देश की राजधानी नई दिल्ली में आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को इस बहुपक्षीय सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। आयोजन के दौरान दुनिया के कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्ष और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में मौजूद रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय नेताओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। इस योजना का मुख्य मकसद सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखते हुए आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों की आवाजाही को भी यथासंभव सुगम बनाए रखना है।
लुटियंस दिल्ली और प्रमुख कॉरिडोर्स पर रहेगा यातायात नियंत्रण
विदेशी प्रतिनिधियों और वीवीआईपी काफिलों की निर्बाध आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। 11 से 13 सितंबर 2026 तक दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात पाबंदियां और डायवर्जन प्रभावी रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित किए गए मुख्य प्रभावित क्षेत्रों में लुटियंस दिल्ली, प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम, चाणक्यपुरी, कनॉट प्लेस और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से मध्य दिल्ली को जोड़ने वाले प्राथमिक मार्ग शामिल हैं। इन कॉरिडोर्स पर आम वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित या पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा।
शहर के भीतर यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 22 प्रमुख चौराहों और जंक्शनों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा और जाम से बचने के लिए निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। मेट्रो सेवाओं के इस्तेमाल से वीवीआईपी रूटों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के यात्रियों के लिए अलर्ट
सम्मेलन के दौरान यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आईजीआई एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा योजना में पर्याप्त अतिरिक्त समय शामिल करके ही घर से निकलें। इसके अलावा यात्रियों से केवल ट्रैफिक पुलिस द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक और निर्धारित मार्गों का पालन करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की अनिश्चितता से बचा जा सके।
यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ओला, उबर और भारत टैक्सी जैसी प्रमुख ऐप-आधारित कैब कंपनियों के प्रबंधकों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। इन बैठकों में कैब चालकों और कंपनियों को सम्मेलन के दौरान तय नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पुतिन और जिनपिंग समेत वैश्विक नेताओं का आगमन
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी एक संस्थापक सदस्य के रूप में कर रहा है। इससे पहले भारत ने साल 2012, 2016 और 2021 में सफलतापूर्वक ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली थी। यह चौथी बार होगा जब भारत इस प्रतिष्ठित समूह के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
इस वर्ष दिल्ली में आयोजित हो रहे सम्मेलन में वैश्विक राजनीति के कई बड़े चेहरे हिस्सा लेंगे। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की पूरी संभावना है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में रूस की आधिकारिक यात्रा की थी, जहां उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आने की पुष्टि की थी।
ग्लोबल इकोनॉमी में ब्रिक्स का विस्तार और भूमिका
ब्रिक्स समूह की स्थापना मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका को मिलाकर की गई थी। इसके बाद समूह के भौगोलिक और आर्थिक दायरे में विस्तार देखा गया। साल 2014 में हुए विस्तार के अंतर्गत मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) और सऊदी अरब इस समूह के पूर्णकालिक सदस्य बने। तत्पश्चात वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस संगठन का सदस्य बन गया।
इसके अलावा वर्ष 2025 में ही 10 अन्य राष्ट्रों को ब्रिक्स के साझेदार देश के रूप में जोड़ा गया। इन साझेदार देशों में बेलारूस, बोलिविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। वर्तमान में ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य देशों के पास वैश्विक आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस समूह की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में यह समूह करीब 26 प्रतिशत का योगदान देता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के इतर बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि बढ़ते संरक्षणवाद और टैरिफ की अनिश्चितता के बीच ब्रिक्स समूह वैश्विक मंच पर एक मजबूत और एकजुट आवाज बनकर उभरा है।





















