अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के ताजे आंकड़ों ने वित्तीय बाजारों में हलचल तेज कर दी है, जिसका सीधा असर डिजिटल एसेट बाजार पर पड़ा है। बुधवार को अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई में उम्मीद से तेज बढ़त दर्ज होने के बाद प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम (ईटीएच) में बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला। इसके चलते इथेरियम 2,500 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया और 24 घंटों के दौरान 3.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,430 डॉलर के आसपास कारोबार करने लगा। मौजूदा समय में लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार इसका भाव 2,417 डॉलर पर आ गया है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 2,497 डॉलर था, जो लगभग 3.20 प्रतिशत की दैनिक कमजोरी दर्शाता है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने बढ़ाई ब्याज दर वृद्धि की आशंकाएं
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी सितंबर महीने के सीपीआई आंकड़ों में महीने-दर-महीने आधार पर 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों के अनुरूप था, लेकिन अगस्त महीने में दर्ज 0.4 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक रहा। दूसरी ओर, सालाना हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 3.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है और पिछले 3.4 प्रतिशत के स्तर से उल्लेखनीय रूप से ज्यादा है।
खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर कीमतों को अलग रखने वाले कोर सीपीआई में भी तेजी देखी गई। कोर मुद्रास्फीति मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत बढ़ी। ये दोनों ही आंकड़े विश्लेषकों के क्रमशः 0.2 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रहे। महंगाई के इस मजबूत रुख ने निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ा दी है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का रुख अपना सकता है।
बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स की उछाल से क्रिप्टो पर दबाव
मुद्रास्फीति रिपोर्ट जारी होते ही सुरक्षित संपत्तियों और सरकारी प्रतिभूतियों में अचानक तेज हलचल हुई। अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया और यह 5.32 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसके बाद इसमें हल्का ठहराव आया और यह 5.22 प्रतिशत पर टिका। सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले बढ़ते रिटर्न ने जोखिम वाली संपत्तियों से नकदी खींचने का काम किया।
इसी दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई), जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को मापता है, मजबूत होकर 102.80 के स्तर को पार कर गया। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है जब डॉलर इंडेक्स इस ऊंचाई पर पहुंचा है। डॉलर और बॉन्ड यील्ड दोनों में एक साथ आई इस मजबूती ने पारंपरिक बाजारों के साथ-साथ क्रिप्टो स्पेस में भी रक्षात्मक रुख को हवा दी, जिससे डिजिटल टोकनों में बिकवाली तेज हो गई।
डेरिवेटिव बाजार में लिक्विडेशन और एक्सचेंजों पर बढ़ता इनफ्लो
कीमतों में तेज गिरावट के कारण फ्यूचर्स और डेरिवेटिव्स बाजार में भारी उठापटक देखी गई। पिछले 24 घंटों में इथेरियम पोजीशनों में कुल 65.42 मिलियन डॉलर का लिक्विडेशन दर्ज हुआ, जिसमें 83 प्रतिशत हिस्सेदारी लंबी यानी लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स की रही। यह लगातार दूसरा दिन था जब लॉन्ग ट्रेडर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इससे पहले मंगलवार को बाजार के अचानक पलटने से 120 मिलियन डॉलर मूल्य के इथेरियम लॉन्ग कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गए थे।
