देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले दिल्ली के एयरोसिटी स्थित प्रमुख 5-स्टार लग्जरी होटलों की खान-पान व्यवस्था और रसोई स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। आगामी 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है, जिसमें दुनिया भर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, उच्चस्तरीय प्रतिनिधि और वीआईपी मेहमान भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। इन विदेशी मेहमानों के ठहराव और खान-पान के लिए एयरोसिटी के नामचीन लग्जरी परिसरों को चुना गया है। हालांकि इस महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन से पूर्व खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान में होटलों के किचन की ऐसी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जिसने 5-स्टार आतिथ्य की स्वच्छता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंदाज दिल्ली के किचन में एक्सपायर्ड खाना और कॉकरोच मिले
हयात समूह द्वारा संचालित प्रसिद्ध 5-स्टार होटल अंदाज दिल्ली में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की टीम ने 22 जून 2026 को अचानक औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान होटल के मिष्ठान और कन्फेक्शनरी अनुभाग की स्थिति बेहद खराब पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पेस्ट्री और स्वीट सेक्शन में लगभग 87 किलोग्राम समय सीमा समाप्त (एक्सपायर्ड) मिठाइयां रखी मिलीं। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होने के कारण इस पूरी असुरक्षित सामग्री को अधिकारियों की उपस्थिति में तुरंत मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। इसके अलावा बेकरी अनुभाग में रखे गए ब्रेड और केक बेस की स्थिति भी अत्यधिक सड़ी-गली पाई गई।
निरीक्षण टीम ने रसोई के माहौल की जांच करते हुए पाया कि पेस्ट्री तैयार करने वाले टेबल और आसपास के क्षेत्र में मक्खियां और कॉकरोच रेंग रहे थे, जबकि संपूर्ण किचन परिसर में भारी दुर्गंध फैली हुई थी। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों की अनदेखी का एक और खौफनाक मामला सामने आया, जहां शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों की कटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले बोर्ड्स को एक ही गंदे पानी से भरे बर्तन में डुबोकर रखा गया था। यह लापरवाही शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के बीच क्रॉस-कंटेमिनेशन (आपसी संदूषण) के खतरे को दर्शाती है।
जेडब्ल्यू मैरियट में दो दिवसीय रेड के दौरान 59 गंभीर खामियां उजागर
इसके उपरांत खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने एयरोसिटी स्थित एक अन्य प्रसिद्ध 5-स्टार होटल जेडब्ल्यू मैरियट में 24 और 25 अगस्त 2026 को दो दिवसीय व्यापक जांच अभियान चलाया। इस विस्तृत निरीक्षण में कुल 59 गंभीर कमियां और सुरक्षा नियमों की अवहेलना पकड़ी गई। होटल के लोकप्रिय 'K3' रेस्तरां में उपयोग किए जाने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता बेहद खराब मिली, जिसमें आंखों से दिखने वाले कचरे के कण तैरते हुए पाए गए। इतना ही नहीं, जिस बॉटलिंग टैंक में पानी भरा जाता था, उसकी आंतरिक सतहों पर भारी जंग लगा हुआ मिला।
होलसेल कोल्ड स्टोरेज और ड्राई स्टोरेज एरिया में खाद्य वस्तुओं के रख-रखाव में भी गंभीर लापरवाही उजागर हुई। स्टोरेज में रखे डिब्बों पर गलत स्टिकर चिपकाए गए थे, जहां समुद्री खाद्य पदार्थ यानी झींगे (प्रॉन्स) वाले डिब्बे पर फ्रूट जूस का लेबल लगा था, और फ्रूट जूस वाले डिब्बे पर झींगे का लेबल चिपकाया गया था। शीतलन कक्ष में जांच के दौरान सड़े हुए सेब और सड़े टमाटर पाए गए, जबकि भोजन तैयार करने तथा परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में बाल और गंदगी चिपकी हुई पाई गई।
अधिकारियों ने एकत्र किए नमूने और जारी की सख्त चेतावनी
दो दिवसीय निरीक्षण कार्रवाई संपन्न होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की टीम ने दोनों लग्जरी होटलों में पाई गई असुरक्षित, बासी, सड़ी-गली और एक्सपायर्ड खाद्य वस्तुओं को तत्काल प्रभाव से नष्ट करवा दिया। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों के तहत विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न भोजन तथा पेय पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत रासायनिक और सूक्ष्मजैविक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने अंदाज दिल्ली और जेडब्ल्यू मैरियट के होटल प्रबंधन को सभी 59 खामियों और स्वच्छता संबंधी मुद्दों को तुरंत ठीक करने की अंतिम चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सम्मेलन से पूर्व सभी मानक दुरुस्त किए जाएं, अन्यथा होटल प्रबंधन के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















