नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक और संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि विगत एक दशक के दौरान दोनों देशों के राजनयिक व आर्थिक संबंधों में निरंतर मजबूती आई है।
द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
दोनों राष्ट्रों ने आने वाले 5 वर्षों के भीतर अपने आपसी व्यापार को वर्तमान स्तर से दोगुना करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। वाणिज्यिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से भारत ने बेल्जियम की कंपनियों के लिए एक विशेष फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म स्थापित किया है, जिससे निवेशकों को व्यापारिक प्रक्रियाओं में सुगमता और शीघ्र स्वीकृतियां मिल सकें। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने हीरे के कारोबार (डायमंड ट्रेड) को बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन की भी सराहना की।
रक्षा और तकनीक में जोरावर टैंक परियोजना पर सहयोग
भारत और बेल्जियम का सहयोग अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह रक्षा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुका है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि दोनों देश जोरावर टैंक के विकास और निर्माण पर मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में यह संयुक्त प्रयास दोनों देशों के तकनीकी तालमेल और रणनीतिक विश्वास को दर्शाता है।
क्लीन एनर्जी और निवेश का सुगम माहौल
वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को ध्यान में रखते हुए क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत किया जा रहा है। भारत सरकार बेल्जियम के व्यवसायों के लिए देश में व्यापार करने के माहौल को अधिक सरल और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, इस ऐतिहासिक मुलाकात से भविष्य में भारत और बेल्जियम के बीच पूंजी निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।



















