रिपल की क्रिप्टोकरेंसी XRP पिछले एक साल में करीब 45% टूट चुकी है और 2024-25 में जो बढ़त हासिल हुई थी, वो पूरी तरह खत्म हो चुकी है। पिछले जुलाई में XRP ने $3.65 की ऑल-टाइम हाई छुई थी, लेकिन अब यह $1.14 के आसपास भटक रहा है। इस तिमाही में कोई खास रिकवरी नहीं दिखी और $1 से नीचे जाने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
पूरा क्रिप्टो बाजार उथल-पुथल में
सिर्फ XRP ही नहीं, पूरा क्रिप्टो मार्केट इस वक्त दबाव में है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पहले हुई डील फेल हो गई और अब स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में बातचीत का नया दौर चल रहा है। दोनों तरफ से कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और महीने के अंत तक किसी समझौते की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन जब तक कोई ठोस नतीजा नहीं आता, तब तक क्रिप्टो बाजार पर दबाव बना रहेगा।
सोमवार को बिटकॉइन और एथेरियम भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। XRP का रुझान आमतौर पर इन दोनों बड़े कॉइन के साथ ही चलता है, इसलिए इसमें अचानक तेजी की उम्मीद फिलहाल कमजोर है। पूरा बाजार मैक्रोइकोनॉमिक दबाव की चपेट में है, जो इंडेक्स में ग्रोथ को रोक रहा है। यहां से जल्दी रिकवरी की उम्मीद रखना एक बड़ी चुनौती है और नीचे जाने की संभावना ऊपर जाने से ज्यादा दिखती है।
निवेशकों के सामने क्या है रास्ता
XRP में लंबे समय से चली आ रही गिरावट निवेशकों का धैर्य आजमा रही है। अगर बाजार में कोई उछाल नहीं दिखता तो नए निवेश आने कम हो जाते हैं, जिससे गिरावट और गहरी हो सकती है। यही वजह है कि XRP के $1 से नीचे जाने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अगर XRP $1 से नीचे आता है तो उस स्तर पर खरीदारी करना भविष्य में फायदेमंद हो सकता है, जब बाजार में रिकवरी आए। हालांकि $1.14 के मौजूदा स्तर पर भी निवेश करना जोखिम भरा है क्योंकि ग्लोबल हालात अभी निवेशकों के पक्ष में नहीं हैं और निवेश की गई रकम डूब सकती है। XRP के अलावा कार्डानो का ADA, सोलाना और बाइनेंस कॉइन भी गिरावट की राह पर हैं।













