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स्पॉट क्रिप्टो फंड्स में संस्थागत निवेशकों का भारी निवेश, लेकिन डेथ क्रॉस के खौफ से जूझ रहा बिटकॉइनक्रिप्टो
23 जुल॰ 2026, 8:27 pm (2 घंटे पहले)· 0

स्पॉट क्रिप्टो फंड्स में संस्थागत निवेशकों का भारी निवेश, लेकिन डेथ क्रॉस के खौफ से जूझ रहा बिटकॉइन

स्पॉट इन्वेस्टमेंट फंड्स में लगातार आ रहे अरबों डॉलर के बावजूद प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में तेजी नहीं आ पा रही है, क्योंकि बियरिश तकनीकी इंडिकेटर्स और बाजार में छाया डर कीमतों को नीचे की ओर धकेल रहा है।

BTCSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण23 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

Bitcoin अभी $64,903 पर है, जबकि EMA20 $64,277, EMA50 $65,082 और EMA200 $74,974 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($65,082) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($74,974) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

Bitcoin का RSI 53 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

Bitcoin की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

Bitcoin का बैंड दायरा $61,971–$66,318 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड ($64,144) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट इस समय एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां बड़े निवेशक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में लगातार पैसा डाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में कोई खास तेजी देखने को नहीं मिल रही है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin), लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट का सामना कर रही है। यह सुस्ती ऐसे समय में आई है जब पूरे क्रिप्टो मार्केट का सेंटीमेंट 'फियर' यानी डर के साये में डूबा हुआ है। मशहूर फियर एंड ग्रीड इंडेक्स (Fear & Greed Index) के मुताबिक, गुरुवार को मार्केट का सेंटीमेंट थोड़ा और गिरकर 31 पर आ गया, जो एक दिन पहले 33 पर था। वहीं कॉइनमार्केटकैप (CoinMarketCap) का डेटा इस इंडेक्स को 39 पर दिखा रहा है, जो अभी भी न्यूट्रल जोन से काफी नीचे है। बाजार में यह खौफ साफ तौर पर बता रहा है कि फिलहाल सेलर्स का पलड़ा बहुत भारी है। अगर मार्केट में यह कमजोरी और डर का माहौल ऐसे ही बना रहता है, तो निवेशकों का जोखिम उठाने का उत्साह पूरी तरह से खत्म हो सकता है। इससे बड़े पैमाने पर क्रिप्टो मार्केट की डिमांड घट सकती है, जो किसी भी बड़ी और टिकाऊ तेजी के लिए सबसे जरूरी चीज है।

संस्थागत निवेशकों का भरोसा अब भी कायम

इस घबराहट भरे माहौल के बीच बिटकॉइन भारी दबाव में ट्रेड कर रहा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, बिटकॉइन 66,000 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है और फिलहाल 64,903 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। यह इसके पिछले क्लोजिंग प्राइस 66,101 डॉलर से 1.81 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है, जो पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशंस के नुकसान को और बढ़ा रही है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम भी इसके 20-दिन के औसत के मुकाबले 0.89 गुना पर अटका हुआ है, जिसका सीधा मतलब है कि खरीदार इस कीमत पर भी आक्रामक होकर पैसा नहीं लगा रहे हैं। पिछले एक साल की बात करें तो बिटकॉइन ने 57,748 डॉलर के निचले स्तर से लेकर 99,804 डॉलर के ऐतिहासिक शिखर तक का एक विशाल सफर तय किया है। ऐसे में मौजूदा कीमत बुल्स और बेयर्स दोनों के लिए एक बहुत ही निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

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कीमतों में इस भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद, बिटकॉइन स्पॉट ETF में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी लगातार मजबूत बनी हुई है। इन निवेश विकल्पों में लगातार सातवें दिन भी पूंजी का आना जारी है, जो पारंपरिक वित्तीय दिग्गजों के पक्के भरोसे को दिखाता है। हालांकि, इस निवेश की रफ्तार में थोड़ी कमी जरूर आई है। बुधवार को स्पॉट बिटकॉइन ETF में 69 मिलियन डॉलर का निवेश आया, जो मंगलवार के 203 मिलियन डॉलर के मुकाबले एक बड़ी गिरावट है। इस छोटी अवधि की सुस्ती के बावजूद, इन फंड्स के लिए लंबी अवधि की तस्वीर बेहद शानदार नजर आ रही है। वित्तीय डेटा प्लेटफॉर्म सोसोवैल्यू (SoSoValue) के आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन स्पॉट ETF में कुल निवेश 52 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने जा रहा है। इसके साथ ही, इन प्रोडक्ट्स का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 80 बिलियन डॉलर के करीब मंडरा रहा है। यह भारी-भरकम पूंजी इस बात का पक्का सबूत है कि शॉर्ट-टर्म की अस्थिरता के बावजूद बड़े संस्थान बिटकॉइन को एक लंबी अवधि का मजबूत एसेट मान रहे हैं।

