गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शांति बोर्ड ने तैयार किया 2.45 अरब डॉलर का शुरुआती खाकान्यूयॉर्क में भारत और प्रशांत द्वीप देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की अध्यक्षतासाइबरनाइफ और डीबीएस से आसान हुआ दिमागी बीमारियों का उपचार, मरीजों को मिला नया जीवनऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर एशले नोफ्के बने डच क्रिकेट टीम के मुख्य कोच, दो बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स पर नजरेंअमेरिकी डॉलर की मजबूती से मैक्सिकन पेसो में भारी गिरावट, यूएसडी/एमएक्सएन 17.50 के करीब पहुंचाकच्चे तेल में नरमी के बीच शेयर बाजार में बढ़त के आसार, जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम स्तरटी20 बल्लेबाजों की ताजा आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष पर भारतीय दबदबा, अभिषेक शर्मा ने घटाई ईशान किशन से दूरीरेज़र नागा वी3 प्रो रिव्यू: मॉड्यूलर पैनल्स और दमदार सेंसर के साथ गेमिंग और वर्कफ्लो का मास्टरहोलकर स्टेडियम में भारत बनाम वेस्टइंडीज टी-20 के रियायती टिकट साठ सेकंड में खत्म, आम बिक्री पच्चीस सितंबर सेबिग बॉस 20 में कुशाल तंवर ने खोला अपनी शादी का राज, चार से पांच महीने में ही टूट गया था रिश्ता
गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शांति बोर्ड ने तैयार किया 2.45 अरब डॉलर का शुरुआती खाकामध्य पूर्व
24 सित॰ 2026, 2:52 am (3 मिनट पहले)· 1

गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शांति बोर्ड ने तैयार किया 2.45 अरब डॉलर का शुरुआती खाका

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पेश किए गए इस शुरुआती पैकेज के तहत आवास, बिजली और मलबे की सफाई के लिए 66 कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। हालांकि, दीर्घकालिक पुनर्निर्माण के लिए 71.4 अरब डॉलर की भारी भरकम धनराशि की जरूरत होगी।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर युद्धग्रस्त गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण और जनजीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए 2.45 अरब डॉलर यानी लगभग 1.85 अरब पाउंड की एक बड़ी योजना सामने रखी गई है। इस पुनर्निर्माण कार्यक्रम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर गठित शांति बोर्ड ने औपचारिक रूप से पेश किया है। इस शुरुआती राहत और बहाली पैकेज का प्राथमिक उद्देश्य अगले छह महीनों के भीतर युद्ध से बुरी तरह तबाह हो चुके बुनियादी ढांचे को तात्कालिक सहारा देना है।

शुरुआती छह महीनों में 66 कार्यक्रमों पर खर्च होगी राशि

घोषित रूपरेखा के अनुसार, आवंटित की गई 2.45 अरब डॉलर की इस धनराशि को छह महीने की समयावधि में कुल 66 अलग-अलग कार्यक्रमों में विभाजित करके खर्च किया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर ऐसे क्षेत्रों को चुना गया है जो आम नागरिकों की रोज़मर्रा की बुनियादी ज़रूरतों से जुड़े हैं। इनमें बेघर हो चुके लोगों के लिए अस्थायी तथा स्थायी आवास का प्रबंध करना, इलाके में बिजली संकट दूर करने के लिए डीजल आधारित बिजली उत्पादन को चालू रखना और चारों तरफ फैले मलबे तथा कचरे का निस्तारण शामिल है। प्रशासनिक स्तर पर इसे गाजा को स्थिर करने का पहला ठोस चरण माना जा रहा है।

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दीर्घकालिक पुनर्निर्माण के लिए चाहिए 71.4 अरब डॉलर

योजना पेश करने के साथ ही बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया कि गाजा को पूरी तरह अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए जिस पैमाने के संसाधनों की आवश्यकता है, उसके मुकाबले मौजूदा फंड बेहद सीमित है। बोर्ड के आंतरिक आकलनों के मुताबिक, अगले एक दशक यानी आने वाले दस वर्षों में गाजा के संपूर्ण पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक बहाली के लिए लगभग 71.4 अरब डॉलर की विशाल राशि जुटानी होगी।

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वादों और वास्तविक वित्तीय मदद के बीच एक बहुत बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। इस संबंध में अब तक लगभग 18 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धताएं जताई जा चुकी हैं, लेकिन धरातल पर अब तक केवल 280 मिलियन डॉलर की नकद राशि ही वास्तव में प्राप्त हो पाई है। पर्याप्त फंड का हाथ में न होना इस महत्त्वाकांक्षी योजना की सबसे बड़ी वित्तीय बाधा बनकर उभरा है।

जारेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने साझा की प्रगति

न्यूयॉर्क में आयोजित इस बैठक में गाजा कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि जमीन पर इस परियोजना को अलग-अलग कारणों से रुकावटों का सामना करना पड़ा है। कुशनर ने बोर्ड सदस्यों और विभिन्न हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का लक्ष्य केवल यह दिखाना था कि हम वास्तव में इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

बैठक में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ भी मौजूद थे, जिन्होंने बीते एक वर्ष के दौरान हुए प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले एक साल में समूह ने वास्तविक प्रगति हासिल की है। विटकॉफ ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि सभी बंधक अपने घर लौट चुके हैं और युद्धविराम लागू है, भले ही वह अधूरा हो लेकिन वह अभी भी कायम है। उन्होंने आगे कहा कि मानवीय प्रयासों ने ऐतिहासिक परिणाम दिए हैं, जहां तत्काल जरूरतों को पूरा करने और बहाली के लंबे सफर को समर्थन देने के लिए अरबों डॉलर दान किए गए और वादे किए गए।

