वैश्विक वित्तीय बाजारों में मचे उथल-पुथल के बीच प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को इथेरियम का भाव 2,500 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जिसमें लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन रहा जब डिजिटल एसेट लाल निशान में बंद हुआ। इस तेज गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आया अप्रत्याशित उछाल माना जा रहा है, जिसने निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से दूर जाने पर मजबूर कर दिया।
लाइव मार्केट आंकड़ों के मुताबिक, इथेरियम का भाव 2,482 डॉलर पर आ गया है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 2,574 डॉलर था, जो 3.55 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के मुकाबले 1.46 गुना दर्ज हुआ है। बीते 52 हफ्तों में इथेरियम का निचला दायरा 1,507 डॉलर और ऊपरी दायरा 2,824 डॉलर रहा है। व्यापक वित्तीय बाजार में बॉन्ड यील्ड के नए शिखर पर पहुंचने से निवेशकों के बीच जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ देखी गई है।
ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों का दोहरा झटका
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में अचानक आई तेजी ने पूरी क्रिप्टो इंडस्ट्री में बिकवाली की लहर पैदा कर दी। अमेरिकी 10-वर्षीय नोट की यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर 5.35 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड दिन के शुरुआती कारोबार में 5.70 प्रतिशत के पार निकल गई। बॉन्ड यील्ड में इस तरह की तेज छलांग आमतौर पर जोखिम भरी संपत्तियों के लिए नकारात्मक साबित होती है, क्योंकि पारंपरिक सुरक्षित निवेश ज्यादा आकर्षक रिटर्न देने लगते हैं। हालांकि बाद में यील्ड घटकर क्रमशः 5.23 प्रतिशत और 5.60 प्रतिशत पर आ गई।
बॉन्ड यील्ड में यह नरमी तब देखने को मिली जब प्रेसिडेंट ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेगा। इस बयान से भू-राजनीतिक तनाव में तात्कालिक राहत तो दिखी, लेकिन डिजिटल संपत्तियों पर बना दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
ईटीएफ से भारी निकासी और संस्थागत बिकवाली
संस्थागत और खुदरा दोनों श्रेणियों के निवेशकों ने बाजार में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू कर दिया है। अमेरिकी स्पॉट ईटीएच एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में इस पूरे हफ्ते एक भी दिन नया निवेश दर्ज नहीं हुआ। सोसोवैल्यू के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को अकेले 160.7 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। यह लगातार सातवां कारोबारी दिन था जब निवेशकों ने फंड से पैसे निकाले, जिससे कुल निकासी का आंकड़ा लगभग 565 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
क्रिप्टो एक्सचेंजों पर इथेरियम के सुरक्षित भंडार में अचानक हुई बढ़ोतरी ने बिकवाली के दबाव को और अधिक हवा दी। बाजार के ऐतिहासिक रुझान बताते हैं कि जब भी एक्सचेंजों के रिजर्व में टोकनों की संख्या बढ़ती है, तब अक्सर तेज बिकवाली देखने को मिलती है। यह रुझान साफ संकेत देता है कि निवेशक अपने टोकन बेचने की तैयारी में एक्सचेंजों पर ट्रांसफर कर रहे हैं।
व्हेल्स और रिटेल वॉलेट्स ने घटाई अपनी होल्डिंग्स
ऑन-चेन विश्लेषण से संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि हर श्रेणी के वॉलेट इसमें शामिल रहे हैं। पिछले दो हफ्तों के दौरान, 10 हजार से 1 लाख ईटीएच रखने वाले बड़े निवेशकों यानी व्हेल्स ने अपने पोर्टफोलियो से 1,51,000 ईटीएच बेचे हैं। बड़े स्तर पर हुई इस निकासी ने बाजार की तरलता पर सीधा असर डाला।
वहीं खुदरा निवेशकों और मध्यम श्रेणी के वॉलेट धारकों ने भी जोखिम कम करने का रुख अपनाया। 1 हजार से 10 हजार ईटीएच रखने वाले वॉलेट्स और 100 से 1 हजार ईटीएच की श्रेणी में आने वाले निवेशकों ने मिलकर लगभग 2,76,000 ईटीएच की निकासी की। इस सामूहिक बिकवाली ने मूल्य स्तरों को नीचे खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डेरिवेटिव्स बाजार में भारी लिक्विडेशन का दौर