ETF का महत्व और नियामक लड़ाई का इतिहास

इस मार्केट में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि आखिर ETF काम कैसे करता है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड एक तरह का निवेश साधन या इंडेक्स फंड होता है जो किसी खास एसेट या एसेट्स के समूह की कीमतों को बहुत करीब से ट्रैक करता है। जिस तरह शेयर बाजार में पारंपरिक ETF टेक्नोलॉजी या सोने जैसे कमोडिटी सेक्टर को ट्रैक करते हैं, ठीक उसी तरह बिटकॉइन ETF सीधे तौर पर बिटकॉइन की लाइव कीमत को ट्रैक करता है। इस वित्तीय टूल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए रिटेल और बड़े संस्थागत निवेशक खुद डिजिटल कॉइन्स को खरीदे बिना ही इसकी कीमत के उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमा सकते हैं। इससे उन्हें सेल्फ-कस्टडी वॉलेट्स की तकनीकी झंझटों और हैकिंग जैसी सुरक्षा चिंताओं से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाती है।

आज हम जिस ETF बूम को देख रहे हैं, उसका रास्ता कड़े रेगुलेटरी नियमों और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साफ हुआ है। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने अक्टूबर 2021 में अमेरिका के पहले बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF को मंजूरी देकर इस दरवाजे को थोड़ा सा खोला था। उस शुरुआती कामयाबी के बाद, कुल सात बिटकॉइन फ्यूचर्स ETF को हरी झंडी मिली, जबकि 20 से ज्यादा ऐसे ही आवेदन लंबे समय तक पेंडिंग पड़े रहे। सालों तक, SEC का यही तर्क था कि नया क्रिप्टोकरेंसी उद्योग मार्केट मैनिपुलेशन का आसानी से शिकार हो सकता है। इसी डर का हवाला देते हुए SEC लगातार क्रिप्टो ETF की याचिकाओं को टालता रहा। लेकिन, जनवरी 2024 में एक ऐसा फैसला आया जिसने पूरी डिजिटल एसेट इंडस्ट्री की किस्मत बदल दी। SEC ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कई बिटकॉइन स्पॉट ETF की लिस्टिंग और ट्रेडिंग को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी। इस एक फैसले ने दुनिया भर के आम निवेशकों और बड़े संस्थानों के लिए पारंपरिक ब्रोकरेज अकाउंट के जरिए सीधे बिटकॉइन में ट्रेडिंग करने के दरवाजे खोल दिए, जिसे पूरी इंडस्ट्री ने एक गेम चेंजर करार दिया।

क्रिप्टो ETF के इस नए दौर ने आधुनिक निवेशकों के लिए कुछ खास फायदे और नुकसान दोनों पैदा किए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक सीधे डिजिटल एसेट का मालिकाना हक लिए बिना ही इस अस्थिर बाजार में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। यह ढांचा हैक होने, प्राइवेट कीज के खो जाने और डिजिटल एसेट को सुरक्षित रखने के भारी-भरकम खर्चों से बचाता है। इसके अलावा, पारंपरिक शेयर बाजार के निवेशकों के लिए ETF के जरिए क्रिप्टो में आना काफी आसान है। इसमें सुरक्षा की भी बड़ी गारंटी मिलती है क्योंकि फंड को सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी ETF जारी करने वाली कंपनी की होती है। वहीं अगर इसके नुकसान की बात करें, तो सबसे बड़ी खामी यह है कि एक ETF निवेशक के तौर पर आपके पास असली क्रिप्टोकरेंसी का सीधा मालिकाना हक नहीं होता। क्रिप्टो की दुनिया में एक मशहूर कहावत है, "नॉट योर कीज, नॉट योर कॉइन्स।" इसके अलावा, ETF कंपनियों को मैनेजमेंट फीस चुकानी पड़ती है, जिससे लंबी अवधि में निवेश की लागत बढ़ जाती है। और सबसे अहम बात, भले ही ETF एक सुरक्षित दायरा देता है, लेकिन यह बाजार की भारी अस्थिरता और कीमतों में आने वाली अचानक गिरावट से निवेशकों को कभी नहीं बचा सकता।

