पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिक काठमांडू से सुरक्षित दिल्ली पहुंच चुके हैं। देश की राजधानी दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्वयं इन तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और उनका ढांढस बंधाया। हालांकि चिंता का विषय यह है कि नेपाल के अलग अलग हिस्सों में मौजूद 320 भारतीय नागरिकों से अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय मूल के लगभग 100 विदेशी नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत सरकार नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर सभी लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
लापता नागरिकों की खोज और विभिन्न हिस्सों से रेस्क्यू की स्थिति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने का काम पूरी तेजी से किया जा रहा है। काठमांडू से सुरक्षित दिल्ली लाए गए तमिलनाडु के 21 नागरिकों की रवानगी से पहले काठमांडू स्थित भारतीय राजदूत ने भी उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। राहत की बात यह है कि नेपाल के त्रिशूली वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
इसके अलावा चीन की सीमा के पास फंसे 96 अन्य भारतीय नागरिक भी सुरक्षित तरीके से नेपाल की सीमा में दाखिल होने में सफल रहे हैं। इन सभी नागरिकों को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क टूटा है, उनका लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास जारी है। इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता हुए 100 भारतीय मूल के लोगों के संबंध में स्थानीय अधिकारियों से निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की तीर्थयात्रियों से मुलाकात और वैश्विक आभार
दिल्ली पहुंचे तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके अनुभव सुने। 28 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए विदेश मंत्री ने लिखा कि नेपाल बाढ़ से सुरक्षित बचाए गए तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों से मिलकर वह बेहद भावुक महसूस कर रहे हैं। उन्होंने संकट के समय में भारतीय नागरिकों की मदद करने के लिए नेपाल सेना मुख्यालय और नेपाल सरकार के प्रयासों की सराहना की।
इसके साथ ही विदेश मंत्री ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की त्वरित कार्रवाई और सुगम समन्वय की प्रशंसा की, जिसकी वजह से नागरिकों की वतन वापसी संभव हो सकी। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक नेपाल में मौजूद अंतिम भारतीय नागरिक सुरक्षित वापस नहीं लौट आता, तब तक यह राहत एवं बचाव मिशन लगातार जारी रहेगा।
नेपाल के लिए भारत का मानवीय सहायता पैकेज और ढांचागत समर्थन
संकट की इस घड़ी में भारत ने नेपाल को हर संभव मानवीय और तकनीकी मदद देने की घोषणा की है। भारत सरकार की ओर से आवश्यक राहत सामग्री भरकर दो विशेष विमान नेपाल भेजे जा चुके हैं, जबकि तीसरी खेप लेकर विमान जल्द ही उड़ान भरने वाला है। नेपाल सरकार के विशेष अनुरोध पर भारत ने टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी भी की है। इसके लिए उपकरणों का आकलन करने हेतु एक प्राथमिक रेकी टीम पहले ही रवाना की जा चुकी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक विशेष मेडिकल टीम भी नेपाल भेजी जा रही है। बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए सड़क संपर्कों को तुरंत बहाल करने के लिए भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम देने की पेशकश की है। वर्तमान में नेपाल में एक बेली ब्रिज पहले से मौजूद है, जिसे तुरंत यातायात बहाल करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसके अलावा भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ की विशेष टीमों को आधुनिक उपकरणों के साथ भेजने का प्रस्ताव दिया है, जो नेपाल सरकार से औपचारिक मंजूरी मिलते ही धरातल पर मोर्चा संभाल लेंगी।



