बिकवाली का यह सिलसिला केवल डेरिवेटिव्स तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पॉट मार्केट में भी इसके स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। एक्सचेंजों में आने और बाहर जाने वाले सिक्कों के अंतर को दर्शाने वाला ईटीएच एक्सचेंज नेटफ्लो रविवार से लगातार सकारात्मक बना हुआ है, जैसा कि पिछले सप्ताह भी देखा गया था। एक्सचेंजों पर नेटफ्लो सकारात्मक होने का सीधा अर्थ यह है कि निवेशक और ट्रेडर्स अपने कॉइन निजी वॉलेट से निकालकर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर भेज रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से एक्सचेंजों पर सिक्कों का यह अतिरिक्त प्रवाह तत्काल बिकवाली के दबाव से जुड़ा रहा है।
चार्ट पर तकनीकी संकेतक और अहम सपोर्ट स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इथेरियम का अल्पकालिक रुझान कमजोरी की ओर झुका हुआ है। टोकन की कीमत 50-दिवसीय और 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए से नीचे बनी हुई है, जो क्रमशः 2,498 डॉलर और 2,563 डॉलर पर स्थित हैं। लाइव तकनीकी विश्लेषण में 20-दिवसीय ईएमए 2,561 डॉलर और 50-दिवसीय ईएमए 2,497 डॉलर पर दर्ज हैं। हालांकि, इथेरियम अभी भी 100-दिवसीय ईएमए यानी 2,353 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है (लाइव आंकड़ों में 200-दिवसीय ईएमए 2,330 डॉलर पर है), जो दीर्घकालिक प्रवृत्ति को आधार प्रदान करता है। लेकिन अल्पकालिक मूविंग एवरेज को पार करने में असमर्थता यह संकेत देती है कि किसी भी प्रकार की रिकवरी सीमित रह सकती है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 38 के आसपास बना हुआ है, जबकि स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 7 के स्तर पर है (लाइव रीडिंग में फास्ट लाइन 3 और सिग्नल लाइन 13 पर है)। ये संख्याएं बाजार में कमजोर रफ्तार और ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाती हैं, जिससे गिरावट की गति धीमी तो पड़ सकती है, लेकिन जब तक ठोस खरीदारी नहीं लौटती, तब तक रुख पलटने की संभावना कम ही है। लाइव तकनीकी चार्ट पर 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 2,404 डॉलर से 2,820 डॉलर के दायरे में फैले हैं, और वर्तमान पिवट स्तर 2,419 डॉलर के करीब है।
ऊपर की ओर, पहली मजबूत रुकावट 50-दिवसीय ईएमए पर है, जिसके बाद 2,548 डॉलर का हॉरिजॉन्टल स्तर और 20-दिवसीय ईएमए मिलकर एक सघन सप्लाई जोन तैयार करते हैं। यदि तेजी आती भी है, तो टोकन को आगे 2,636 डॉलर और फिर 2,781 डॉलर के उच्च स्तर पर कड़ी बाधा का सामना करना होगा। दूसरी तरफ, नीचे की ओर तत्काल सहारा 2,432 डॉलर के हालिया क्लोज और लाइव सपोर्ट 2,413 डॉलर व 2,410 डॉलर पर है। इसके बाद 2,355 डॉलर का स्तर और 100-दिवसीय ईएमए 2,353 डॉलर पर अहम रक्षा पंक्ति के रूप में खड़े हैं। यदि बिकवाली का दबाव गहराता है, तो नीचे 2,204 डॉलर और 1,971 डॉलर के गहरे सपोर्ट स्तर भी खुल सकते हैं। 52 हफ्तों के दौरान इसका दायरा 1,507 डॉलर से 2,805 डॉलर के बीच रहा है।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज की स्थिति
व्यापक क्रिप्टो बाजार में बुधवार को मिला-जुला रुख देखा गया। रिपल (एक्सआरपी) 1.30 डॉलर और 1.35 डॉलर के प्रमुख मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तरों के बीच एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा, जहां 1.40 डॉलर की ओर इसकी बढ़त भारी सप्लाई के कारण बाधित रही।
दूसरी ओर, बिटकॉइन 84,000 डॉलर से ऊपर बने रहकर अपनी हल्की रिकवरी को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा था और इसका लक्ष्य 85,000 डॉलर के रेजिस्टेंस की ओर था। हालांकि, यह 87,000 डॉलर से 88,000 डॉलर के सप्लाई क्लस्टर को पार करने में फिलहाल सफल नहीं हो सका है। संस्थागत मोर्चे पर, अमेरिकी बाजारों में लिस्टेड बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ में मंगलवार को 175.62 मिलियन डॉलर का शुद्ध इनफ्लो दर्ज किया गया, जबकि सोमवार को इसमें मामूली आउटफ्लो देखा गया था। वहीं पाई नेटवर्क (पीआई) भी 0.0800 डॉलर के ऊपर स्थिर बना रहा, जिसे पिछले दिन की 2 प्रतिशत की तेजी से सहारा मिला था और जिसने इसे पिछले सप्ताह के 0.0774 डॉलर के निचले स्तर से सुरक्षित रखा।























