अमेरिकी सीनेट में मंगलवार को डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट अहम पड़ाव पार नहीं कर सका। बिल को क्लोजर के लिए आवश्यक 60 मतों के मुकाबले केवल 49 पक्ष में और 50 विपक्ष में पड़े, जिससे यह 11 वोट से चूक गया। रिपब्लिकन सांसदों ने सप्ताहांत में संशोधित मसौदा पेश कर डेमोक्रेट्स को लुभाने की कोशिश की थी, जिसमें क्रिप्टो नैतिकता के कड़े नियम और स्टेबलकॉइन यील्ड पर सर्किट ब्रेकर जैसे रियायती प्रावधान जोड़े गए थे, फिर भी बात नहीं बनी।
मतदान का गणित और राजनीतिक खींचतान
क्लोजर सीनेट की वह प्रक्रिया है जिससे विधायी गतिरोध तोड़कर किसी बिल पर अंतिम मतदान कराया जाता है। मंगलवार के मतदान में 49 सीनेटरों ने पक्ष में और 50 ने विरोध में वोट डाला। रिपब्लिकन खेमे की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बिल के पक्ष में जोर लगाया, इसके बावजूद कई डेमोक्रेट सांसदों ने समर्थन नहीं दिया। दोनों दलों के नेताओं ने माना कि बिल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब इसे अगले सत्र या नए सिरे से बातचीत का इंतजार करना होगा।
बाजार पर तत्काल असर
मतदान परिणाम आते ही वैश्विक क्रिप्टो बाजार करीब 3 प्रतिशत टूट गया। बिटकॉइन (BTC) 4 प्रतिशत गिरकर 76,000 डॉलर पर आ गया, जबकि एथेरियम (ETH) 5 प्रतिशत फिसलकर 2,400 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन में रिपल (XRP) 12 प्रतिशत, सोलाना (SOL) 5 प्रतिशत, जेडकैश (ZEC) 6 प्रतिशत और हाइपरलिक्विड (HYPE) 5 प्रतिशत तक गिरे। कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में लगभग 77 करोड़ डॉलर के लॉन्ग पोजीशन लिक्विडेट हुए, जिनमें अकेले बिटकॉइन और एथेरियम के क्रमशः 19.14 करोड़ और 20.35 करोड़ डॉलर शामिल हैं।
बैंकिंग क्षेत्र की चिंताएं और एसईसी का रुख
कई बैंकिंग ट्रेड समूहों ने चेताया था कि स्टेबलकॉइन रिवॉर्ड से बैंकों में जमा पलायन रोकने के लिए जोड़ा गया सर्किट ब्रेकर कोई वास्तविक सुरक्षा नहीं देता। उधर, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) पहले ही संकेत दे चुका है कि यदि कांग्रेस बिल आगे नहीं बढ़ाती तो वह स्वयं उन मुद्दों पर नियम जारी करेगा जो क्लैरिटी एक्ट में उठाए गए हैं। इससे नियामकीय अनिश्चितता बनी हुई है।
आगे क्या उम्मीद
राजनीतिक सहमति न बनने तक बिल ठंडे बस्ते में रहेगा। बाजार प्रतिभागियों की नजर अब एसईसी के आगामी नियमों और अगले विधायी सत्र में संभावित नए सिरे से बातचीत पर टिकी है। तब तक अस्थिरता बने रहने के आसार हैं।



