मैदान पर सुरक्षा और राजनीतिक सहमति की गंभीर चुनौतियां

वित्तीय संकट के अलावा इस योजना के क्रियान्वयन में कई ज़मीनी और कूटनीतिक पेच फंसे हुए हैं। गाजा के भीतर काम करने वाले सहायता कर्मियों, इंजीनियरों और गैर-सरकारी संगठनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ा प्रश्न बना हुआ है। इसके साथ ही गाजा के आंतरिक शासन तंत्र में आमूलचूल सुधार करना और इजरायल तथा फिलिस्तीन के अधिकारियों के बीच एक साझा सहमति कायम करना भी अनिवार्य है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को आयोजित एक अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्तीय स्थिति पर बात करते हुए बताया कि कई देश आगे आए हैं और उन्होंने वित्तीय सहायता देने का वादा किया है, और बोर्ड उन अन्य देशों की तलाश कर रहा है जो इस प्रक्रिया में भाग लेंगे। वहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और बोर्ड के सदस्य सर टोनी ब्लेयर ने सभा में मौजूद सभी पक्षों को आगाह करते हुए कहा कि हमारे ऊपर जिम्मेदारी बहुत बड़ी है।

जमीनी हालात: युद्धविराम के बावजूद जारी नुकसान

इस पूरी पहल के बीच सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी भी जारी की है। अगस्त के महीने में म्लादेनोव ने आगाह किया था कि पिछले साल अक्टूबर में तय हुए युद्धविराम का टूटना इस पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐसा मोड़ साबित होगा जहां से वापसी संभव नहीं होगी।

मैदान पर मानवीय स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका की मध्यस्थता से लागू हुए युद्धविराम के बाद से गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 1,381 फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें 300 बच्चे शामिल हैं। ये आंकड़े गाजा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्वसनीय माना जाता है। दूसरी तरफ इजरायली सेना के अनुसार, इसी युद्धविराम अवधि के दौरान उसके पांच सैनिक सैन्य अभियानों में मारे गए हैं, जबकि एक ठेकेदार की जान एक परिचालन दुर्घटना में गई है।

शांति बोर्ड की पृष्ठभूमि और निरस्त्रीकरण का विवाद

शांति बोर्ड का गठन डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय गाजा शांति योजना के तहत किया गया था, जिसका अनावरण उन्होंने पिछले वर्ष सितंबर में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर किया था। इस योजना के अंतर्गत हमास ने इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों और गाजा के बंदियों की रिहाई के बदले गाजा में बंधक बनाए गए सभी 48 शेष बंधकों को वापस सौंपने पर सहमति जताई थी। साथ ही हमास ने गाजा का शासन फिलिस्तीनी तकनीकी विशेषज्ञों यानी टेक्नोक्रेट्स को सौंपने के विचार का भी समर्थन किया था।

इसके बाद जुलाई के महीने में हमास ने गाजा के लिए एक निरस्त्रीकरण योजना को स्वीकार करने की बात कही थी, जिसके तहत वह अपने हथियार डालने को तैयार था, बशर्ते इजरायल हर तरह की आक्रामकता समाप्त करे और अपने सैन्य बलों को गाजा से पूरी तरह वापस बुला ले। हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में इस शर्त को ठुकरा दिया और साफ कहा कि जब तक हमास पूरी तरह और प्रामाणिक रूप से निहत्था नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना गाजा में तैनात रहेगी। शुरुआत में शांति बोर्ड को केवल गाजा में शांति स्थापित करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में देखा गया था, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के अन्य संघर्षों को भी इसके दायरे में शामिल कर लिया गया।

सवाल-जवाब

गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शुरुआती तौर पर कितनी राशि घोषित की गई है?
शांति बोर्ड ने शुरुआती छह महीनों के लिए 2.45 अरब डॉलर (लगभग 1.85 अरब पाउंड) की योजना घोषित की है।
इस शुरुआती राहत पैकेज के तहत कौन से काम किए जाएंगे?
इस राशि से 66 कार्यक्रमों के जरिए आवास, डीजल बिजली उत्पादन और मलबे की सफाई जैसे जरूरी काम किए जाएंगे।
अगले दस वर्षों में गाजा के पूर्ण पुनर्निर्माण के लिए कुल कितने बजट का अनुमान है?
बोर्ड के अनुमान के मुताबिक, अगले एक दशक में गाजा के पूर्ण पुनर्निर्माण और बहाली के लिए लगभग 71.4 अरब डॉलर की जरूरत होगी।
अब तक कितनी धनराशि के वादे किए गए हैं और वास्तव में कितनी रकम मिली है?
कुल 18 अरब डॉलर देने के वादे किए गए हैं, लेकिन अब तक केवल 280 मिलियन डॉलर की नकद राशि ही सौंपी गई है।
युद्धविराम शुरू होने के बाद से अब तक दोनों पक्षों में कितना जानी नुकसान हुआ है?
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायली हमलों में 300 बच्चों सहित 1,381 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि इजरायली सेना के 5 सैनिक और 1 ठेकेदार की मौत हुई है।
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