उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है, जहां मैदानी भूभागों में उमस और धूप बनी हुई है तो वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में आसमान में बादलों का डेरा दिखाई दे रहा है। मानसूनी हवाओं की रवानगी से ठीक पहले राज्य में मानसूनी हलचल एक बार फिर जोर पकड़ सकती है। मंगलवार, 22 सितंबर को पर्वतीय अंचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा और बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है। इसके विपरीत राज्य के ज्यादातर मैदानी और निचले इलाकों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। आने वाले दो से तीन दिनों तक मानसूनी फुहारें सीमित ऊंचाई वाले इलाकों तक ही सीमित रहेंगी, मगर 25 सितंबर से राज्य के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा उलटफेर होने की संभावना है।
मंगलवार को इन पांच पहाड़ी जिलों में हो सकती है बूंदाबांदी
मंगलवार, 22 सितंबर को मुख्य रूप से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ चुनिंदा स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या हल्की बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है। इन पांच पहाड़ी जिलों के अलावा उत्तराखंड के बाकी सभी जनपदों में दिनभर मौसम साफ और सूखा रहने का अनुमान लगाया गया है। पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही करने वाले मुसाफिरों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर लगातार निगाह रखने का सुझाव दिया गया है। हालांकि 22 सितंबर के दिन के लिए किसी भी जिले में किसी प्रकार की गंभीर आपदा या विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बुधवार 23 सितंबर को भी सीमित रहेगा बादलों का असर
बुधवार, 23 सितंबर को भी राज्य का मौसमी चक्र लगभग पिछले दिन जैसा ही बना रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचे इलाकों में छिटपुट बादलों की आवाजाही के बीच कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश या फुहारें गिर सकती हैं। अन्य सभी जिलों में धूप खिली रहेगी और मौसम में किसी बड़े फेरबदल के संकेत नहीं हैं। मैदानी जिलों में शुष्क वातावरण के चलते दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी महसूस की जा सकती है।
25 सितंबर को छह जनपदों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी
सप्ताह के अंत में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाली हैं। 25 सितंबर को मौसम का रुख अचानक कड़ा हो सकता है, जिसके तहत छह जिलों में तेज मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कई जगहों पर बादलों की तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका है। इसके साथ ही इन इलाकों में तीव्र से बहुत तीव्र बौछारों का दौर शुरू हो सकता है।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए एहतियाती दिशा-निर्देश
जिन छह जिलों में 25 सितंबर के लिए तीव्र बारिश का अनुमान जताया गया है, वहां कुछ स्थानों पर वर्षा का असर सामान्य से अधिक गंभीर हो सकता है। पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले ग्रामीणों और दुर्गम रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली मौसम बुलेटिन और सड़क सुरक्षा सूचनाओं की जानकारी जुटाकर ही पहाड़ों की यात्रा पर आगे बढ़ना सुरक्षित रहेगा, ताकि किसी भी अप्रत्याशित भूस्खलन या जलभराव से बचा जा सके।





















