क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हाल के दिनों में दर्ज की गई जबरदस्त तेजी के बाद अब सुस्ती देखने को मिल रही है। बुधवार को इथेरियम की कीमत में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते यह डिजिटल टोकन 2,700 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया। हाल ही में 2,786 डॉलर के स्तर पर मजबूत प्रतिरोध का सामना करने के बाद यह बिकवाली देखी गई है। इस गिरावट के साथ अब बाजार की नजरें 2,626 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट स्तर पर टिक गई हैं। समग्र बाजार में एक ओर जहां बिटकॉइन लगभग 86,000 डॉलर के आसपास स्थिरता बनाए हुए है, वहीं इथेरियम में आई यह सुस्ती डेरिवेटिव्स और ऑन-चेन दोनों स्तरों पर व्यापक सतर्कता को दर्शाती है।
डेरिवेटिव्स बाजार में शांत ओपन इंटरेस्ट और लीवरेज की स्थिति
वायदा और डेरिवेटिव्स बाजार में ओपन इंटरेस्ट, जो कि अनिर्णीत या खुले अनुबंधों के कुल मूल्य को दर्शाता है, पिछले पूरे महीने के दौरान काफी शांत रहा है। अगस्त के अंत में देखे गए शॉर्ट स्क्वीज के दौरान इथेरियम की कीमत 2,000 डॉलर के पार निकल गई थी। उस घटनाक्रम के दौरान ओपन इंटरेस्ट लगभग 7,00,000 ETH गिरकर 12.9 मिलियन ETH तक आ गया था। इसके बाद सितंबर के शुरुआती हफ्तों में इसमें थोड़ा सुधार देखा गया, लेकिन पिछले सप्ताह इसमें फिर गिरावट दर्ज की गई और वर्तमान में यह लगभग 13 मिलियन ETH के आसपास बना हुआ है।
अमेरिकी डॉलर के मूल्य के आधार पर देखा जाए तो जून के निचले स्तर से अब तक इथेरियम की कीमत में 70 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। इसके उलट, इसी समयावधि के दौरान ओपन इंटरेस्ट में केवल 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जिससे यह 34.8 अरब डॉलर पर पहुंच पाया। लेवरेज पूंजी की इस सीमित भागीदारी से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बड़े वायदा कारोबारी इस मौजूदा तेजी में अत्यधिक जोखिम लेने से बच रहे हैं। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि लेवरेज की यह कमी बाजार को अचानक बड़े लिक्विडेशन के झटकों से बचाती है और यदि भविष्य में संस्थागत व खुदरा निवेशक अपनी स्थिति बढ़ाते हैं, तो आगे विस्तार के लिए भरपूर गुंजाइश भी छोड़ती है।
ऑन-चेन नेटवर्क गतिविधि और लेयर 2 का प्रभाव
मूल्य में आई 70 प्रतिशत की बढ़त के बावजूद इथेरियम की ऑन-चेन नेटवर्क गतिविधि में कोई उल्लेखनीय विस्तार देखने को नहीं मिला है। ऑन-चेन आंकड़ों के अनुसार सक्रिय पते, जो एक निश्चित समय में लेनदेन में शामिल अद्वितीय वॉलेट पतों की कुल संख्या को दर्शाते हैं, पिछले तीन महीनों से सपाट बने हुए हैं। इसके साथ ही इथेरियम के मुख्य नेटवर्क यानी मेननेट पर कुल लेनदेन की संख्या में भी इस अवधि के दौरान गिरावट दर्ज की गई है।
ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि जब भी किसी क्रिप्टो परिसंपत्ति में टिकाऊ और लंबी अवधि की तेजी आती है, तो ऑन-चेन नेटवर्क गतिविधि में स्वाभाविक रूप से इजाफा होता है। मौजूदा सुस्ती के पीछे एक बड़ा कारण हाल के इथेरियम तकनीकी अपग्रेड के बाद लेयर 2 नेटवर्क की बढ़ी हुई क्षमता को माना जा रहा है। उपयोगकर्ता और विकेंद्रीकृत एप्लिकेशन अब मेननेट के बजाय लेयर 2 समाधानों पर कम शुल्क में लेनदेन कर रहे हैं, जिससे मुख्य नेटवर्क पर लेनदेन की संख्या सीमित नजर आ रही है।
