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दिल्ली में SIR प्रक्रिया के बाद जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.7 लाख नाम सूची से हटेदिल्ली
31 अग॰ 2026, 12:49 pm (50 मिनट पहले)· 2

दिल्ली में SIR प्रक्रिया के बाद जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 47.7 लाख नाम सूची से हटे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख नाम बाहर कर दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सार्वजनिक कर दी है। इस ताजा आंकड़े के मुताबिक, दिल्ली में दर्ज कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। मतदाता सूची का यह संशोधन आगामी चुनावों से पहले चुनावी डेटा को दुरुस्त करने की दिशा में एक प्रमुख कदम माना जा रहा है।

किन इलाकों में पड़ा सबसे ज्यादा असर

ड्राफ्ट सूची के विश्लेषण से सामने आया है कि ओखला और चांदनी चौक जैसे घनी आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों से सबसे अधिक मतदाताओं के नाम कटे हैं। इसके अलावा राजधानी के कई अन्य क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर पतों में बदलाव, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाना है। देश भर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर समीक्षा हो रही है, जहां अकेले महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम बाहर होने की संभावना जताई गई है।

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छूटे हुए मतदाता दोबारा कैसे जुड़वा सकते हैं नाम

अगर किसी पात्र नागरिक का नाम इस ड्राफ्ट लिस्ट से हट गया है या छूट गया है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने नाम दोबारा जुड़वाने और सुधार करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया है।

  • ऑनलाइन आवेदन: मतदाता चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए फॉर्म 6 भरकर नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • दावे और आपत्तियां: ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास भौतिक रूप से भी फॉर्म जमा किया जा सकता है।
  • दस्तावेजों का सत्यापन: पते और पहचान के वैध प्रमाण पत्र जमा करने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच कर नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।

सवाल-जवाब

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कितने नाम हटाए गए हैं?
दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
दिल्ली के किन इलाकों में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं?
ओखला और चांदनी चौक जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे हैं।
अगर मेरा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है तो मैं क्या करूँ?
आप ऑनलाइन वोटर हेल्पलाइन ऐप/पोर्टल के जरिए फॉर्म 6 भरकर या अपने बीएलओ के पास दस्तावेज जमा कर नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
मतदाता सूची से नाम हटने के प्रमुख कारण क्या हैं?
पते में बदलाव, दोहरी मतदाता प्रविष्टियां, मृत्यु, या बूथ लेवल अफसर के सत्यापन में अनुपस्थित मिलना इसके मुख्य कारण हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 मिनट पहले

राष्ट्रीय राजधानी में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 47.7 लाख नाम हटना एक बेहद संवेदनशील प्रशासनिक और कानूनी कदम है। ओखला और चांदनी चौक जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने से चुनावी अखंडता और पारदर्शिता की दिशा में बड़े सवाल खड़े होते हैं। यदि प्रक्रिया में कोई कानूनी चूक या तकनीकी विसंगति पाई जाती है, तो यह मामला चुनाव आयोग के समक्ष कानूनी चुनौतियों या जनहित याचिकाओं का आधार बन सकता है। प्रभावित नागरिकों के पास अब फॉर्म 6 के माध्यम से अपने मताधिकार की सुरक्षा का कानूनी विकल्प मौजूद है, जिसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच बहुत आवश्यक होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 मिनट पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना होगा कि ओखला और चांदनी चौक जैसे क्षेत्रों में इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना सिर्फ तकनीकी सफाई नहीं है, बल्कि यह चुनावी समीकरणों को भी गहराई से प्रभावित कर सकता है। चूंकि अकेले महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम हटने की संभावना है, यह राष्ट्रव्यापी अभियान चुनावी लोकतंत्र के भविष्य की रूपरेखा तय करेगा। अब यह चुनाव आयोग और बीएलओ की जिम्मेदारी है कि वे फॉर्म 6 के जरिए आने वाले दावों का त्वरित और पारदर्शी सत्यापन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का संवैधानिक अधिकार न छिने।

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