बिटकॉइन के चार्ट पर बन रहा 'डेथ क्रॉस'

अगर हम तकनीकी नजरिए से देखें, तो बिटकॉइन का मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है। लाइव तकनीकी डेटा बुल्स के लिए खड़ी हो रही मुश्किलों की साफ गवाही दे रहा है। 64,903 डॉलर के आसपास मंडराते हुए, बिटकॉइन कई प्रमुख मूविंग एवरेज से खतरनाक रूप से नीचे ट्रेड कर रहा है। हालांकि इसने पहले 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) को पार करने की कोशिश की थी, लेकिन अब लाइव 50-दिवसीय EMA 65,082 डॉलर पर है, जो ऊपर की तरफ एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसके अलावा, यह कीमत लंबी अवधि के 100-दिवसीय EMA (जो पहले 68,027 डॉलर पर था) और अहम 200-दिवसीय EMA (74,974 डॉलर) के स्तरों से भी काफी नीचे फंसी हुई है। वहीं इसका 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 63,098 डॉलर और 200-दिवसीय SMA 72,555 डॉलर पर है। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि चार्ट पर हाल ही में एक खौफनाक "डेथ क्रॉस" पैटर्न बना है। यह एक भयंकर बियरिश तकनीकी संकेत है, जिसमें छोटी अवधि का 50-दिवसीय EMA लंबी अवधि के 200-दिवसीय EMA को ऊपर से नीचे की तरफ काटता है। यह पैटर्न इशारा करता है कि बाजार एक लंबे डाउनट्रेंड में जा सकता है।

इन भारी बियरिश संकेतों के बावजूद, शॉर्ट-टर्म के लिए कुछ उम्मीद की किरणें भी हैं। 14-दिन के चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) फिलहाल 53 पर है, जो इसे न्यूट्रल जोन में रखते हुए हल्का सा बुलिश संकेत दे रहा है। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस (MACD) इंडिकेटर शॉर्ट-टर्म में एक चौंकाने वाली उम्मीद जगा रहा है। MACD लाइन 567.79 पर है, जो अपनी 276.75 की सिग्नल लाइन से काफी ऊपर है और एक बुलिश हिस्टोग्राम (291.04) बना रही है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 18 का बेहद कमजोर स्कोर दिखा रहा है, जो यह साबित करता है कि फिलहाल ट्रेंड में कोई मजबूती नहीं है और मार्केट एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है। अगर हम सपोर्ट और रेजिस्टेंस की बात करें, तो बिटकॉइन के लिए शुरुआती सपोर्ट 64,425 डॉलर और इसके बाद 63,947 डॉलर पर मौजूद है। वहीं ऊपर की तरफ 65,809 डॉलर और 66,715 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल बुल्स के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करेंगे। एक गहरे पुलबैक की स्थिति में कीमत 59,189 डॉलर के पुराने स्ट्रक्चरल डिमांड जोन तक भी जा सकती है।

