क्रिप्टोकरंसी बाजार में इस समय असामान्य रूप से शांति का माहौल बना हुआ है, क्योंकि बिटकॉइन की 30-दिन की वोलाटिलिटी इतिहास में केवल पांचवीं बार नास्डैक स्टॉक इंडेक्स से नीचे गिर गई है। विश्लेषणात्मक फर्म के33 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुस्त ट्रेडिंग गतिविधियों और घटते स्पॉट वॉल्यूम ने बाजार की चाल को बहु-वर्षीय निचले स्तर पर ला दिया है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि वोलाटिलिटी में इस तरह की भारी गिरावट ज्यादा समय तक नहीं टिकती और इसके बाद अक्सर किसी भी दिशा में एक बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिलता है। निवेशक अब तकनीकी स्तरों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के कैपिटल फ्लो पर करीब से नजर बनाए हुए हैं ताकि यह समझा जा सके कि अगला बड़ा कदम तेजी की तरफ होगा या मंदी की तरफ।
इतिहास में पांचवीं बार: नास्डैक से नीचे आई बिटकॉइन की वोलाटिलिटी
मंगलवार को जारी के33 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिटकॉइन का 30-दिन की वोलाटिलिटी का आंकड़ा गिरकर 1.132% पर आ गया है, जो 2020 के दशक में इसका चौथा सबसे निचला स्तर है। अगर छोटे समय सीमा की बात करें तो सात-दिन की वोलाटिलिटी घटकर 0.52% रह गई है, जो 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इसके मुकाबले, टेक शेयरों वाले नास्डैक इंडेक्स की 30-दिन की वोलाटिलिटी 1.5% पर अधिक दर्ज की गई। चूंकि बिटकॉइन को आमतौर पर एक हाई-बीटा रिस्क एसेट माना जाता है, जिसमें पारंपरिक शेयर बाजार से अधिक उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए यह स्थिति एक असामान्य घटना मानी जा रही है।
इतिहास पर नजर डालें तो बिटकॉइन की 30-दिन की वोलाटिलिटी इससे पहले केवल चार बार नास्डैक से नीचे गई है: अक्टूबर 2018, अक्टूबर 2022, जनवरी 2023 और अप्रैल 2025। इनमें से तीन मौकों के बाद बाजार में बहुत तेज हलचल देखी गई थी। अक्टूबर 2018 के दौर के बाद अगले दो हफ्तों में बिटकॉइन की कीमत में 40% की भारी गिरावट आई थी। इसी तरह अक्टूबर 2022 के बाद 23.5% की मंदी देखने को मिली थी। इसके विपरीत, जनवरी 2023 की गिरावट के बाद दो हफ्तों में 28.5% की जोरदार बढ़त आई थी, जबकि अप्रैल 2025 में 15.4% की तेजी दर्ज की गई थी। के33 के विश्लेषकों का कहना है कि पुराने रुझानों के आधार पर मौजूदा वोलाटिलिटी में कमी एक असामान्य स्थिति है और निवेशकों को जल्द ही आने वाले बड़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
स्पॉट मार्केट में घटी लिक्विडिटी और Q2 ETF से रिकॉर्ड निकासी
बाजार की इस सुस्ती का असर स्पॉट मार्केट पर भी साफ दिख रहा है, जहां लिक्विडिटी में भारी कमी आई है। पिछले हफ्ते बिटकॉइन का औसतन रोजाना स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम घटकर $1.63 बिलियन रह गया, जो अक्टूबर 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे पिछले हफ्ते भी वॉल्यूम कई सालों के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद इसमें और गिरावट आई।
संस्थागत और ETF के मोर्चे पर, आंकड़ों से निवेशकों के व्यवहार में बदलाव का पता चलता है। दूसरी तिमाही (Q2) के दौरान बिटकॉइन स्पॉट ETF से इतिहास की सबसे बड़ी तिमाही शुद्ध निकासी दर्ज की गई। हालांकि, इस दौरान संस्थागत निवेशकों का कुल एक्सपोजर पहली तिमाही (Q1) के मुकाबले लगभग स्थिर बना रहा। आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि मई और जून के दौरान बिकवाली का मुख्य दबाव नॉन-13F होल्डर्स यानी रिटेल निवेशकों की तरफ से आया था, जबकि बड़े एसेट मैनेजर्स ने अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी।
हालिया साप्ताहिक आंकड़ों में भी सुस्ती जारी है। पिछले हफ्ते स्पॉट बिटकॉइन ETF से $389.71 मिलियन की निकासी हुई, हालांकि सोमवार को $297.56 मिलियन का सिंगल-डे इनफ्लो दर्ज किया गया। बिटफिनेक्स के विश्लेषकों का मानना है कि ETF गतिविधियों में नरमी के कारण क्रिप्टो बाजार में नया फंड नहीं आ पा रहा है, जिससे ओवरऑल लिक्विडिटी सीमित बनी हुई है।
अहम प्राइस टारगेट और ऑन-चेन रिकवरी के संकेत
