राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को ऐतिहासिक जामा मस्जिद के आसपास प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन किया। जामा मस्जिद से सटे तीन पार्कों के भीतर बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण कर दुकानें और अन्य ढांचे खड़े किए गए थे। इन अवैध कब्जों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद दिल्ली नगर निगम यानी MCD की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और पार्कों में बनाई गई अवैध दुकानों को पूरी तरह से गिरा दिया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध और एहतियात
जब एमसीडी की टीम अवैध निर्माण को ढहाने के लिए मौके पर पहुंची, तो कुछ स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश की। हालांकि, यह पूरी कार्रवाई सीधे तौर पर अदालत के आदेशों के तहत चलाई जा रही थी और इलाके में पुलिस का पुख्ता बंदोबस्त भी किया गया था। कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते विरोध प्रदर्शन करने वाले ज्यादा कुछ नहीं कर पाए। पार्कों के गेट पहले ही बंद कर दिए गए थे ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके बाद पूरी सावधानी के साथ अतिक्रमण को हटाया गया और निगम की टीम ने कार्रवाई के तुरंत बाद वहां निकले मलबे को भी मौके से उठवा दिया ताकि रास्ते साफ रहें।
अधिकारियों की सतर्कता और अफवाहों पर रोक
कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इलाके में यह अफवाह फैला दी गई कि एमसीडी का बुलडोजर सीधे जामा मस्जिद पर चलाया जा रहा है और मस्जिद को गिराने की तैयारी चल रही है। गनीमत यह रही कि एमसीडी के अधिकारी और पुलिस बल पहले से पूरी तरह मुस्तैद थे। प्रशासन को इस तरह की अफवाहों की आशंका पहले से ही थी। जैसे ही इलाके में लोगों की भीड़ जुटी, पुलिस ने तुरंत लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट शुरू कर दी। लोगों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि बुलडोजर की यह कार्रवाई केवल जामा मस्जिद के आसपास के पार्कों में हुए अवैध निर्माण और कब्जों के खिलाफ है, इसलिए कोई भी नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दे।
पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी के अमले ने सोमवार सुबह ही इलाके में डेरा डाल दिया था और स्मारक के पास सार्वजनिक जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए ढांचों को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया था। एक सीनियर अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि जामा मस्जिद के पास प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की यह मुहिम चलाई जा रही है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
ऐतिहासिक महत्व और पर्यटकों की आवाजाही
गौरतलब है कि दिल्ली की प्रमुख मुगलकालीन और ऐतिहासिक धरोहरों में शुमार जामा मस्जिद देखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय नमाजी पहुंचते हैं। इसके आस-पास का पूरा क्षेत्र काफी भीड़भाड़ वाला और व्यस्त कारोबारी इलाका है। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि नगर निगम की यह संपूर्ण कार्रवाई जामा मस्जिद के आसपास लगातार बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण और निर्माण कार्यों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए ही की गई है।




















