वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम भरे संपत्तियों (रिस्क एसेट्स) की ओर निवेशकों की रुचि फिर से बढ़ने के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। बीते हफ्ते बिटकॉइन में 2.15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन यह बढ़त पारंपरिक अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले काफी धीमी साबित हुई। इस दौरान एसएंडपी 500 सूचकांक ने 3.51% का रिटर्न दिया, जबकि तकनीकी शेयरों से भरपूर नैस्डैक सूचकांक 5.09% चढ़ गया। जुलाई महीने की पेरोल रिपोर्ट के उम्मीद से कमजोर रहने के बाद शेयर बाजार में यह चौतरफा तेजी देखने को मिली थी।
स्पॉट ETF में लौटा संस्थागत निवेशकों का भरोसा
कीमतों की रफ्तार सुस्त रहने के बावजूद संस्थागत निवेशकों का रुख एक बार फिर क्रिप्टो एसेट्स की तरफ सकारात्मक होता दिख रहा है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पांच कारोबारी सत्रों के दौरान कुल $853.5 मिलियन का शुद्ध प्रवाह देखा गया। यह मध्य अप्रैल के बाद से बिटकॉइन फंड्स के लिए सबसे मजबूत हफ्ता साबित हुआ है।
केवल बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि एथेरियम ETF ने भी लगातार पांचवें हफ्ते अपना सकारात्मक प्रदर्शन जारी रखते हुए $244.9 मिलियन की नई पूंजी आकर्षित की। बिटकॉइन और एथेरियम ETF में आए कुल निवेश का 80% से अधिक हिस्सा अकेले ब्लैकरॉक के वित्तीय उत्पादों में जमा हुआ। यह मजबूत निवेश हाल के हफ्तों में बिटकॉइन से फंड निकालने के रुझान के बाद एक महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है।
ETF निवेश के बावजूद क्यों नहीं बढ़ रही बिटकॉइन की कीमत?
बाजार विश्लेषक फर्म विंटरम्यूट के अनुसार, ETF फंड्स में भारी पूंजी आने के बावजूद बिटकॉइन की कीमतों में उतनी बड़ी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। संस्थागत निवेश में आया यह सुधार सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन केवल एक हफ्ते के आंकड़ों के आधार पर इसे दीर्घकालिक ढांचागत बदलाव नहीं माना जा सकता।
बिटकॉइन का प्रदर्शन पारंपरिक शेयरों से अलग रहने की मुख्य वजह यह है कि ETF की खरीदारी के सामने बाजार में बिकवाली का दबाव (सेलिंग प्रेशर) बना हुआ है। जब तक ETF में फंड का प्रवाह लगातार कुछ और समय तक मजबूती से नहीं टिका रहता, तब तक क्रिप्टो बाजार में पूरी तरह से तेजी का रुख बनना मुश्किल है। आने वाले दिनों में अमेरिका के मुद्रास्फीति आंकड़े, जैक्सन होल सम्मेलन और क्लैरिटी एक्ट से जुड़े घटनाक्रम यह तय करेंगे कि बिटकॉइन अपनी मौजूदा रिकवरी को बनाए रख पाता है या नहीं।
बैंकिंग क्षेत्र में ब्लॉकचेन तकनीक का बढ़ता दायरा
एक तरफ जहां संस्थागत निवेशक क्रिप्टो टोकन की खरीद पर सतर्क नजर आ रहे हैं, वहीं पारंपरिक वित्तीय संस्थान ब्लॉकचेन तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। वेल्स फार्गो इस साल की शरद ऋतु (फॉल्स) में टोकेनाइज्ड डिपॉजिट सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। यह सुविधा शुरुआत में कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए बैंक के अपने ब्लॉकचेन के माध्यम से USD/GBP विनिमय का समर्थन करेगी और 2027 तक इसका विस्तार किया जाएगा।
यह कदम वैश्विक बैंकों द्वारा सेटलमेंट और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने के व्यापक रुझान को दिखाता है। वित्तीय बैंक सीधे तौर पर क्रिप्टो एसेट्स को अपनी बैलेंस शीट में शामिल करने के बजाय ब्लॉकचेन के तकनीकी ढांचे (प्लंबिंग) को अपना रहे हैं ताकि वे अपनी पारंपरिक बैंकिंग प्रणालियों को मजबूत बना सकें।
अल्टकॉइन्स का हाल: डॉगकॉइन में रिकवरी के संकेत, रिपल 20 महीने के निचले स्तर पर
मौजूदा समय में बिटकॉइन का भाव 24 घंटों में 0.6% की गिरावट के साथ $63,514 पर कारोबार कर रहा है। अन्य प्रमुख डिजिटल एसेट्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। डॉगकॉइन का भाव $0.070 के करीब बना हुआ है, जहां बुलिश मोमेंटम और व्हेल्स द्वारा की जा रही खरीदारी से इसमें शुरुआती रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं।
इसके विपरीत, रिपल (XRP), कार्डानो (ADA), सोलाना (SOL) और स्टेलर (XLM) पर दबाव बना हुआ है। रिपल की कीमत गिरकर अपने 20 महीने के निचले स्तर तक पहुंच गई है, जिससे इसके $1.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, डेरिवेटिव्स मार्केट में कमजोरी के कारण कार्डानो और सोलाना में भी हालिया बढ़त गंवाने की आशंका जताई जा रही है।



















