दुनिया में सबसे ज्यादा शिबा इनु (SHIB) टोकन रखने वाला देश भारत है। अमेरिका दूसरे स्थान पर है और इंडोनेशिया तीसरे नंबर पर आता है। यह कुत्ते की थीम वाला मेम टोकन एक दौर में करोड़ों नए निवेशकों की पहली पसंद बन गया था, लेकिन अब इसकी कहानी पूरी तरह पलट चुकी है।
भारत में SHIB की दीवानगी कैसे शुरू हुई
भारत में शिबा इनु की लोकप्रियता का सबसे बड़ा सबूत तब मिला जब देश के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज वज़ीरएक्स ने मई 2021 में SHIB की ट्रेडिंग शुरू की। उस दिन इतने सारे ट्रेडर्स एक साथ इसमें पैसा लगाने उमड़े कि पूरा प्लेटफॉर्म क्रैश हो गया। यह वह वक्त था जब शिबा इनु अपनी लोकप्रियता के चरम पर था और हर निवेशक इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहता था।
वज़ीरएक्स ने 2024 में पुष्टि की कि SHIB अभी भी उनके प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला टोकन है। भले ही कीमतें गिर चुकी हों, भारतीय ट्रेडर्स इस टोकन से अलग नहीं हो पाए हैं।
85 मिलियन परसेंट की रैली ने दुनिया को चौंकाया
2020-21 में शिबा इनु ने 85,000,000% (8.5 करोड़ प्रतिशत) की चौंका देने वाली तेजी दर्ज की। इस उछाल ने दुनिया भर में लाखों पहली बार के निवेशकों को क्रिप्टो की दुनिया में खींच लाया। डॉजकॉइन के एक नए विकल्प की तलाश में बैठे ट्रेडर्स ने SHIB को हाथोंहाथ लिया।
निवेश सिर्फ भारत, अमेरिका या इंडोनेशिया तक सीमित नहीं रहा। दुनिया के विकसित, विकासशील और गरीब देशों से भी पैसा आया। सबकी एक ही उम्मीद थी करोड़पति बनना। कुछ शुरुआती निवेशकों ने सच में बड़ा मुनाफा कमाया, कुछ ने जल्दी निकलकर मामूली फायदा उठाया, लेकिन जो देर से आए वे आज भारी घाटे में हैं।
अब क्या हाल है SHIB का
आज की तस्वीर उस रौनक से बिल्कुल अलग है। शिबा इनु की कीमत में लंबे समय से तीखी गिरावट जारी है और रिकवरी का कोई ठोस संकेत नहीं दिख रहा। 2020-21 में खरीदने वाले निवेशक आज भी अपना घाटा लिए बैठे हैं और यह घाटा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहां तक कि जिन ट्रेडर्स ने गिरावट में सस्ते दाम पर खरीदकर औसत निकालने की कोशिश की, वे भी नुकसान में हैं।
इस टोकन का अभी तक सबसे निचला स्तर नहीं आया है और किसी को नहीं पता कि गिरावट की यह कहानी कहां जाकर खत्म होगी। इस वक्त SHIB में पैसा लगाना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है, यह किसी भी निवेशक के पोर्टफोलियो को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।