बिटफिनेक्स के विश्लेषकों ने उन परिस्थितियों का खाका खींचा है जो बिटकॉइन को इस लंबे कंसोलिडेशन से बाहर निकाल सकती हैं। उनका कहना है कि बाजार में टिकाऊ रिकवरी तभी संभव है जब दो रास्तों से लिक्विडिटी वापस आए: पहला, स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार इनफ्लो और दूसरा, स्टेबलकॉइन की सप्लाई में विस्तार। विश्लेषकों के अनुसार, यदि ये दोनों कारक एक साथ सक्रिय होते हैं तो यह संकेत होगा कि कैपिटल ट्रांसमिशन मैकेनिज्म दोबारा जुड़ गया है और यही बिटकॉइन को इस शांति के दौर से बाहर निकालने का जरिया बनेगा।
ऑन-चेन डेटा के नजरिए से बिटफिनेक्स ने महत्वपूर्ण मूल्य स्तर रेखांकित किए हैं। अगर बिटकॉइन $67,176 के स्तर से ऊपर निकलता है तो हालिया खरीदार फिर से मुनाफे की स्थिति में आ जाएंगे, जिससे ऊपर की तरफ बिकवाली का दबाव कम होगा। इसके उलट, यदि भाव मीडियन लेवल से नीचे टूटते हैं तो जून के निचले स्तरों और बीयर-मार्केट साइकिल के निचले स्तर $57,803 का दोबारा परीक्षण हो सकता है। फिर भी, बार-बार परीक्षण के बावजूद बिटकॉइन द्वारा अपने मीडियन रियलाइज्ड प्राइस को बचाए रखना यह संकेत देता है कि आने वाला बड़ा बदलाव ऊपर की तरफ होने की संभावना अधिक है।
लाइव टेक्निकल इंडिकेटर्स और मार्केट स्ट्रक्चर
लाइव मार्केट डेटा से बिटकॉइन की मौजूदा तकनीकी स्थिति का स्पष्ट पता चलता है। बिटकॉइन इस समय $64,601 पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव $64,506 से 0.15% की हल्की बढ़त दिखाता है (जबकि इससे पहले 24 घंटे की अवधि में भाव $64,600 पर 0.6% ऊपर दर्ज किए गए थे)। यह एसेट अपने 52-हफ्तों के दायरे $57,748 से $97,861 के बीच बना हुआ है, जबकि इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिन के औसत के 0.98 गुना पर है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 55 पर न्यूट्रल है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) में हिस्टोग्राम 21.69 के साथ बुलिश सिग्नल दे रहा है, जहां MACD लाइन -71.18 पर अपनी सिग्नल लाइन -92.86 से ऊपर है। 13 का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) बाजार में किसी मजबूत ट्रेंड के न होने की पुष्टि करता है। मूविंग एवरेज में 20-दिन का EMA $63,881, 50-दिन का EMA $64,316 और 200-दिन का EMA $72,732 पर है। वहीं 50-दिन का SMA $63,757 और 200-दिन का SMA $69,041 पर है। 50-दिन का EMA 200-दिन के EMA से नीचे होने के कारण डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड को दर्शाता है।
बॉलिंगर बैंड्स $62,350 से $65,348 के बीच बने हुए हैं, जिसका मिडिल बैंड $63,849 पर है। पिवट पॉइंट एनालिसिस के अनुसार, पहला रेजिस्टेंस R1 $65,029 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 $65,458 पर है, जबकि पहला सपोर्ट S1 $64,088 और दूसरा सपोर्ट S2 $63,575 पर स्थित है। शॉर्ट-टर्म चार्ट पर एक हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न बन रहा है, जहां $63,000 या $63,175 के सपोर्ट लेवल से नीचे टूटने पर और गिरावट आ सकती है। इसके विपरीत, Medium-Term चार्ट पर एक इनवर्स हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न बन रहा है, जहां $66,000 या $66,258 के रेजिस्टेंस लेवल को वॉल्यूम के साथ पार करने पर तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है।
बाकी क्रिप्टो बाजार का हाल: एथेरियम, रिपल और पाई नेटवर्क
बिटकॉइन की इस शांति का असर बाकी ऑल्टकॉइन बाजार पर भी देखा जा रहा है। एथेरियम में कमजोरी बनी हुई है और यह एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है। वहीं रिपल (XRP) $1.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे दबा हुआ है और 2024 वाले निचले स्तरों पर कारोबार कर रहा है। इसके चार्ट पर गिरते हुए मूविंग एवरेज रिकवरी की गुंजाइश को सीमित कर रहे हैं।
पूरे बाजार के संदर्भ में, बिटकॉइन को 50-दिन के EMA के करीब $64,300 पर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिला है, जहां यह पिछले दिन 2.5% की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिससे बाजार की बढ़त सीमित बनी हुई है। दूसरी ओर, पाई नेटवर्क (PI) का दायरा $0.0900 से नीचे बना हुआ है, हालांकि यह $0.0839 के सपोर्ट स्तर से ऊपर टिका है। PI टोकन पर दबाव बना हुआ है क्योंकि कोर टीम 24 अगस्त से AI चालित ऐप बनाने की लागत बढ़ाकर नेटवर्क के वास्तविक उपयोग को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।


















