क्रिप्टो बाजार में हाल ही में हुए एक बड़े घटनाक्रम के तहत, स्ट्रेटजी ने अपने डिजिटल एसेट्स पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने बाजार में 1,638 बिटकॉइन की बिक्री की है जिससे उसे कुल 10.47 करोड़ डॉलर की रकम हासिल हुई है। इस ताजा बिक्री के बाद अब कंपनी के पास कुल बचे हुए बिटकॉइन की संख्या घटकर 8,42,138 BTC रह गई है। इस पूरी संपत्ति की यदि कुल खरीद लागत की बात की जाए, तो कंपनी ने इन्हें कुल 63.51 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत पर खरीदा था, जिसमें प्रति बिटकॉइन की औसत खरीद कीमत 75,419 डॉलर बैठती है।
शेयरों की बिक्री से मजबूत किया डॉलर रिजर्व
बिटकॉइन बेचने के अलावा, कंपनी ने अपने MSTR शेयरों के एक बड़े हिस्से को भी बाजार में निकाला है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, फर्म ने लगभग 30.1 लाख MSTR शेयरों की बिक्री की है, जिससे उसे 29.06 करोड़ डॉलर की शुद्ध आय प्राप्त हुई है। इस बिक्री से आए पैसों का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के अमेरिकी डॉलर रिजर्व को मजबूत करने में लगाया गया है, जिससे यह रिजर्व बढ़कर अब 4 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी का यह रिजर्व मुख्य रूप से उसके प्रेफर्ड स्टॉक पर लाभांश भुगतान और बकाया कर्ज पर ब्याज दायित्वों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
लाभांश भुगतान और शेयर रीपरचेज में हुआ फंड का इस्तेमाल
बिटकॉइन की बिक्री से मिले पैसों का उपयोग कंपनी ने कई अन्य वित्तीय मोर्चों पर भी किया है। इनमें से 5.24 करोड़ डॉलर की राशि को प्रेफर्ड स्टॉक के लाभांश भुगतान के वास्ते आवंटित किया गया है। इसके अलावा, डिजिटल क्रेडिट सिक्योरिटीज रीपरचेज प्रोग्राम के तहत Variable Rate Series A Perpetual Stretch Preferred Stock यानी STRC के शेयरों की दोबारा खरीद के लिए 5.23 करोड़ डॉलर की राशि का उपयोग किया गया है। साथ ही, शेयर बिक्री से प्राप्त शुद्ध आय में से 25 करोड़ डॉलर सीधे डॉलर रिजर्व में जोड़े गए, 2.89 करोड़ डॉलर STRC रीपरचेज फंड के लिए रखे गए और 1.17 करोड़ डॉलर कंपनी के कैश बैलेंस में शामिल किए गए।
बड़े वित्तीय घाटे के बीच उठाया गया कदम
यह पूंजीगत गतिविधि ऐसे समय में सामने आई है जब कंपनी को दूसरी तिमाही में भारी वित्तीय घाटे का सामना करना पड़ा है। दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी को कुल 8.33 अरब डॉलर का भारी ऑपरेशंस लॉस हुआ था, जिसका मुख्य कारण उसकी बिटकॉइन ट्रेजरी पर हुए अवास्तविक घाटे थे। शीर्ष क्रिप्टो की कीमतों में आई गिरावट के चलते इस अवधि में कंपनी को 8.32 अरब डॉलर का अनरियललाइज्ड लॉस उठाना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 8.22 अरब डॉलर के नेट लॉस की भी सूचना दी थी और 26 जुलाई तक उसके पास 8.43,775 BTC मौजूद थे। इन सबके बावजूद, कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 4.5 प्रतिशत की BTC यील्ड और 29,997 BTC का लाभ हासिल करने का दावा किया है।
माइकल सैलर की रणनीति पर उठ रहे सवाल
कंपनी के संस्थापकों में शामिल और चेयरमैन माइकल सैलर को इन हालिया बिटकॉइन बिक्रियों के बाद से काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। जब से कंपनी ने बिटकॉइन ट्रेजरी मॉडल अपनाया था, तब से वह लगातार होल्ड ऑन फॉर डियर लाइफ यानी HODL की वकालत करते आए हैं। हालांकि, इन आलोचनाओं के बीच उन्होंने अपने इस निर्णय और वर्तमान स्थिति का पुरजोर बचाव किया है। दूसरी ओर, कंपनी के पास अब भी प्रेफर्ड स्टॉक रीपरचेज प्रोग्राम के तहत लगभग 89.38 करोड़ डॉलर और MSTR कॉमन स्टॉक रीपरचेज प्रोग्राम के तहत 1 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध बची हुई है।



