24 घंटों में 119 मिलियन डॉलर के परिसमापन
कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान इथेरियम में लगभग 119 मिलियन डॉलर के पोजीशन का परिसमापन यानी लिक्विडेशन हुआ है। इस बिकवाली में सबसे बड़ा नुकसान तेजी की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडर्स को हुआ, जहां अकेले 95.8 मिलियन डॉलर के लॉन्ग लिक्विडेशन दर्ज किए गए। जैसे ही कीमत 2,786 डॉलर से गिरकर 2,700 डॉलर के नीचे आई, स्टॉप लॉस ट्रिगर होने से यह तीव्र बिकवाली देखी गई।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी स्तर और समर्थन-प्रतिरोध
दैनिक मूल्य चार्ट के आधार पर इथेरियम अभी भी अपनी व्यापक तेजी की संरचना बनाए हुए है, क्योंकि इसकी कीमत प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA से काफी ऊपर टिकी हुई है। नीचे की ओर, 2,786 डॉलर से वापसी के बाद तत्काल सपोर्ट 2,626 डॉलर के पूर्व क्षैतिज स्तर पर स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला महत्वपूर्ण मांग क्षेत्र 2,549 डॉलर पर स्थित 20-दिवसीय EMA और 2,544 डॉलर के क्षैतिज सपोर्ट के पास क्लस्टर के रूप में मौजूद है। इसके नीचे 2,431 डॉलर और 2,368 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय EMA को अतिरिक्त कुशन के रूप में देखा जा रहा है।
ऊपर की ओर, किसी भी नए सुधार के लिए इथेरियम को पहले 2,786 डॉलर के शुरुआती प्रतिरोध को पार करना होगा। यदि खरीदार इस बाधा को तोड़ने में सफल रहते हैं, तो मौजूदा तेजी को आगे बढ़ाने के लिए 2,894 डॉलर और 3,177 डॉलर के अगले अवरोधों को साफ करना आवश्यक होगा। तकनीकी गति संकेतक जैसे रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI और स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर ओवरबॉट क्षेत्र में संक्षिप्त समय बिताने के बाद अब धीरे-धीरे ठंडे हो रहे हैं।
व्यापक क्रिप्टो बाजार और अन्य टोकनों का हाल
समग्र डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी इस समय मिश्रित रुझान देखने को मिल रहा है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन 86,000 डॉलर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर रिपल यानी XRP बुधवार को तेजी के साथ लगभग 1.60 डॉलर के आसपास पहुंच गया और इसने लगातार छठे दिन बढ़त का सिलसिला जारी रखा। मजबूत मूविंग एवरेज और गति संकेतकों के दम पर XRP की तकनीकी स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है।
इस बीच नियर प्रोटोकॉल ने ओन्डो के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयरों और ईटीएफ को एक गोपनीय खाते के तहत लाना है। अमेरिकी नियामकों द्वारा ऑन-चेन ट्रेडिंग के लिए रूपरेखा आसान बनाए जाने के बीच यह पहल गोपनीयता पर केंद्रित है। वहीं विकेंद्रीकृत वित्त क्षेत्र में हाइपरलिक्विड पिछले दिन 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 98.03 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छूने के बाद बुधवार को 97 डॉलर से थोड़ा नीचे आ गया। डेफीलामा के आंकड़ों के अनुसार स्टेबलकॉइन को छोड़कर हाइपरलिक्विड राजस्व के मामले में शीर्ष डेफी प्रोटोकॉल बनकर उभरा है।



















