क्रूड और दुबई क्रूड अन्य दो प्रमुख प्रकार हैं। WTI को इसकी कम ग्रैविटी और कम सल्फर सामग्री के कारण लाइट और स्वीट क्रूड भी कहा जाता है। इन विशेषताओं की वजह से इसे उच्च गुणवत्ता वाला तेल माना जाता है, जिसे रिफाइन करना बेहद आसान होता है। इसका उत्पादन मुख्य रूप से अमेरिका में होता है और इसका वितरण ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग हब के माध्यम से किया जाता है, जिसे दुनिया का पाइपलाइन चौराहा भी कहा जाता है।
वैश्विक आपूर्ति, मांग के चालक और अमेरिकी डॉलर का प्रभाव
दुनिया भर के अन्य एसेट्स की तरह WTI क्रूड की कीमतें भी मांग और आपूर्ति के बुनियादी नियमों से संचालित होती हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि में तेजी से तेल की मांग बढ़ती है, जबकि कमजोर वैश्विक वृद्धि मांग को घटा देती है। राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध आपूर्ति को बाधित करके कीमतों को ऊपर ले जाते हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है। यही वजह है कि अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर का WTI पर सीधा प्रभाव पड़ता है। डॉलर के कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए तेल अधिक किफायती हो जाता है, जिससे मांग और कीमतों में बढ़ोतरी होती है।
साप्ताहिक API और EIA इन्वेंट्री रिपोर्ट का कीमतों पर असर
तेल बाजार में साप्ताहिक आधार पर जारी होने वाली इन्वेंट्री रिपोर्ट का अत्यधिक महत्व है। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट यानी API मंगलवार को अपनी रिपोर्ट जारी करता है, जबकि एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी यानी EIA बुधवार को आंकड़े प्रकाशित करती है। ये दोनों रिपोर्ट आपूर्ति और मांग के उतार-चढ़ाव को दर्शाती हैं। इन्वेंट्री में गिरावट मजबूत मांग का संकेत देती है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं, जबकि इन्वेंट्री का बढ़ना अधिक आपूर्ति को दर्शाता है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है। दोनों संस्थाओं के आंकड़े लगभग 75% मामलों में 1% के अंतर के भीतर एक जैसे होते हैं। हालांकि सरकारी एजेंसी होने के कारण EIA के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
ओपेक और ओपेक+ के उत्पादन कोटे की भूमिका
पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन यानी OPEC 12 तेल उत्पादक देशों का एक समूह है, जो साल में दो बार बैठक करके सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा तय करता है। जब ओपेक उत्पादन में कटौती का फैसला करता है, तो बाजार में आपूर्ति सीमित हो जाती है और कीमतें बढ़ने लगती हैं। इसके विपरीत, उत्पादन बढ़ाने के फैसले से कीमतें नीचे आती हैं। ओपेक+ एक विस्तारित समूह है, जिसमें 10 अतिरिक्त गैर-ओपेक सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें रूस सबसे प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल है। इस समूह के फैसले सीधे तौर पर वैश्विक तेल की आपूर्ति और WTI की कीमतों को तय करते हैं।
व्यापक वित्तीय बाजार का संदर्भ: एफएक्स दरें, सोना और फेड की नीतियां
कच्चे तेल के अलावा व्यापक वित्तीय बाजारों में भी सतर्कता का माहौल बना हुआ है। यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन में GBP/USD जोड़ी 1.3600 के स्तर से नीचे समेकित हो रही है। इसी तरह EUR/USD जोड़ी 1.1650 के स्तर के आसपास स्थिर बनी हुई है। कमोडिटी मार्केट में सोना $4,600 प्रति औंस के स्तर के करीब बना हुआ है। ट्रेडर्स शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश के पहले संबोधन का इंतजार कर रहे हैं। फेड की भविष्य की ब्याज दर नीति को लेकर मिलने वाले संकेतों का अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर गहरा असर पड़ेगा।



