प्रोफेशनल मल्टी-होराइजन टेक्निकल एनालिसिस बिटकॉइन के मौजूदा सफर को और गहराई से समझाता है। एक से छह हफ्ते की छोटी अवधि को देखें, तो बिटकॉइन असल में एक राइजिंग ट्रेंड चैनल में ट्रेड कर रहा है। यह शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर इस बात का संकेत है कि एक्टिव निवेशकों में उम्मीदें बढ़ रही हैं और कीमतों में कुछ हद तक ऊपर की चाल देखने को मिल सकती है। फिलहाल यह क्रिप्टोकरेंसी 66,000 डॉलर के स्तर पर मौजूद एक बड़े रेजिस्टेंस को चुनौती दे रही है। हालांकि यहां से कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है, लेकिन अगर यह 66,000 डॉलर के स्तर को पार कर जाता है, तो यह बाजार के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत होगा। हालांकि निगेटिव वॉल्यूम बैलेंस ने शॉर्ट-टर्म की इस बुलिश उम्मीद को थोड़ा कमजोर कर दिया है, जिससे यह तकनीकी रूप से न्यूट्रल स्थिति में आ गया है। वहीं एक से छह महीने की मध्यम अवधि के लिए तस्वीर पूरी तरह से बदल जाती है। बिटकॉइन एक फॉलिंग ट्रेंड चैनल में फंस गया है, जो यह बताता है कि कीमतों में लंबे समय तक सुस्ती आ सकती है और लंबी अवधि के निवेशक फिलहाल खरीदारी से दूर हैं। इसके बावजूद, इसने हाल ही में 63,000 डॉलर के आसपास के एक छोटे रेजिस्टेंस जोन को तोड़ा है, जो एक छोटी रिकवरी की उम्मीद जगाता है। लंबी अवधि (एक से छह तिमाही) की बात करें, तो बिटकॉइन का सफर लगातार गिरावट वाले फॉलिंग ट्रेंड चैनल में ही बना हुआ है।

एथेरियम में भी रिकवरी की धीमी रफ्तार

अब अगर हम व्यापक ऑल्टकॉइन बाजार की तरफ मुड़ें, तो एथेरियम भी अपनी अलग चुनौतियों से जूझ रहा है। मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी का रिकवरी का सफर अपनी रफ्तार पूरी तरह खोता नजर आ रहा है। एथेरियम फिलहाल 1,930 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है और भारी तकनीकी रुकावटों को पार करने में बुरी तरह से संघर्ष कर रहा है। हालांकि, संस्थागत मोर्चे पर एथेरियम स्पॉट ETF काफी शानदार और उम्मीद भरी तस्वीर पेश कर रहे हैं। बुधवार को एथेरियम ETF में शुद्ध निवेश 73 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो मंगलवार के 37 मिलियन डॉलर के मुकाबले करीब-करीब दोगुना है। निवेश में आए इस भारी उछाल से इन फंड्स का कुल निवेश मामूली बढ़त के साथ 11.15 बिलियन डॉलर से 11.23 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। इसी तरह, इन एथेरियम फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट भी मंगलवार के 10.48 बिलियन डॉलर से बढ़कर 10.57 बिलियन डॉलर हो गया है।

निवेशकों के इतने भारी समर्थन के बावजूद, चार्ट पर एथेरियम की लाइव कीमत पूरी तरह से बंधी हुई नजर आ रही है। फिलहाल यह अपने 50-दिवसीय EMA से थोड़ा ऊपर बैठा है, जो 1,832 डॉलर पर मौजूद है। लेकिन यह 1,938 डॉलर के अहम 100-दिवसीय EMA और 2,175 डॉलर के बड़े 200-दिवसीय EMA के स्तरों से बहुत नीचे फंसा हुआ है। एथेरियम का MACD हिस्टोग्राम इस समय पॉजिटिव क्षेत्र में है, और RSI भी बुलिश संकेत देते हुए 64 के करीब मंडरा रहा है। ये सारे इंडिकेटर्स इस बात का इशारा कर रहे हैं कि बाजार में एक छिपी हुई बुलिश रफ्तार मौजूद है, लेकिन यह अब तक ऊपरी स्तर पर मौजूद ट्रेंड बैरियर्स को तोड़ने में बुरी तरह से नाकाम रही है। अगर हम चार्ट पर रेजिस्टेंस की बात करें, तो सबसे पहली रुकावट 1,938 डॉलर के 100-दिवसीय EMA पर मजबूती से खड़ी है। अगर बुल्स इस स्तर को जीत लेते हैं, तो उनके सामने 2,175 डॉलर के पास 200-दिवसीय EMA की एक और बड़ी चुनौती होगी। इसके उलट, अगर कीमतों में गिरावट आती है, तो सबसे पहला सपोर्ट 1,832 डॉलर के 50-दिवसीय EMA पर मिलेगा। अगर कीमत इसके भी नीचे गिरती है, तो इसका सीधा मतलब होगा कि बाजार एक बड़े डाउनट्रेंड में जा रहा है और फिलहाल दिख रहे सभी सकारात्मक संकेत पल भर में खत्म हो जाएंगे।

