दिल्ली के रोहिणी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां दसवीं कक्षा की एक छात्रा द्वारा छेड़छाड़ का विरोध करने पर तीन युवकों ने उस पर कथित तौर पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में जब पीड़िता की बचाव के लिए उसकी 45 वर्षीय मां और 80 वर्षीय दादी सामने आईं, तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ मारपीट की। इस अप्रत्याशित हमले में तीनों महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, डॉक्टरों की देखरेख में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रोहिणी में पुराना विवाद और गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, रोहिणी जिले में हुई इस वारदात के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश भी बताई जा रही है। घर के पास रहने वाले तीन लड़कों ने इस घटना को अंजाम दिया। खास बात यह रही कि हंगामे के दौरान आरोपी पक्ष के एक लड़के के सिर पर भी डंडे से वार किया गया, जिससे वह भी जख्मी हो गया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज की और मुख्य आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से गहनता से छानबीन कर रही है ताकि अन्य संलिप्त लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
कश्मीरी गेट इलाके में चलती बस में गंभीर अपराध
राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रोहिणी की घटना के अलावा एक अन्य सनसनीखेज मामला सामने आया जिसमें उत्तर प्रदेश की एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस के अंदर गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। यह दिल दहला देने वाली घटना 4 अगस्त की रात को कश्मीरी गेट इलाके में एक स्लीपर बस के भीतर हुई थी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बस के चालक और कंडक्टर दोनों को धर दबोचा है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
घर से निकलने के बाद भटकी थी पीड़िता
पुलिस सूत्रों से प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पीड़ित नाबालिग छात्रा मूल रूप से मैनपुरी जिले की रहने वाली है। गत 4 अगस्त को वह अपने परिवार को बिना बताए घर से बाहर निकल आई थी। परिजनों के साथ किसी बात पर हुए मनमुटाव और विवाद के बाद वह नोएडा में रहने वाली अपनी कजिन से मिलने के लिए रवाना हुई थी। उस दिन भारी बारिश और घने अंधेरे के कारण छात्रा अनजाने में गलत जगह यानी परी चौक पर उतर गई, जिससे वह पूरी तरह रास्ता भटक गई।
लगभग 47 किलोमीटर तक दिल्ली-एनसीआर में घूमती रही बस
रास्ता भटकने के बाद उस अकेली छात्रा ने मदद की उम्मीद में वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को रुकने का इशारा किया। बस के चालक और कंडक्टर ने उसे अंदर बैठने की अनुमति दी और यह भरोसा दिलाया कि यह बस नोएडा सेक्टर 63 जा रही है। लेकिन इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ विश्वासघात किया। पुलिस के मुताबिक, वह बस दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में करीब 47 किलोमीटर तक दौड़ती रही। इस दौरान आरोपियों ने अपराध को अंजाम दिया और अंत में पीड़िता को एक बड़े ट्रांजिट टर्मिनल के पास लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए।



















