क्रिप्टोकरेंसी बाजार में शुक्रवार को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जब सितंबर महीने के कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के सामने आने के बाद इथेरियम अपनी हालिया बढ़त गंवा बैठा। दिन के शुरुआती कारोबार में 2,770 डॉलर के स्तर तक पहुंचने के बाद टोकन में बिकवाली शुरू हुई, जिससे इसका भाव लुढ़ककर 2,700 डॉलर के नीचे आ गया। अमेरिका में गैर-कृषि पेरोल के अनुमान से काफी कमजोर रहने के बावजूद वित्तीय बाजारों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कम होती उम्मीदों को पहले ही भुना लिया, जिसके चलते क्रिप्टो बाजार को अपेक्षित उछाल नहीं मिल सका। वर्तमान में लाइव मार्केट डेटा के अनुसार इथेरियम 2,659 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 2,706 डॉलर के मुकाबले 1.71 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बॉन्ड यील्ड का असर
अमेरिकी श्रम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अर्थव्यवस्था में केवल 29,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि बाजार को 90,000 नौकरियों की उम्मीद थी। इसके साथ ही बेरोजगारी दर भी बढ़कर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अनुमानों से थोड़ा अधिक है। रोजगार बाजार में आई इस सुस्ती और मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाओं को बड़ा झटका दिया है। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, कुछ दिन पहले तक दर वृद्धि की संभावना जहां 70 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई थी, वहीं अब यह गिरकर महज 23.8 प्रतिशत रह गई है।
सामान्य तौर पर नीतिगत दरों में स्थिरता या कटौती की उम्मीदें जोखिम वाली संपत्तियों के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं, लेकिन इस बार अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड ने अलग रुख दिखाया। आंकड़ों के जारी होने के तुरंत बाद 10-वर्षीय यील्ड पहले गिरकर 5.15 प्रतिशत पर आई, लेकिन कारोबारी सत्र आगे बढ़ने के साथ इसमें दोबारा मजबूती आई और यह 5.28 प्रतिशत पर पहुंच गई। बॉन्ड प्रतिफल में इस उछाल ने डिजिटल संपत्तियों पर दबाव बनाए रखा, जिससे इथेरियम 2,770 डॉलर के अपने एक हफ्ते के उच्च स्तर से नीचे फिसल गया।
ईटीएफ से भारी निकासी और एक्सचेंजों पर बढ़ता दबाव
संस्थागत निवेशकों के रुख को ट्रैक करने वाले आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बाजार में सतर्कता का माहौल है। सोसोवैल्यू के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी स्पॉट इथेरियम ईटीएफ से लगातार तीन दिनों में शुद्ध रूप से 117.7 मिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की गई है। संस्थागत पूंजी का यह बहिर्गमन दर्शाता है कि बड़े निवेशक मौजूदा स्तरों पर मुनाफावसूली या जोखिम कम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
एक्सचेंज नेटफ्लो के रुझान भी इसी बिकवाली के दबाव की पुष्टि करते हैं। पिछले सात दिनों के दौरान क्रिप्टो एक्सचेंजों पर टोकन जमा करने की रफ्तार निकालने की तुलना में अधिक रही है, जिसमें केवल गुरुवार का दिन अपवाद रहा जब निकासी अधिक हुई थी। एक्सचेंजों पर जमा की यह अधिकता बताती है कि सीमित दायरे में चल रहे कारोबार के बीच ट्रेडर बिकवाली की तरफ झुक रहे हैं। हालांकि, डेरिवेटिव बाजार में ओपन इंटरेस्ट पिछले 24 घंटों में लगभग 200,000 ईटीएच बढ़ा है। यह बढ़ोतरी पिछले सप्ताह आई लगातार गिरावट के बाद देखी गई है, जिससे पता चलता है कि ट्रेडर मौजूदा उतार-चढ़ाव में नए दांव लगा रहे हैं।
डेरिवेटिव लिक्विडेशन और तकनीकी विश्लेषण
कीमतों में आई तेज गिरावट का असर फ्यूचर्स बाजार पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इथेरियम नेटवर्क पर कुल 127.2 मिलियन डॉलर के सौदे लिक्विडेट हुए। इनमें से 70.4 मिलियन डॉलर के सौदे लंबी अवधि के खरीदारों यानी लॉन्ग पोजीशन धारकों के थे, जो बाजार में आई अचानक गिरावट से बंद होने पर मजबूर हो गए।
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इथेरियम 2,786 डॉलर के कड़े रेजिस्टेंस से टकराने के बाद अब 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी 2,631 डॉलर के करीब पहुंच रहा है। यदि यह गिरावट आगे बढ़ती है, तो अगला सहारा 2,626 डॉलर के क्षैतिज स्तर पर मौजूद है। इसके बाद 2,544 डॉलर और 2,431 डॉलर के स्तर अहम सपोर्ट का काम करेंगे, जहां पहले की मांग मौजूदा ईएमए ढांचे के साथ मेल खाती है। यदि बिकवाली और गहरी होती है, तो निचले स्तरों पर 2,172 डॉलर और 1,961 डॉलर पर मजबूत सहारा उपलब्ध है। लाइव तकनीकी आंकड़ों में 50-दिवसीय ईएमए 2,464 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 2,315 डॉलर पर है, जहां गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है।
ऊपर की ओर, रिकवरी की स्थिति में पहला प्रतिरोध 2,786 डॉलर पर बना हुआ है, जिसके बाद 2,880 डॉलर की बाधा सामने आएगी। यदि खरीदारी का रुख तेज होता है, तो आगे के लक्ष्य 3,088 डॉलर और 3,254 डॉलर हो सकते हैं। वर्तमान में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 58 पर और स्टोकेस्टिक 42 पर फिसल गया है, जो खरीदारों के घटते प्रभाव और सुस्त पड़ती मांग की ओर इशारा करते हैं।
व्यापक क्रिप्टो बाजार की हलचल
इथेरियम में आई सुस्ती के विपरीत व्यापक डिजिटल एसेट बाजार में मिली-जुली गति देखने को मिली है। बिटकॉइन 86,000 डॉलर के स्तर के आसपास मजबूत बना रहा, जिसने सितंबर में 6.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर मौसमी कमजोरी के चक्र को तोड़ा है। ऐतिहासिक रूप से सकारात्मक सितंबर के बाद अक्टूबर का महीना बिटकॉइन के लिए मजबूत माना जाता है।
वहीं अन्य प्रमुख टोकनों में रिपल 1.54 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा, जो अपने साप्ताहिक निचले स्तर 1.47 डॉलर से सुधरा है। डॉगकॉइन में भी शुक्रवार को 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 0.097 डॉलर से ऊपर टिका रहा, जहां खरीदार 0.10 डॉलर के पार निकलने की कोशिश में हैं। डॉगकॉइन के फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट में भी पिछले 24 घंटों के भीतर 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, इथेरियम के लिए आने वाले सत्र बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, जहां 2,626 डॉलर और 2,631 डॉलर के सपोर्ट स्तरों का बचाव टोकन की दिशा तय करेगा।
