XRP और ऑल्टकॉइन्स का संघर्ष

रिपल का XRP टोकन भी कुछ इसी तरह की मुश्किलों का सामना कर रहा है। यह लगातार नीचे खिसकते हुए 1.10 डॉलर और 1.15 डॉलर की एक बेहद संकरी और घुटन भरी रेंज में ट्रेड कर रहा है। बिटकॉइन और एथेरियम के मुकाबले XRP से जुड़े निवेश उत्पादों को लेकर संस्थागत निवेशकों में कोई खास दिलचस्पी देखने को नहीं मिली है। बुधवार को XRP ETF में किसी भी तरह की कोई बड़ी हलचल नजर नहीं आई। हफ्ते के शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो, सोमवार को इसमें सिर्फ 2.5 मिलियन डॉलर और मंगलवार को करीब 6 मिलियन डॉलर का ही निवेश आया। एनालिटिक्स फर्म सोसोवैल्यू के मुताबिक, इन विशेष उत्पादों में कुल निवेश पूरी तरह से स्थिर होकर 1.49 मिलियन डॉलर पर अटका हुआ है, जबकि इनका नेट एसेट 1 बिलियन डॉलर के आसपास बना हुआ है। निवेश के इन निराशाजनक आंकड़ों के बावजूद, फंड्स में इतनी पूंजी का बना रहना इस बात को साबित करता है कि कुछ निवेशकों का XRP निवेश विकल्पों पर अब भी एक लंबी अवधि का पक्का भरोसा कायम है।

स्पॉट मार्केट में XRP बेहद संभलकर 1.13 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। इसके ठीक ऊपर कई मूविंग एवरेज की एक मोटी दीवार खड़ी है, जो एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर रही है। 50-दिवसीय EMA खतरनाक रूप से 1.15 डॉलर के करीब मंडरा रहा है, जबकि लंबी अवधि के 100-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA क्रमशः 1.23 डॉलर और 1.44 डॉलर पर मौजूद हैं। ये सभी अहम ट्रेंडलाइन्स फिलहाल लाइव कीमत से बहुत ऊपर हैं, जो यह तय करती हैं कि एक हल्के सकारात्मक मोमेंटम के बावजूद शॉर्ट-टर्म के लिए तकनीकी तस्वीर पूरी तरह से बियरिश बनी हुई है। इंडिकेटर्स की गहराई में जाएं, तो XRP का MACD अभी भी पॉजिटिव क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है, जिसमें मुख्य MACD लाइन अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर चलते हुए एक मामूली पॉजिटिव हिस्टोग्राम बना रही है। इसके साथ ही, RSI 55 के आसपास है, जो एक न्यूट्रल से बुलिश रीडिंग है और इस बात का इशारा करती है कि बाजार में लगातार खरीदारी की दिलचस्पी बनी हुई है।

चार्ट पर XRP के ट्रेडिंग बैंड्स का विश्लेषण करने पर लड़ाई की साफ लकीरें नजर आती हैं। गिरावट की स्थिति में शुरुआती सपोर्ट बोलिंजर बैंड्स के मध्य स्तर पर बनता दिख रहा है, जो 1.11 डॉलर के आसपास है। अगर बाजार में बिकवाली का दबाव फिर से लौटता है और यह स्तर टूटता है, तो कीमतों को 1.06 डॉलर के निचले बैंड पर एक बहुत बड़ा तकनीकी सहारा मिलेगा। दूसरी तरफ, अगर बुल्स को बढ़त हासिल करनी है, तो उन्हें एक लंबी चढ़ाई चढ़नी होगी। सबसे पहले उन्हें 1.15 डॉलर पर मौजूद 50-दिवसीय EMA को फिर से हासिल करना होगा, जिससे शॉर्ट-टर्म में मंदी का दबाव थोड़ा कम हो सके। इसके तुरंत बाद 1.16 डॉलर पर ऊपरी बोलिंजर लेयर का अगला बड़ा अवरोध सामने खड़ा होगा। अंत में, केवल 1.23 डॉलर के 100-दिवसीय EMA के ऊपर एक मजबूत और भारी वॉल्यूम वाले ब्रेकआउट से ही XRP के चार्ट पर छाई बियरिश मंदी को चुनौती मिलनी शुरू होगी।

