घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स में कारोबारी हफ्ते की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। प्रमुख सूचकांकों ने निचले स्तरों से उबरते हुए ठोस बढ़त हासिल की, जिसमें चुनिंदा हेवीवेट और डिफेंसिव काउंटरों ने अहम भूमिका निभाई। हेल्थकेयर और प्रॉपर्टी कंपनियों के शेयरों में चौतरफा लिवाली के दम पर मुख्य सूचकांक दिन के ऊपरी दायरे के करीब बंद होने में कामयाब रहे। इसके विपरीत, व्यापक बाजार में स्थिति थोड़ी सुस्त रही, जहां बिकवाली का दबाव बना रहा और आगे बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में फिसलने वाले काउंटरों की संख्या अधिक दर्ज की गई।
प्रमुख सूचकांकों का अंतिम आंकड़ा
अंतिम सौदों के निपटारे के बाद बीएसई का मानक संवेदी सूचकांक 564 अंक अथवा 0.76 प्रतिशत की छलांग लगाकर 74,859 के स्तर पर जा पहुंचा। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 बेंचमार्क 68 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की मजबूती दर्ज करते हुए 23,414 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि फ्रंटलाइन इंडेक्स के इस सकारात्मक रुख के उलट बाजार का व्यापक रुझान मिला-जुला रहा। सत्र की समाप्ति पर 1,995 कंपनियों के शेयर मजबूती के साथ बंद हुए, जबकि 2,111 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि तेजी मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े शेयरों तक ही सीमित थी।
सेक्टरवार प्रदर्शन में फार्मा और रियल्टी का दबदबा
सेक्टोरल मोर्चे पर रुझान काफी हद तक सकारात्मक देखने को मिला, जिसमें दवा कंपनियों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.27 प्रतिशत चढ़कर सेक्टोरल सूचियों में सबसे आगे रहा। रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला निफ्टी रियल्टी भी 1.22 प्रतिशत की बढ़त बनाने में सफल रहा, जबकि रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों का निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1.19 प्रतिशत उछला। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में निफ्टी बैंक ने 0.24 प्रतिशत की बढ़त बनाई। इसके अतिरिक्त निफ्टी पीएसई में 0.13 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी में 0.09 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 0.03 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज में 0.05 प्रतिशत का मामूली सुधार देखा गया। इसके विपरीत, धातु क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली रही और निफ्टी मेटल 0.62 प्रतिशत लुढ़क गया। साथ ही निफ्टी एमएनसी में 0.30 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा में 0.14 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.05 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई।
मुनाफा कमाने वाले और पिछड़ने वाले प्रमुख शेयर
व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इटनल ने 2.77 प्रतिशत की जोरदार उछाल के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा एचसीएल टेक में 2.54 प्रतिशत, आईटीसी में 1.79 प्रतिशत, सन फार्मा में 1.72 प्रतिशत और रिलायंस में 1.71 प्रतिशत की शानदार तेजी आई। मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 1.65 प्रतिशत और टाइटन 1.59 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए। इसी तरह टेक महिंद्रा, बीईएल, ओएनजीसी, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ के शेयरों में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। दूसरी ओर, दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल में 3.33 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह सबसे बड़ा लूजर साबित हुआ। अदाणी पोर्ट्स के शेयर 2.02 प्रतिशत टूटे, जबकि बजाज फाइनेंस 1.83 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.55 प्रतिशत, अदाणी एंटरप्राइजेज 1.49 प्रतिशत, विप्रो 1.37 प्रतिशत और इंफोसिस 1.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप पर दबाव, वोलेटिलिटी इंडेक्स फिसला
लार्जकैप इंडेक्स में आई तेजी के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में सुस्ती का माहौल बना रहा। सत्र के दौरान निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया। खुदरा निवेशकों की व्यापक भागीदारी वाले इन काउंटरों में मुनाफावसूली हावी रही। हालांकि बाजार की अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक इंडिया VIX 1.14 प्रतिशत गिर गया। इस गिरावट का संकेत है कि निकट अवधि में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका पिछले सत्र की तुलना में कुछ कम हुई है।

