डेरिवेटिव्स सेगमेंट में इथेरियम पूरे क्रिप्टो बाजार में लिक्विडेशन का सबसे बड़ा शिकार बना। कॉइनग्लास के आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटे की अवधि के दौरान कुल 351.6 मिलियन डॉलर के पोजीशंस लिक्विडेट किए गए। इनमें से तेजी की उम्मीद लगाकर बैठे ट्रेडर्स को सबसे बड़ा नुकसान हुआ, जहां लॉन्ग लिक्विडेशन 294.6 मिलियन डॉलर रहा, जबकि शॉर्ट पोजीशंस का लिक्विडेशन 57 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
इस भारी लिक्विडेशन ने कीमतों में आई गिरावट की रफ्तार को और तेज कर दिया। जब लेवरेज्ड ट्रेडर्स के स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए, तो बाजार में स्वतः बिकवाली के ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई, जिससे कीमतें तेजी से नीचे की ओर फिसलती चली गईं।
तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण और अहम स्तर
दैनिक चार्ट पर इथेरियम पिछले सप्ताह के ऊंचे स्तरों से पीछे हट चुका है और अब अल्पकालिक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है। 2,631 डॉलर पर स्थित 20-दिवसीय ईएमए और 2,502 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए से नीचे फिसलने के बाद, कीमत अब 100-दिवसीय ईएमए 2,338 डॉलर के ऊपर टिकी है, जो मौजूदा ट्रेंड को सहारा दे रही है। यह हलचल अल्पावधि में न्यूट्रल से बेयरिश रुख की ओर इशारा करती है।
तकनीकी मोर्चे पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 37 पर है, जबकि लाइव तकनीकी विश्लेषण में आरएसआई 38 पर दर्ज हुआ है, जो कमजोर मोमेंटम को दर्शाता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 18 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि फास्ट लाइन 4 और सिग्नल लाइन 20 पर है। यह स्थिति ओवरसोल्ड दायरे को दर्शाती है, जिसका मतलब यह है कि आगे की गिरावट की रफ्तार धीमी हो सकती है, हालांकि यह तत्काल रिकवरी की गारंटी नहीं देता। एमएसीडी 28.13 पर है जबकि इसका सिग्नल 58.25 पर है, जिसका हिस्टोग्राम -30.12 के साथ बेयरिश संकेत दे रहा है। 200-दिवसीय ईएमए 2,326 डॉलर पर है और 50-दिवसीय ईएमए अभी भी 200-दिवसीय ईएमए के ऊपर बना हुआ है, जिससे लॉन्ग टर्म में गोल्डन क्रॉस की स्थिति बरकरार है।
नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट 2,355 डॉलर के क्षैतिज स्तर पर नजर आता है, जिसके बाद 100-दिवसीय ईएमए अहम पड़ाव होगा। यदि दैनिक क्लोजिंग इस क्लस्टर से नीचे होती है, तो कीमत 2,204 डॉलर और उसके बाद 1,972 डॉलर के गहरे स्तरों तक फिसल सकती है। ऊपर की तरफ पहला रेजिस्टेंस 2,548 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। इसके ऊपर निकलने पर 20-दिवसीय ईएमए और 2,636 डॉलर का स्तर सप्लाई जोन तैयार करेंगे, जबकि अगला बड़ा अवरोध 2,781 डॉलर पर होगा। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए पिवट लेवल 2,478 डॉलर है, जिसमें रेजिस्टेंस आर1 2,487 डॉलर और आर2 2,491 डॉलर पर है, जबकि सपोर्ट एस1 2,474 डॉलर और एस2 2,465 डॉलर पर स्थित है। 85.31 का एटीआर दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाता है।
व्यापक क्रिप्टो बाजार में भी मंदी का साया
इथेरियम में आई कमजोरी पूरे डिजिटल एसेट बाजार में देखी जा रही सुस्ती का हिस्सा है। सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन भी दबाव में रही और 83,000 डॉलर के नीचे फिसल गई, जिसमें इस सप्ताह अब तक 4 प्रतिशत का करेक्शन देखने को मिला है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से बुधवार को 487.07 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज हुई, जो 25 जून के बाद एक दिन की सबसे बड़ी निकासी है।
रिपल के टोकन एक्सआरपी में भी बिकवाली हावी रही और इसका भाव 1.40 डॉलर के नीचे आ गया। इसके अलावा कार्डानो और सोलाना जैसी अन्य शीर्ष क्रिप्टोकरेंसीज भी बिकवाली के दबाव में नुकसान झेल रही हैं। रिपल और सोलाना में संस्थागत समर्थन कम होता देखा गया है, जबकि कार्डानो में भी यही रुख जारी है। कुल मिलाकर, वैश्विक व्यापक आर्थिक संकेतकों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने पूरे क्रिप्टो स्पेस में सावधानी का माहौल बना दिया है।
