ऑल्टकॉइन बाजार का बाकी हिस्सा फिलहाल कुछ अलग-थलग पड़े ब्रेकआउट्स और भारी सुस्ती का मिला-जुला रूप दिखा रहा है। स्टेलर (Stellar) या XLM इस समय 0.187 डॉलर के बेहद अहम सपोर्ट जोन के आसपास भारी कंसोलिडेशन के लंबे दौर से गुजर रहा है। इस बीच, हेडेरा (Hedera) और लिडो डाओ (Lido DAO) जैसे डिजिटल एसेट्स पूरे मार्केट की सुस्ती को मात देते हुए अपना बुलिश मोमेंटम बरकरार रखे हुए हैं। ये दोनों ही टोकन अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपरी किनारों को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इन छिटपुट तेजियों के बावजूद, डेरिवेटिव्स मार्केट से मिल रहे मिले-जुले डेटा इस बात का मजबूत संकेत देते हैं कि प्रोफेशनल ट्रेडर्स काफी डरे हुए हैं, जिससे पूरे क्रिप्टो मार्केट की अगली बड़ी चाल को लेकर भारी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

सीनेट में क्लैरिटी एक्ट का अपडेटेड वर्जन पेश

राजनीतिक और रेगुलेटरी मोर्चे पर बात करें, तो वाशिंगटन में कुछ अहम घटनाक्रम हो रहे हैं जिनका डिजिटल एसेट इंडस्ट्री पर बहुत लंबा प्रभाव पड़ सकता है। सीनेट रिपब्लिकंस ने बुधवार को डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट (Digital Asset Market CLARITY Act) का एक नया और पूरी तरह से अपडेटेड वर्जन जारी करके एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। यह रिलीज इंडस्ट्री के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ हुई कई लंबी ब्रीफिंग कॉल्स और गहन चर्चाओं के बाद की गई है। इस अपडेटेड कानून में एक बहुत ही अहम बदलाव किया गया है, जिसके तहत कड़े नैतिक प्रतिबंध (ethics restrictions) शामिल किए गए हैं। ये नए नियम खास तौर पर सरकारी अधिकारियों और उनके जीवनसाथी की डिजिटल एसेट गतिविधियों और निवेश पर रोक लगाने के लिए बनाए गए हैं। इसका मुख्य मकसद सरकारी नीतियों और क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के बीच होने वाले किसी भी तरह के हितों के टकराव को रोकना और बाजार में एक नई तरह की पारदर्शिता लाना है।

सवाल-जवाब

ETF में भारी निवेश के बावजूद बिटकॉइन की कीमत क्यों गिर रही है?
स्पॉट ETF में आ रहे संस्थागत पैसे पर फिलहाल पूरे बाजार की भारी बिकवाली का दबाव भारी पड़ रहा है, जो रिटेल निवेशकों के डर और कमजोर तकनीकी मोमेंटम की वजह से पैदा हुआ है।
बिटकॉइन के लिए 'डेथ क्रॉस' का क्या मतलब होता है?
डेथ क्रॉस चार्ट पर बनने वाला एक भयंकर बियरिश (मंदी का) पैटर्न है, जिसमें 50-दिवसीय मूविंग एवरेज लंबी अवधि के 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे गिर जाता है, जो एक लंबे डाउनट्रेंड की शुरुआत का संकेत देता है।
बिटकॉइन और एथेरियम ETF में अब तक कितना पैसा आया है?
बिटकॉइन स्पॉट ETF में कुल निवेश 52 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पहुंच गया है, जबकि एथेरियम स्पॉट ETF में 11.23 बिलियन डॉलर से ज्यादा का शुद्ध निवेश हुआ है।
क्या XRP ETF में भी बिटकॉइन और एथेरियम जैसी ही दिलचस्पी दिख रही है?
नहीं, XRP से जुड़े निवेश उत्पादों को लेकर निवेशकों का उत्साह बेहद ठंडा रहा है, जिसमें कुल निवेश सिर्फ 1.49 मिलियन डॉलर के आसपास ही अटका हुआ है।
डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट क्या है?
यह सीनेट रिपब्लिकंस द्वारा जारी किया गया एक अपडेटेड विधायी प्रस्ताव है, जो सरकारी अधिकारियों की डिजिटल एसेट गतिविधियों पर कड़े नैतिक प्रतिबंध और नियम लागू करता है।
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